जुनून के आगे जनता का जबरदस्त फैसला

वीरेन्द्र शर्मा/विलेज टाइम्स समाचार सेवा। अब कोलारस उपचुनाव की जीत-हार के कयास राजनैतिक पण्डित जो भी लगाते रहे मगर कोलारस की महान जनता ने जो जबरदस्त फैसला इस उपचुनाव में दिया है वह काबिले गौर है। देखा जाये तो 24 हजार से अधिक मतों से पिछले चुनाव में जीतने वाली कॉग्रेस के जीत का आंकड़ा जहां 8 हजार पर सिमट गया। वहीं ताबड़-तोड़ मेहनत कर जीत का मंसूबा रखने वाली भाजपा जिसे पिछले आम चुनावों में 24 हजार से अधिक मतों से हार मिली थी। उसके हार के आंकड़े को कम कर, 16 हजार मतों का इजाफा हुआ है यह उसकी नीत और नियत सहित वादों को देखकर जनता ने उसे अपना समर्थन दिया। जो भाजपा के लिये सन्तोष की बात होना चाहिए वहीं कॉग्रेस के लिये एक नई सीख।

इस निर्णय से कोलारस की महान जनता ने यह साबित कर दिया कि वह अहम मुद्दों पर जागरुक भी है और सजग भी जैसा कि इस चुनाव परिणाम में देखने को मिला। देखा जाये तो जिस तरह से सत्ताधारी दल ने ताबड़-तोड़ घोषणायें, योजनाओं को स्वीकृति दी। वहां की जनता ने उसे दिल खोलकर वोट दिये। तो दूसरी ओर विपक्षी दल की स्थिति का आकलन करते हुये उसे भी दिल ाोलकर वोट दिये, जो इस बात के स्पष्ट संकेत है। कि कोलारस की जनता ने उनके सुख-दुख और विकास में साथ होने वालों का भी साथ दिया और जिन लोगों ने उनकी आशा-आकांक्षा पूर्ति का बादा किया उनका भी मान-स मान रखा। क्योंकि पहली जबावदेही सत्ताधारी दल की होती है और दूसरी जबावदेही विपक्ष की। सो पूर्व से 16 हजार अधिक मत दें, सत्ताधारी दल को यह संकेत दिया कि यह तो मात्र टेलर है। अगर फिल्म सही हुई और पसंद आयी तो आगे भी इसी तरह मान-स मान किया जायेगा। 

वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल को भी यह स्पष्ट संकेत है कि अगर विपक्ष की जबावदेही ठीक ढंग से नहीं निभाई गयी तो परिणाम आने वाले चुनावों में कुछ भी हो सकते है। यह फैसला तो उस व्यक्ति के लिये था जो आम जन के सुख-दुख में साथ रह, संघर्ष के मार्ग पर हमेशा डटा रहा। इससे साफ है कि कोलारस की जनता सजग ही नहीं, स्वाभिमानी और जागरुक भी है। जो राजनीति के हर हथकंडे का जबाव समय आने पर बखूबी देना जानती है। 
जय स्वराज 
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