ये पराकाष्टा सेवा की है या सत्ता की: विधायक भाजपा का होता, तो बात कुछ और होती- शिवराज सिंह

वीरेन्द्र भुल्ले/विलेज टाइम्स समाचार सेवा। सर्वाधिक मतों से जीत प्राप्त ग्राम बेरखेड़ी पहुंचे मप्र के मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनावों में हार-जीत अलग बात है। मैंने 5 महीने का समय मांगा था और बेरखेड़ी के लोगों ने 99 प्रतिशत वोट भाजपा को देकर जो विश्वास मेरी सरकार में व्यक्त किया उस गांव के लोगों को मैं कैसे निराश कर सकता हूं। लोग कहते थे कि चुनाव बाद कोई नहीं आयेगा मैं चुनाव बाद आपका धन्यवाद ज्ञापित करने आया हूं। 

इस बीच वह अपना दर्द भी नहीं छुपा सके और उन्होंने उपस्थित जनसमूहों के बीच कहा कि हार-जीत होती रहती है। अगर भाजपा का विधायक होता तो बात ही कुछ और होती। उन्होंने अपने दर्द भरे उदबोधन में यह ाी कहा कि अचलपुर, बेरखेड़ी का तालाब अवश्य बनेगा जिसकी लागत 18.46 करोड़ होगी। इसके अलावा बेरखेड़ी में एक हाईस्कूल तथा गांव को जोडऩे के लिये लगभग 7 किलोमीटर ल बी पक्की सडक़ और पर्याप्त जल उपलब्ध होने पर नल-जल योजना भी शुरु की जायेगी। मु यमंत्री अपनी सेवा भावना के बसीभूत यही पर नहीं रुके और उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने गरीब, मजदूूरों के हित में बड़े निर्णय लिये है जिसके तहत मप्र का कोई भी मजदूर भू-खण्ड, मकान, स्वास्थ्य सेवा से कोई भी बच्चा कक्षा 1 से पीएचडी तक पैसे के आभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। यहां तक कि अगर किसी कारण बस घर पालक की मृत्यु हो जाती है तो सरकार 2 लाख रुपये देगी। साथ ही हर पंचायत में 5 हजार रुपया अन्तिम संस्कार हेतु भी जरुरतमंदों बचाकर रखेगी। 

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अब 6-9 माह की गर्भवती बहिनों को 4 हजार रुपया प्रति माह व हर बच्चे के जन्म पर 12 हजार रुपया मेरी सरकार देगी। जिससे कुपोषण जैसी महामारी से हमारी माता-बहिने और बच्चों को बचाया जा सके, फिर वह किसी जाति वर्ग के हो।  

उन्होंने भावांतर भुगतान, फसल बीमा और प्राकृतिक आपदा, पीडि़त किसानों के लिये पर्याप्त आर्थिक मदद इसके अलावा अब बेयर हाउस किराया देने की भी बात कही। जिसमें किसान 4 माह तक अपना उत्पादन रख अच्छी कीमत बाजार से प्राप्त कर सकते है एवं रिण भी ले सकते है। मेरी सरकार ने किसानों के लिये ऐसी योजना बनाई है कि अगर प्राकृतिक आपदा में फसल बर्बाद हो जाये, तो सरकार बीमा और अपने खजाने से कुल मिलाकर 55 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर देगी। 

अन्त उन्होंने दोहराया कि जितना मेरी सरकार किसान, गरीब, मजदूरों के बारे में सोचती और करती है शायद ही अन्य किसी सरकार ने सोचा और किया होगा। मेरी सरकार ने जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य ही नहीं, जीवोत्पार्जन के साथ अन्तिम समय तक मदद और सेवा की व्यवस्था की है। 

ये अलग बात है कि मु यमंत्री आये तो धन्यवाद सभा में थे और उन्होंने उपस्थित जनसमूह के बीच अपनी बात रखी भी। मगर जिस तरह योजनाओं की बात उन्होंने कही यह उनकी सरकार की आम जन के प्रति सेवा की पराकाष्टा है या सत्ता की। क्योंकि इससे पूर्व भी कई जनकल्याणकारी सेवा भावी योजनायें विगत 14 वर्ष से मप्र में मौजूद है। मगर हालात बदलने के बजाये बिगड़ते गये। परिणाम कि अवसरों के आभाव में जहां प्रतिभायें दिग्भ्रमित हो, अपनी ऊर्जा का उपयोग न तो अपनी गांव, गली, नगर, जिला, प्रदेश निर्माण में उपयोग कर पा रही है, और न ही उस स्वाभिमान के साथ वह कौम स माजनक तरीके से अपना जीवन निर्वहन कर पा रही है। जिसे अपने पुरुषार्थ पर गर्व भी है और वह अपने पुरुषार्थ के चलते स्वयं को गौरवशाली भी मेहसूस करती है। अब तय मप्र के प्रबुद्धजन, आम नागरिक को यह करना है कि इतनी बड़ी सेवा भावी सरकार के बीच वह अपना सर्वांगीण विकास कैसे संभव और सफल कर पाते है।  
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