स्पष्ट मंशा, साफ संदेश, एक्शन मोड में अल्लहण मशीनरी

विलेज टाइम्स समाचार सेवा। पारदर्शी, प्रमाणिक, परिणामों को लक्ष्य बना, शुरु हुई ऑन द स्पॉट, समीक्षाओं से भले ही आराम फरमाती अल्लहण मशीनरी फिलहाल एक्सन मोड में दिख रही हो। मगर प्रमाणिक, परिणामों के अभाव में फिलहाल तो उसके हाथ पैर फूले नजर आते है। फिलहाल जिस तरह से युद्ध स्तर पर वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथों के दुरुस्तीकरण के कार्य सहित शिक्षा सेवा क्षेत्र से जुड़े विभाग अनुजाति, जनजाति, कृषि, खादय और पंचायतों में कर्तव्य निर्वहन को लेकर मातहतों की सांसे फूली उसके पीछे अन्दर खाने की खबर यह है कि कार्यालीन कसावट के साथ मैदानी स्तर पर कसावट का दौर  जमीनी स्तर पर शुरु हो चुका है। जिसमें कार्य के प्रति कोताही बर्तने वालो को सजा तो अच्छे कार्य करने वालो को सराहा भी जा रहा है। 

मगर अल्लड़ मशीनरी की परेशानी का सबब बनी वेतन कटौती का नुक्सा फिलहाल भाई लोग नहीं ढूढ़ जा रहे। जिसको लेकर वह चिन्तित ही नहीं, विचलित भी नजर आ रही है। हड़बड़ाई मशीनरी को नहीं सूझ रहा कि आखिर वह करें तो क्या करें। अब नेतागिरी, मौजमस्ती छोड़ कार्य तो हर हाल में करना है। क्योंकि निलंबन से परहेज रखने वाली श्रीमान का स्पष्ट संदेश है कि अब सजाए बतौर, निलंबन नहीं वेतन कटौत्रा होना चाहिए नो वर्क, नो पे, के फार्मूले को हथियार बना जो हड़कंप मातहतों के बीच मचा है वह काबिले गौर है। 

क्या शिक्षक, क्या अधीक्षक, रोजगार, सहायक, सचिव, उपयंत्री, सरपंच सभी दूर श्रीमान का खौफ व्याप्त है। अब इन प्रभावी बैठकों, संदेशों के परिणाम क्या होगें फिलहाल तो भविष्य के गर्भ में है। मगर जिस संवेदनशीलता के साथ श्रीमान ने मातहतों के बीच नकेल कस आम नागरिक को राहत पहुंचाने की शुरुआत की उसे सुखद व संभावना शील ही माना जायेगा। 
SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment