केन्द्रीय नेतृत्व ने समझा कद्दावर मंत्री का महत्व म.प्र. की खेल मंत्री यसोधरा राजे पहुंची कर्नाटक

विलेज टाइम्स अपनी मातृश्री कै. राजमाता विजयाराजे सिंधिया से मिले संस्कारों के बल राजनीति में साफ सुथरी राजनीति और कड़ी मेहनत के लिये अपनी पहचान बनाने वाली मृदु स्वभाव मगर तेज तर्रार म.प्र. की खेल युवक कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य मंत्री यसोधरा राजे सिंधिया अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार आज तीसरे दिन कर्नाटक राज्य के कालाबुरागी (गुलबागो) में पत्रकारों को संबोधित करने के बाद विभिन्न उघोगपतियों से भी चर्चा करेंगी। भाजपा आलाकमान के निर्देश पर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की विकास उन्मुख योजनाओं की जानकारी साझा करने म.प्र. से कर्नाटक पहुंची खेल मंत्री को कर्नाटक राज्य के मोहला समावेश कार्यक्रम में शामिल हुई। तत पश्चात शाम को एस.आई. सभा ग्रह में सबका साथ, सबका विकास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अगले ही दिन उन्होंने बिडार नगर में पत्रकारों से चर्चा करते हुये मोदी सरकार की जनकल्याणकारी व विकास उन्मुख योजनाओं के बारे विस्तार से बताया। और शाम को वह बिडार नगर से बसावा कल्याण पहुंची और उन्होंने विशिष्ट अतिथियों से मुलाकात की। 

म.प्र. की खेल युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को अचानक केन्द्रीय नेतृत्व से मिले महत्व के चलते म.प्र. के राजनैतिक गलियारों में चर्चा फिलहाल सरगर्म है। ज्ञात हो कि इससे पूर्व जब वह उघोग मंत्री थी और उनके मंत्री रहते जिस तरह की ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का भव्य आयोजन म.प्र. के इन्दौर शहर में हुआ जिसमें देश ही नहीं विदेशों के कई जाने माने उघोगपति और राजदूतो ने भाग लिया। जिसका उदघाटन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था शायद इस तरह की इन्वेस्टर मीट इससे पूर्व और न ही भविष्य में म.प्र. हो सकी। जिसके चलते वह म.प्र. ही नहीं देश में चर्चाओं में आई। मगर अचानक उनका मंत्रालय सियासी षडय़ंत्रों के चलते छिन जाने के कारण भी वह राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही। 

इसके बाद भी म.प्र. की इस कद्दावर मंत्री ने अपना रास्ता नहीं छोड़ा और पूरे जीजान के साथ म.प्र. में खेल एवं धर्मस्य विभाग की गतिविधियों को आगे बढ़ाना उचित समझा। जिसके चलते आज समुचे म.प्र. में गांव-गांव खेल मैदानों का निर्माण खेल गतिविधियां एवं जर्जर पड़े धार्मिक स्थलों के जीर्णोउद्धार का कार्य जोरो से चल रहा है। मगर इस दौरान उनके खिलाफ षडय़ंत्रों का दौर नहीं थमा और आज जब केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें अहम जबावदेही कर्नाटक राज्य में सौंपी गई तो उसे निभाने भी वह कर्नाटक जा पहुंची। 

देखना होगा कि केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा सौंपी गई इस जबावदेही को वह किस तरह निभा पाती है। और जीवन संस्कृति, संस्कारों की पैरोकार यह कद्दावर मंत्री कर्नाटक में किस तरह से केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियों जनकल्याणकारी एवं विकास उन्मुख योजनाओं का खाका कर्नाटक के लोगों के बीच खींच पाती है। 
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