आनन्दित भाव के साथ तनाव मुक्त अध्ययन सफलता की कुंजी

सतनबाड़ा/शिवपुरी। वार्षिक परीक्षाओं के समय तनाव मुक्त अध्ययन सफलता का मार्ग प्रस्त करता है। जिसके लिये आनन्दित भाव के साथ किया गया अध्ययन अहम होता है। जो हमें खुशहाल मन के साथ सफल कार्य करने के लिये प्रेरित ही नहीं, असंभव को भी संभव करने में मदद करता है। 

उक्त बात सतनबाड़ा माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्वराज कार्यक्रम के दौरान माध्यमिक स्कूल की छात्रा छायापाल, प्रिया धाकड़, शैलेश, मनीषा, कृष्णा, खुशबू खान, विक्रम राधा, रीना, प्रेमचन्द इत्यादि ने बोलते हुये कही। बच्चों ने बताया कि परीक्षा पूर्व खुशहाल मन, आनन्दित भाव के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने, होनी वाली परीक्षाओं में सफलता के लिये अनुशासित अध्ययन आवश्यक होता है। 

इस मौके पर स्वराज के मुख्य संयोजक वीरेन्द्र भुल्ले ने भी छात्रों-छात्राओं से मिले टिप्स के आधार पर विचार व्यक्त करते हुये कहा कि तनाव मुक्त शिक्षा और प्रसन्न भाव से किया गया अध्ययन जीवन में अवश्य बड़ी सफलता दिलाता है। हर वर्ष होने वाली परीक्षायें हमारे द्वारा वर्ष भर किये जाने वाले अध्ययन का मूल्याकंन भर है। असल शिक्षा, अध्ययन का आधार हमारे अन्दर छिपी। वह प्रतिभा है, जिसे निखारने का काम हमारे पालक, गुरुजन और शिक्षा की विषय वस्तु तथा हमारे द्वारा किया गया, खुशहाल भाव से तनाव मुक्त वह शैक्षिण कार्य है जो हमे परीक्षाओं में ही नहीं, जीवन में भी सफलता दिलाता है। फिर चाहे वह हमारा समाज को या फिर देश, प्रदेश, जिला, तेहसील, गांव, गली हो, जो हमें नई पहचान दिलाती है। 

इस मौके पर जैन मिलन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मुकेश जैन, गुरुजनों ने अखलेश रमन शर्मा, गोविंद शर्मा, श्रीमती आरती भटनागर, राजरानी गन्र्धव, अनिल, दुबे, रचना शर्मा इत्यादि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अन्त में राष्ट्रीय गीत के साथ भारत माता की जय के साथ समापन किया गया। इस मौके पर खुलकर चर्चा में भाग लेने के लिये स्वराज के मु य संयोजक द्वारा वीरेन्द्र भुल्ले द्वारा स्वराज की ओर से छायापाल, प्रिया धाकड़ को पुरुस्कार भी दिये गये।  
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