जोखिम, मगर सही मोड पर देश

व्ही.एस.भुल्ले। 500-1000 की बन्दिश से लोगों की परेशानी व जोखिम भले ही बड़ा हो, मगर हमारा महान देश फिलहाल सही मोड पर है। जरुरत है धीरे-धीरे देश के गांव, गली, गरीब की बड़ी परेशानियों को कम कर लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें कम कर देश को सही दिशा में ले जाने की और यह तभी स भव है। जब देश के प्रधानमंत्री देश के विपक्ष, बुद्धिजीवी, प्रतिभाओं का स मान करते हुये पार्टी के नफानुकसान को भी देखते हुये देश के अच्छे और सच्चे प्रधानमंत्री के रुप में दरिया दिली दिखाये। जैसा कि वह नोटबंदी के 50 दिन गुजरने के बाद यूपीए सरकार, बिहार की नीतिश सरकार को लेकर दिखाते रहे है। देश की प्रतिभाओं, बुद्धिजीवियों को भी सरकार के सकारात्मक प्रोत्साहन की जरुरत है। जिससे देश की लगभग 83 करोड़ सस्ते राशन की मोहताज गांव, गली, गरीब की जनता व देश का अन्नदाता किसान का जीवन खुशहाल बन, भारत एक शान्त प्रिय सशक्त, स पन्न राष्ट्र बन पाये। 

      और यह तभी स भव है जब देश के प्रधानमंत्री देश के हर नागरिक को अहम मान, योग्यता अनुसार उन्हें संरक्षण दे, देश के लिये सहयोग ले पाये। बगैर यह निर्धारित किये कि यह किस धर्म, जाति, वर्ग, दल से स बन्ध रखता है। क्योंकि प्रधानमंत्री किसी दल विशेष के न होकर समुचे देश के होते है। जिन्हें अपने दल की नीतियां घोषणा पत्र अनुसार जमीन पर लानी होती है। 

      बहरहाल जो भी हो, अगर प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार चाहे, तो देश वासियों द्वारा 50 दिनों तक कष्ट भुगत, जो तोहफा सरकार को दिया है वह सूत सहित चुका ही नहीं, देश को इतना सक्षम बना सकती है। जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की हो। क्योंकि यह समय भारत के इतिहास में नया अध्याय लिपिबद्ध करने का है, अगर इस मोड पर चूक हुई तो अध्याय तो लिखा होगा, मगर हो सकता है वह सुनहरा न हो। 
SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment