शिव सरकार से दो-दो हाथ के मूड़ में सिंधिया, सत्याग्रह सम्मेलनों के बाद शिवपुरी सतनबाड़ा में सिंधिया की धन्यवाद सभा 21 जुलाई को

विलेज टाइम्स समाचार एजेन्सी ,वीरेन्द्र भुल्ले : म.प्र. के सियासी हल्कों में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं लोकसभा में सचेतक गुना सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर जो भी चर्चा सरगर्म हो या फिर दल के अन्दर या बाहर सिंधिया के संघर्ष को लेकर कई कयास हो, मगर मंदसौर के गोलीकांण्ड में मृत छ: किसानों की हत्या से आहत सिंधिया आष्ठा से लेकर भोपाल के सत्याग्रह तथा भिण्ड के लहार, श्योपुर के विजयपुर से लेकर बघेलखण्ड के चुरहट तक के किसानों के स मेलनों और अब 21 जुलाई को शिवपुरी के सतनबाड़ा में होने वाली धन्यवाद सभा में सिंधिया की शिरकत को सियासत भले ही जो भी नाम दें, मगर देश का पहला और एशिया का दूसरे नंबर का निर्माणाधीन नेशनल थर्मल पावर, इन्जीनियरिंग कॉलेज जिसकी लागत लगभग 185 करोड़ है 

जो कि उनके ड्रीम प्रोजेक्टों में सुमार है  के पस में आयोजित सभा को धन्यवाद सभा का नाम दिया जा रहा है। मगर क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि ऐसे ऐतिहासिक क्षण में बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय किसान कॉग्रेस कार्यकर्ताओं सहित आम नागरिकों का बड़ी तादाद में जुटना तय है क्योंकि सिंधिया के ड्रीम प्रोजक्ट शिवपुरी शहर में 190 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन मेडीकल कॉलेज, 3600 करोड़ की लागत से बनने वाली ग्वालियर से ब्यावरा तक फोरलेन सडक़ के बाद एनटीपीसी के इस इंजीनियरिंग कॉलेज की शुरूआत को लोग शिवपुरी के गौरव से रूप में मानते हैं। मगर इन सबसे इतर जिस तरह से सिंधिया प्रदेश भर में ताबड़तोड़ सभा, रैलियां कर रहे हैं इससे इस बात के साफ संकेत हैं कि वह म.प्र. के किसानों के साथ हुये या हो रहे अन्याय के खिलाफ अब वह मप्र की शिव सरकार के साथ आर-पार का मूड आ गए हैं। 

देखा जाए तो वह पहले भी अतिवर्षा, सूखा, ओलावृष्टि को लेकर किसानों को राहत दिलाने किसानों को राहत देने में असफल सरकार के साथ कई वर्षो से संघर्षरत है जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर कभी काली पट्टी बांध तो कभी आक्रोश रैलियां के माध्यम से विरोध जताते रहे है। मगर अभी हाल ही में मंदसौर के गोलीकाण्ड में हुई 6 किसानों की मौत से व्यथित सिंधिया म.प्र. की शिव सरकार से अब दो-दो हाथ करने सीधे तौर पर मैदान में नजर आ रहे है। ये अलग बात है कि वह आज भी  स्वयं को कॉग्रेस का सिपाही और एक जनसेवक से अधिक कुछ नहीं मानते। मगर किसानों को र्दुदशा पर वह काफी गंभीर और आक्रोशित नजर आते है। 

फिलहाल तो वह सतनबाड़ा की धन्यवाद सभा में स्वयं के अहम प्रोजेक्टों में से एक प्रोजेक्ट एनटीपीसी कॉलेज जिसकी लागत लगभग 190 करोड़ है जिसमें एनटीपीसी का प्रशिक्षण केंद्र व इन्जीनियरिंग कॉलेज का निर्माण होना है जिसकी भूमि पर सभा में शिरकत करने आ रहे है जो संभवत: देश का पहला एवं एशिया का दूसरा नंबर का इन्जीनियरिंग कॉलेज देश में होगा। वहीं 190 करोड़ की लागत के मेडिकल कॉलेज व 3600 करोड़ की लागत से ग्वालियर, ब्यावरा फॉरलेन मार्ग का निर्माण कार्य भी द्रुतगति से जारी है। 

ऐसे में जहां सिंधिया क्षेत्रीय विकास को लेकर ऐड़ी चोटी का जोर लगाये है जिन्हें सियासी झंझटो से बचाने उन्हें संसद तक में सवाल उठाना पड़े वहीं दूसरी ओर वह म.प्र. के किसानों के साथ विगत वर्षों से हो रहे अत्याचार अन्याय के खिलाफ मोर्चा खोल सरकार सरकार से दो-दो हाथ करने में जुटे है। देखना होगा कि श्री सिंधिया कब तक अपने क्षेत्र के ऐतिहासिक ड्रीम प्रोजेक्टो पर फतह पाते है और प्रदेश के व्यथित किसानों को कब तक न्याय दिला पाते है।
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