महान मीडिया को सलाम..........? तीरंदाज

व्ही.एस.भुल्ले : भैया- हत्या, लूट, बलात्कार, भ्रष्टाचार का दौर तो थमा नहीं हारे उत्तमप्रदेश  में, के उस पर से गोरखपुर वी.आर.डी मेडिकल कॉलेज में, अक्षम्य मानवीय चूक का मामला उछल पड़ा जिसे लेकर हारे महान मीडिया के भाई लोग, खबर, सेग्मेन्ट में नहीं, पूरे 24 घन्टे का कार्यक्रम बना, निर्विवाद रुप से चला रहे है। मने तो पहले से ही हारी महान मीडिया का कायल हूं, मगर सुना है अब तो हारे मूड़धन्यों ने अब हारे बाबा की समुची सरकार को ही लपेटे में ले लिया है। 

भैये- चुप कर मुये तू कै जाड़े, श्याम श्वेत, ब्लैक इन व्हाइट, धीमी गति के समाचार, साप्ताहिक अखबार थारे को तो थारी शिव सरकार ने ही खबर नवीस मानने से ही इंकार कर दिया है। तभी तो तू जनस पर्क वालो को कभी रिकार्ड, तो कभी अपना आवेदन, विगत 2 वर्षो से कभी कार्यालय में जमा, तो कभी ऑनलाइन कर रहा है। मड़े जाड़ू थारे प्रदेश की शिव सरकार को जिसमें केडर आड़ों के इसारे पर कहीं शराब ठेेकेदार तो कहीं पोर्टल आड़ों को थोक बन्द अधिमान्य होने कार्ड बटते है इतना ही नहीं, अच्छे-अच्छे नौकरशाह केडर आड़ों के सामने पैड़ भरते है। 

भैया- मने ऐसा कै बौल्या जो तने हारे पर ऐसे लूट पड़ा, मने तो सुना था कि आजकल सत्तासीनों, पूंजीपतियों से  सुपारी ले, भाई लोग मीडिया ट्रायल करते है। मगर थारे उत्तमप्रदेश में तो बाबा, जोगी की सरकार है अब तो उस पर भी सवाल हो और गोरखपुर में मातम पूर्ण माहौल है इस पर भी अराजक तत्व व अपराधियों की भरमार है, जिसको लेकर आय दिन मीडिया ट्रायल सुबह से लेकर शाम तक चलता रहता है। सो मने तो मीडिया के ही चाल चरित्र को लेकर सवाल खड़े कर रहा था। और फैक सहित ब्रेकिंग के मसीहा बने उन महान भावों से यहीं जानने की कोशश कर रहा था कि त्याग और तपस्या या  सेवा का भाव उत्तम है या बैलगाम खबरों की भरमार दिखाना उत्तम है। आखिर इस महान लोकतंत्र में जबावदेही तो सभी की है, फिर बैचारे बाबा की निष्ठा पर शक क्यों? 

भैये- तने तो बावला शै तू कै जाड़े थारे उत्तमप्रदेश की सूखी सरस्वती मैया से अभी तक कितना पवित्र जल गुजर चुका है, क्षेत्रीय, प्रादेशिक या दिल्ली के बड़े-बड़े मेडीकल कॉलेज, अस्पतालों में कितनों का जनाजा उठ चुका है, कितने ऐसे बच्चे इस देश के थे जो दुनिया मेें आने पूर्व ही कोख में मार दिये गये, कितने बच्चे देश भर में कुपोषण, टी.वी., डायरिया का शिकार हो बगैर चिकित्सा सुविधा के ही मर गये। निश्चित ही गोरखपुर की घटना एक अक्ष य अपराध है। उस पर से बाबा ने भी तो कहा है कोई व शा नहीं जायेगा, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 

भैया- हारी चिन्ता यह नहीं कि इतने बड़े भारत वर्ष में क्या हो रहा है, हारी बड़ी चिन्ता तो यह है कि जो दृश्य टी.आर.पी. बढ़ाने ट्रायल पर दिखाये जाते है, उनसे देश, समाज या इस महान लोकतंत्र सहित, आम गांव, गली, गरीब, किसान पीडि़त, वंचितों का क्या लाभ हो रहा है। कभी शहीदों के बिलखते परिवारजन, तो कभी डकैती, हत्या, के बलात्कार के शिकार कलफते लोगों के, ऐसे चल चित्रो से हारे महान राष्ट्र व महान नागरिकों सहित हारे स्वाभिमान का कचरा देश ही नहीं, दुश्मनों के देश सहित विश्व विरादरी हो जाता है। 

भैये- मने जानू थारी पीढ़ा, मगर कौन समझायें उन सियासतदारों को जो राष्ट्र जन सेवा छोड़ सत्ता के लिये हर मुद्दों को जनता के बीच ले, उड़ जाते है। और हारा महान मीडिया आड़ों का पूरा कुनवा टी.आर.पी के चक्कर में दनादन 100 तो कोई 10 मिनिट समुचा देश ही नहीं, विश्व ही 50 खबरे दिखा देते है। अब ऐसे में हारे महान नेता, दल, मीडिया की मेहनत और कत्र्तव्य निर्वहन में कोई कमी कहां। भैयू में तो बोल्यू कि जिस छड़ से जो भी मुद्दा देश में सामने आता है तभी से हारे महान व्यान वीरों का प्रदर्शन सडक़ पर कम टी.व्हीयों पर चींकते चिल्लाते मंण्डेलियों के रुप में नजर आता है। बेचारे मीडिया आड़ों का पूरा कुनवा ऑवी बैन सहित ग्राउन्ड जीरों पर कवरेज करने पहुंच जाता है। अब ऐसे में गांव, गली, गरीब, किसान, पीडि़त, वंचितों सहित राष्ट्र का भला हो, या न हो, अगर उनकी मेहनत में कोई कमी हो तो बता।  

भैया- मने समझ लिया थारा इसारा सबसे पहले तो मने शिव सरकार के जनस पर्क में, गांधी जी के फोटो छपे कोरे लेटर पेड को आवेदन समझ देकर आऊंगा, फिर बाढ़ भूस्खलन के चलते अब चारों थाम भले ही न हो, भूपाल, अवध की राजधानी होते हुये, पहले नोयडा के न्यूज रुम, फिर दिल्ली की सडक़ों पर घूम-घूम कर हारे महान नेता, दल, मीडिया आड़ें को देश का समुचा सच हाथों हाथ बताऊंगा, कि आजादी के 70 वर्ष बीत चुके है। मगर देश के शेष वंचित, पीडि़तों के अहम मुद्दों पर कब डिवेट होगी, कब कोख या कुपोषण से मरते बच्चे और आत्महत्या करते किसान, युवाओं सहित माता, बहिनों की लुटती इज्जत, हत्या बचाने हारे महान सदनों में बहस सहित सडक़ों पर डिवेट होगी और कब आधी रात को माननीय न्यायालयों के दरवाजे खुल, इन हत्यारे, बलात्कारी नरपिचाशो को सरेयाम चौराहे पर फांसी होगी और कब इस तरह की घटनाओं की जीरो ग्राउन्ड से सीधे लाइव रिर्पोटिंग होगी।
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