खबर का असर सरकार ने दिखाई दरियादिली 29 को नहीं, अब 16 को ही होगें गरीबों की बेटियों के पीले हाथ

विलेज टाइम्स, म.प्र. भोपाल- विगत दिनों जब से खबर आयी कि शिवपुरी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत गरीबों की कन्याओं के पीले हाथ निर्धारित तारीख 16 अप्रैल की जगह अब 29 अप्रैल के आयोजन में होगें। मानों उन गरीबों के पैरो तले जमीन खिसक ली जिन्होंने 16 तारीख को शिवपुरी होने वाले मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में अपना रजिस्ट्रेशन करा अपनी बेटियों के पीले हाथ करने के आमंत्रण पत्र छपवा विवाह की तैयारियों के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये थे। जिसको लेकर विलेज टाइम्स ने प्राथमिकता के साथ गरीबों के साथ होने वाले मजाक की खबर प्रकाशित की और परिणाम कि शिवपुरी कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुये निर्णय लिया कि गरीबों की बेटियों के पीले हाथ गरीब अब 16 अप्रैल के ही आयोजन में ही कर सकेगें। कलेक्टर के इस निर्णय से आम गरीब में खुशी की लहर है और सभी ने खुश दिल से कलेक्टर व म.प्र. की संवेदनशील सरकार का धन्यवाद किया है। 

मच्छरों की भरमार का कौन है गुनाहगार , मंत्री जी के निर्देश भी नहीं दिला पाये, शहर के लोागों को मच्छरों से निजात 
विलेज टाइम्स, म.प्र. शिवपुरी- ज्ञात हो कि गत दिनों म.प्र. सरकार की तेज तर्रार धर्मस्य खेल मंत्री श्रीमंत यसोधरा राजे सिंधिया को शिकायत की गई थी। कि शहर के लोग अघोषित बिजली कटौती और मच्छरों की भरमार से परेशान जिस पर मच्छरों की भरमार से स्वयं मंत्री जी ने सहमति जताते हुये तत्काल सीएमओं नगरपालिका को तलब कर मच्छरों का निवटारा कर, दवा छिडक़ाव तत्काल कराने के निर्देश दिये थे। 

मगर हुआ वहीं जो अभी तक नगरपालिका करती आयी है परिणाम कि दवा छिडक़ाव तो दूर की कोणी अभी तो नगरपालिका अमले में मच्छरों से निवटने की चर्चा तक नहीं। इससे अन्दाजा लगाया जा सकता है कि नगरपालिका के आलाअफसर माननीय मंत्री जी को कितनी ग भीरता से लेते है। जबकि दूसरी ओर आलम यह है कि लोगों का टाईफाईड जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होना शुुरु हो गया है। समुचे शहर भर ही नहीं गली मोहल्लों मेंं भी मच्छरों की इतने बड़े पैमानों पर भरमार है। कि लाईट जाते ही वह अपने थोकबन्द आक्रमण से आम आदमी को बेहाल कर देते है। मगर नगरपालिका है कि उसे राजनीति और कमीशन खोरी से ही फुरसत नहीं। जैसे कि आरोप स्वयं पार्षद सरेयाम नगरपालिका कार्यालय में लगाते दिख जाते है। 

देखना होगा कि म.प्र. सरकार धूल, मिट्टी, गड्डे, पानी, बिजली के साथ शहर भर में आतंक पर्याय बन चुके मच्छरों से शहर बासियों को किस तरह निजात दिलाते है। 
SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment