साइलेन्ट मगर, शराब, खनन माफियाओं पर कार्यवाही धमाकेदार कानून के पालनहार ही कार्यवाही में बने रोड़ा

विलेज टाइम्स, समाचार एजेन्सी : म.प्र. शिवपुरी- जिस तरह से शिवपुरी पुलिस ने शिवपुरी पुलिस कप्तान सुनील पाण्डेय के मार्गदर्शन में मगरौनी, बामोर में हुई जघन्य लूट गोलीकांड करने वाले 10-10 हजार के ईनामी लुटेरों की धरपकड़ कर, हाथों-हाथ सीखचों के पीछे भेजा है। और जिस तरह से 32 लाख से अधिक की अवैध शराब व 164 डंबर रेत मय वाहन के 8 एन.एटी मशीन, 8 जेसीबी, 119 ट्राली रेत मय वाहन, 8 पनडुब्बी 1 पोकलेन तथा 107 डंफर रेत, 400 ट्राली एकत्रित रेत जब्त कर सायलेन्ट मगर धमाकेदार कार्यवाहीं की है उसके चलते अपराधी तो अपराधी शराब, खनन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बन गई है।  

26 जनवरी को पुरुस्कृत विभिन्न थाना प्रभारी के पुरुस्कार इस बात के गवाह है कि अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी, कर्मचारी को पुरुस्कार व लेतलाली करने वाले लोगों को दंण्डित करने का क्रम भी पुलिस विभाग में जारी है। विगत दिनों में पुलिस द्वारा लूट की बारदात करने वालो की हाथो-हाथ धरपकड़ व थोक बन्द शराब, खनन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाहीं से जहां अपराधियों एवं शराब खनन माफियाओं में हड़कंप है वहीं दूसरी ओर जान जोखिम में डाल माफियाओं पर हाथ डालने वाले जांबाज कुछ पुलिस वाले को यह अफसोस भी है कि वह जघन्य लूट करने वालो को तो सीखचो के पीछे पहुंचाने में सक्षम है। मगर पकड़े गये अवैध शराब विक्रेता परिवहन कत्र्ता शराब माफिया के संरक्षण के चलते आज भी खुल्लम खुल्ला घूम रहे है। क्योंकि आबकारी विभाग द्वारा विगत 6 महीने में आज तक एक भी अनुमति शराब ठेकेदार के विरुद्ध नहीं दी गई। जिससे उनके चालान न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर पाते। 

न ही खनन करते हुये पकड़े वाहनों पर कोई ऐसी कड़ी कार्यवाही खनन विभाग कर पाता जिससे अवैध उत्खन्न पर रोक लग सके, विगत माहों में शराब व अवैध उत्खन्न पर पुलिस द्वारा की गई थोकबंद कार्यवाहीं के स बन्ध में जब विलेज टाइ स संवाददाता द्वारा शिवपुरी पुलिस अधीक्षक सुनील पाण्डेय से पूछा गया कि पुलिस जिस तरह सायलेन्ट मोड पर रह, धमाकेदार कार्यवाहीं कर रही है उसके पीछे पुलिस की मंशा क्या है। 

इस पर हसमुख मगर संवेदनशील स्वभाव के धनी पाण्डेय कहते है पुलिस का काम कानून संबत अपराधियों की धरपकड़ करना है। पुलिस अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रही है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। फिर अपराधी जो भी हो, उनका रसूख जो भी हो, अगर अपराध होगा तो कार्यवाहीं भी होगी। पुलिस पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। 

उन्होंने मगरौनी बामौर की जघन्य लूट की चर्चा करते हुये कहा कि अपराधी फिलहाल सीखचों के पीछे है जिन पर 10-10 हजार का ईनाम था कुछ शेष बचे है उन्हें भी जल्द पकड़ सीखचों के पीछे पहुंचाया जायेगा। उन्होंने चर्चा के दौरान ही एक सीआरपीएफ के सैनिक की शिकायत सुनते हुये संबन्धित थाना प्रभारी को तत्काल लाइन पर ले, एक मर्तवा फिर से यह साबित किया कि वह अपराध या अपराधियों को किसी भी कीमत पर ब सने तैयार नहीं। अपने खूफिया नेटवर्क के लिये जाने वाले सुनील पाण्डेय जितने सहज, संवेदनशील व्यवहार में है उतने ही वह आम नागरिक की प्राप्त होने वाली शिकायतों को लेकर दिखते है, जितने वह स्वभाव से सरल, हसमुख, संवेदनशील दिखते है उतने ही कार्यवाहीं करने के दौरान कठोर नजर आते है, फिर चाहे वह माफिया, अपराधी हो या फिर उनका विभागीय स्टाफ।  

हालाकि वह यह स्वीकारने में भी कोई संकोच नहीं करते कि शराब, खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार कड़ी कार्यवाहीं को वह सिर्फ पुलिस कार्यप्रणाली का अंग मानते है। जो कि पुलिस का कर्तव्य है और उसका निर्वहन वह हर हालत में अपने अधिनस्तों से चाहते है। जिसमें खामी होने पर वह अपने अमले पर भी कड़ी कार्यवाही करने और अच्छा कार्य होने पर पुरुस्कृत करने से भी नहीं चूकते है।
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