स्वयं के साथ सर्वकल्याण ही परम सुख का मार्ग देश के उघोगपतियों के लिये चैरिटी, फिलैन्थ्रेपी के अलावा ऑनर, इनोवेशन और एनवायरमेन्ट भी अहम

विलेज टाइम्स समाचार सेवा: जिन राष्ट्रो को देख या उनसे स्वयं की तुलना करने में हम गर्व कर, स्वयं को गौरांवित मेहसूस करने वाले महानुभावों को देश के लिये अपना बहुमूल्य योगदान करने से पूर्व अपने राष्ट्र और लोगों के जीवन मूल्य हमारा आध्यात्म और तकनीक पर भी ध्यान देना होगा। जिससे मानव ही नहीं, प्रकृति सहित समूचे जीव जगत का कल्याण हो सके और सभी समृद्ध, खुशहाल जीवन जी सके। मगर र्दुभाग्य कि न तो हम, न ही हमारी व्यवस्थायें देश की क्रियेटिव लोगों को वह मान-सम्मान दे पा रही, जिसकी दरकार हर समृद्ध, संपन्न, सभ्य, खुशहाल समाज व राष्ट्र के क्रियेटिव नागरिक को होती है। 

मगर इस सबके बावजूद भी आज हमारे महान उघोगपति, चैरिटी व फिलेन्थ्रोपी में अपनी कमाई का अंश खर्च कर, अपने कर्तव्य और जबावदेहियों का निर्वहन करने में पीछे नहीं रहते, जो हमारे महान राष्ट्र के लिये सुखद बात है। और अपने महान उघोगपतियों पर गर्व करने वाली बात हो। मगर भारतीय समाज और राष्ट्र के लिये स मानजनक बात तो तब होगी जब देश के करोड़ों करोड़ पीडि़त, वंचित लोग अपना भविष्य उज्जवल बना, अपने उघोगपतियों के योगदान पर गर्व कर, देश व समाज के लिये अपना योगदान देने में सक्षम हो स्वयं गौरान्वित मेहसूस करेगें। और यह तब होगा जब हमारे उघोगपति, चैरिटी फैलेन्थ्रोपी से आगे प्रतिभा निखार कर, उन्हें भी मालिक बनने समाज में आगे राष्ट्र सेवा करने में सक्षम बना, एक ऐसा वातावरण निर्माण करने में अपना दान या संस्थाओं, धन का उपयोग करें, जिससे एक सभ्य सुस्कृत, न्यायप्रिय शिक्षित समाज का निर्माण हो जिससे देश के 30 करोड़ से अधिक अधिक गरीबी में जीने वाले लोगों को वह अवसर प्राप्त हो सके जिससे वह अपने जीवन, परिवार, समाज, गांव, गली, नगर, कस्बा, जिला, संभाग, प्रदेश ही नहीं देश को भी समृद्ध, सुसंस्कृत खुशहाल बना सके।  

अपनी कड़ी मेहनत और भाग्य से अकूत दौलत हासिल कर, किसी भी समाज व राष्ट्र के अन्दर विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करते हुये वह महान उघोगपति बनते है। जहां उन्हें समाज, देश ही नहीं विदेशों तक में स मान जनक स्थान प्राप्त होता है। उसके बावजूद उनके द्वारा किसी भी क्षेत्र में चैरिटी तो कोई फिलैन्थ्रेापी के माध्यम से अपना योगदान कर, समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देते है। समाज और देश को अपना योगदान देने वालों में खबरों अनुसार हमारे महान उघोगपतियों में जहां माननीय अजीम जी प्रेम जी, नंदन रोहणी नालेकाणि, सुनील भारती मित्तल, नारायण मूर्ति के दिनेश और परिवार, शिवनाडार परिवार, रोनी, स्क्रूवाला, राहुल बजाज एवं परिवार, पेलोनजी मिस्त्री इत्यादि महानुभाव है। जिसमें अजीम जी प्रेम जी 27, 514 सुनील भारती मित्तल 7000 नन्दन, रोहणी नीलकणी-2,404, नारायाण मूर्ति- 1322 के दिनेश और परिवार- 1238 आंकड़े 26.11.2017 दै.नई दुनिया से सहभार है जो हुरुन इंडिया फिलैन्थ्रोपी सूची 2015 के अनुसार है। 

समाज व राष्ट्र के लिये योगदान देने वाले हमारे इन महान उघोगपतियों के राष्ट्र व समाज में स्वयं के योगदान के अपने-अपने तरीके हो सकते है, वह चैरिटी करे या फिर फिलैन्थ्रोपी। अगर इसे और आगे जाकर सामाजिक वातावरण निर्माण संपूर्ण शिक्षा और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों तक ले जा सके तो यह हमारे राष्ट्र के लिये एक शिक्षित सुखद सुसंस्कृत समाज के निर्माण में दूरगामी कदम होगा। जिस पर हमारे यह महान उघोगपति ही नहीं, समुचा राष्ट्र और देश के करोड़ों करोड़ पीडि़त, वंचित, गरीब भी गर्व मेहसूस कर, स्वयं को गौरान्वित मेहसूस कर सकेगेेंं। 
जय स्वराज     
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