म.प्र. में शिक्षा, स्वास्थ को लेकर सिंधिया चिन्तित

विलेज टाइम्स समाचार सेवा : जनादेश अर्थात जनता जनार्दन का आदेश लोकतंत्र में सर्वोपरि होता है जिसका अक्षरश: पालन करने कॉग्रेस कटिबद्ध है। चूंकि विगत 13 वर्षो से म.प्र. में भाजपा की सरकार है समय-समय पर म.प्र. के समग्र विकास व आम गांव, गली, गरीब, किसान, पीडि़त, वंचितों की पूर्ण निष्ठा ईमानदारी से सेवा के प्रति हम भाजपा सरकार को आगाह करते रहे है। हमने धरना भी दिया आन्दोलन भी किया। मगर स्वयं के विकास में जुटी भाजपा म.प्र. के अहम मुद्दों पर कभी गंभीर नहीं रही, न ही उन समस्याओं पर कभी संज्ञान लिया जो मानव जीवन के लिये कंटक बनी हुई है। 

म.प्र. में बिगड़ी व्यवस्था का परिणाम यह है कि आज समुचा म.प्र. शिक्षा, स्वास्थ सेवाओं से तृस्त है। तबाही के कगार पर जा पहुंची शिक्षा, स्वास्थ, व्यवस्थायें का आलम यह है कि न तो हमारे विद्यालयों में बच्चों को अच्ची गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही मिल पा रही, न ही सहज स्वास्थ सेवाये। 

जो आज हमारे म.प्र. के लिये सबसे बड़ा प्रश्र है शिक्षा और स्वास्थ किसी भी नागरिक की वह नैसर्गिक आवश्यकता होती है जिस पर उसका स पूर्ण विकास टिका होता है। मगर 13 वर्षो से मौजूद भाजपा की भाषण वीर सरकार ने म.प्र. को कहीं का नहीं छोड़ा है। उक्त बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं संसद में सचेतक श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान म.प्र. में शिक्षा और स्वास्थ सेवाओं की स्थिति को लेकर कही। 

उन्होंने कहा कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा ईमानदारी के साथ राजनीति में करते आये है और कर रहे है तथा भविष्य में भी करते रहेगें। मगर अब विचार केवल कॉग्रेस को ही नहीं, भाजपा सरकार सहित म.प्र. की महान जनता जनार्दन को करना है कि हम कैसा म.प्र. चाहते है। 
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