गांधी जी के देश में निहत्थे गरीब किसानों पर गोलियां शर्मनाक सत्याग्रह ही अहंकारी, अत्याचारी सरकार को उखाड़ फैकने का सशक्त माध्यम- सिंधिया

वीरेन्द्र भुल्ले: देश का पहला और एशिया का दूसरा अत्याआधुनिक नेशनल थर्मल पावर इन्जीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य प्रार भ होने के अवसर पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा आयोजित धन्यवाद सभा में पधारे पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं लोकसभा में सचेतक और गुना सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों के बीच अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि महात्मा गांधी जी के देश में निहत्थे गरीब किसानों पर बरसाई गयी गोलियां शर्मनाक। इसका सरकार को जबाव देना होगा सरकार को यह भी जबाव देना होगा कि वह आत्महत्या करते किसानों और वंचित, पीडि़त किसानों का रिण क्यों माफ नहीं कर सकती। जहां एक ओर केन्द्र सरकार उघोगपतियों के तो रिण माफ कर देती है तो कभी वोट हासिल करने उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में रिण माफी की घोषणा कर देती है। मगर म.प्र. के गरीब किसानों के रिण माफ करने के बजाये म.प्र. सरकार की पुलिस निहत्थे किसानों पर गोली चलाती है। 

म.प्र. के मंदसौर में छ: किसानों की हत्या और विगत वर्षो में हुई हजारों किसानों की आत्महत्या तथा मंदसौर के घटनाक्रम के बाद आज तक आये दिन लगातार की जा रही किसानों द्वारा आत्महत्या इस बात का प्रमाण है कि सरकार गरीब किसानों को लेकर कितनी असंवेदनशील एवं अहंकारी है। 

उन्होंने बताया कि जब देश में डॉ. मनमोहन सिंह जी की कॉग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी तब गरीब किसानों के 70 हजार करोड़ के रिण माफ किये गये थे। मगर म.प्र. की अन्यायी, अत्याचारी सरकार को आत्महत्या करते गरीब किसानों के प्रति कोई दर्द नहीं। इसीलिये ऐसी अन्यायी, अत्याचारी सरकार को सत्ता से उखाड़ फैकने का वक्त आ चुका है और ऐसी सरकार को हम महात्मा गांधी जी के सत्याग्रह के मार्ग चल उखाड़ फैकेगें। 

एक अन्य सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि गांधी जी कहा करते थे कि भारत गांव में बसता है और देखा जाये तो गांव की आत्मा किसानों में बसती है। आज भाजपा की इस अंहकारी सरकार में सबसे ज्यादा तृस्त किसान ही है। उन्होंने कहा कि जब वह केन्द्र सरकार में मंत्री थे तो जितनी भी बड़ी योजनायें विकास व जनकल्याण से जुड़ी थी उनकी शुरुआत उन्होंने गांवों स्थापित करके ही की, चाहे गुना का मसाला पार्क, हबीरपुर का प्रशिक्षण केन्द्र, एनटीपीसी इन्जीनियरिंग कॉलेज एवं 3900 करोड़ का ग्वालियर देवास फोरलेन मार्ग हो। उनके निर्णयों में हमेशा गांव, गरीब और किसान के उत्थान और कल्याण की सोच रही।   
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