माल के 4 आने, ऑयडिए के 12 आने...?

व्ही.एस.भुल्ले @तीरंदाज
भैया- गर आज हारा महान वीर बल जिन्दा होता तो मने भी हाथों हाथ हारे महान भारत और गांव गली, गरीब की खातिर उस महान आत्मा से गुरुदीक्षा लिया होता। मगर कै करु अब तो हारे महान लोकतंत्र में उनके गाड़ी भरे चैले चपाटे ही बचे है। जो राष्ट्र, जन कल्याण के नाम, स्वयं महान बन, माल कूट, सत्ता के मजे लूटने में लगे है। भाया कै हारे महान वीर बल के इन महान अघोषित चैलो चाटों के चलते राष्ट्र भक्त महात्मा  गांधी, लोहिया, पण्डित दीनदयाल सहित बाबा साहब के सपनो का भारत हारे महान लोकतंत्र में बन पायेगा या फिर हारा गांव, गली, गरीब, हारे महान लोकतंत्र में लाइन में लग, इसी तरह धक्के खायेगा। 

भैये- मुये चुपकर कै थारे को मालूम कोणी हारे महान लोकतंत्र में वीरबल के कुछ अघोषित चैलो का कॉरवा चल रहा है। महान चाडक्य का भूत भी कुछ लोगों के सर चढ़ बोल रहा है। अब सत्ता सिंहासन तक पहुंचने का मार्ग गांधी वादी, स्व. पण्डित जी, लोहिया या बाबा साहब वादी हो, मगर राष्ट्र सेवा, जनसेवा के नाम जो बड़ा खेल चल रहा है। जो हारी महान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये बड़ा ही खतरनाक है। 

भैया- तो क्या माल के 4 आने और आयडिये के 12 आने, वाली कहावत अब हारे महान लोककतंत्र से ध्वस्त हो, दम तोड़ जायेगी। और हारे महान चाडक्य, बीरबल के अघोषित तथाकथित चैलो की बाठ लग जायेगी। 
भैये- तने तो बावला शै कै थारे को मालूम कोणी हारे प्रधानमंत्री जी राष्ट्र व जनकल्याण की खातिर बगैर राज्य सरकार व नेता, नेतियों से मदद लिये बगैर ही दिन रात मेहनत कर रहे है। और राष्ट्र तथा जनकल्याण की खातिर बगैर किसी की परवाह किये राष्ट्र हित, जनहित में कई अहम निर्णय ले, उन्हें पूर्ण निष्ठा ईमानदारी के साथ पूर्ण करने संघर्ष कर रहे है।  सत्ता पक्ष के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री जनांकाक्षाओं की खातिर जो निर्णय ले रहे है। उनके दूरगामी परिणाम आना तय है। क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने देश का मर्ज ठीक करने जिस औषधि का इस्तेमाल अपने निर्णयों में किया है वह तमाम जांच व खोबा भरी दवाओंं की जगह मात्र एक टेबलेट से समुचा मर्ज ठीक करने का बीड़ा उठाया है। सो भैयु प्रधानमंत्री जी की मंशा महान है। ये अलग बात है कि उनके निर्णयों के क्रियान्वयन पर फिलहाल कई सवाल है। जिसे विपक्ष के सबसे बड़े दल के भावी नेता भी सार्वजनिक मंचो से इस पीढ़ा के साथ कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया। और आज भी वह एक सशक्त विपक्ष होने के नाते, अपनी मंशा और रणनीति अनुसार पूर्ण निष्ठा ईमानदारी के साथ सवाल उछाल रहे है, फिर भाषा जो भी हो। 

भैया- मने जाडू मगर भाई लोग माने तब न,  मने तो पहले ही बोल्या कि लोकतंत्र का तकाजा है। चुनी हुई सरकार को 5 वर्ष देश की दशा सुधार देश को दिशा देने का मौका है। विपक्ष का काम सवाल खड़े करने का है। और सत्ता पक्ष का कत्र्तव्य जबाव देने का है। जिसको लेकर फिलहाल कोहराम मचा है। मगर भाया तने भी कान खोल कर सुन ले जिसे जो कहना है कह ले, सुन ले, मगर मने इतना ही कहना चाहूं कि यह वो भारत महान है, जिसका आकंलन अक्रान्ता तो छोड़ों अंग्रेज भी नहीं कर पाये। यह 4 आने 12 आने वाले क्या जाने कि भारत क्यों महान है। भारत इस पृथ्वी का वह सर्वोत्तम भू-भाग है जो बड़े-बड़े रिषि मुनी और महान आत्माओं की कर्म स्थली रहा है। जो अनादि काल से मां की तरह पूजा जाता रहा है। जिसे हर नागरिक अपनी मातृ भूमि मान, अपने मान-स मान, स्वाभिमान के लिये कड़ा संघर्ष करता है यहां तक कि अपनी मातृ भूमि की रक्षा के लिये वह जान दे और ले भी सकता है। सौ भाया मने भी अपने महान भारत की मानवता की सेवा में माल के 4 आने और आयडिये के 12 आने वाले फॉरमूले को पूरी निष्ठा ईमानदारी से महान बनाऊंगा। भारत क्यों महान है था रहेगा ये दुनिया को बताऊंगा। बोल भैया कैसी रही।
जय स्वराज
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