जनसंपर्क विभाग के संवाद कार्यक्रम मेंं उभरे कई सुझाव और सवाल, अगर उत्पादक आत्महत्या करेगा तो समाज कैसे जिन्दा रहेगा, सार्थक नीतियों का अभाव सकारात्मक, सृजन में बड़ी बाधा

विलेज टाइम्स समाचार सेवा। 18 मार्च 2018 म.प्र. शिवपुरी। मप्र जनसंपर्क संचनालय द्वारा जल ग्रहण एवं आत्महत्या जैसी जघन्य सामाजिक समस्याओं पर आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में वक्ताओ द्वारा उपस्थित पत्रकारों को पत्रकारिता की बारीकियां जबावदेहियों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसके हर अंग की अपनी जबावदेही होती जिसका निर्वहन हमें पूर्ण प्रमाणिकता के साथ करना चाहिए। 

आज हमारे सामने जल संग्रहण सहित आत्महत्या जैसी समस्याओं के समाधान की बड़ी चुनौती और जवाबदेही है। मगर यह तभी संभव है जब हम प्रमाणिकता, संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इस कार्यक्रम को जहां भोपाल से आये वरिष्ठ पत्रकार एवं कार्यकारी संपादक पवन देवलिया और यू.एन.आई के प्रदेश हेड प्रशान्त जैन ने संबोधित किया। तो शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द्र वशिष्ठ, प्रमोद भार्गव, अशोक कोचेटा ने भी संबोधित किया। वहीं विलेज टाइम्स संपादक वीरेन्द्र भुल्ले, वरिष्ठ पत्रकार राकेश शर्मा ने सवालत के माध्यम से मीडिया की बैवसी पर भी सवाल खड़े किये। 

इस मौके पर विभिन्न संगठनो के अध्यक्ष एवं बड़ी तादाद में पत्रकार गढ़ उपस्थित थे। मगर संवाद के दौरान यह सवाल भी दृढ़ता से सामने आया कि जब उत्पादक भूखा रहेगा आत्महत्या करेगा देश का पेट कैसे भरेगा और समाज कैसे जिन्दा रहेगा। कार्यक्रम का संचालन अरूण उपेक्षित ने किया एवं जनस पर्क अधिकारी श्री भारती ने कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
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