नवाचार की गजब मिशाल, मेरठ डी.एम, संवैधानिक संरक्षण में नई ईबारत

विलेज टाइम्स। यूं तो भारत वर्ष में लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे ताकतवर लॉवी आई.ए.एस बन अपनी सेवाये देश को देने वालो के मन में हमेशा से कुछ अलग और बेहतर करने की कोशिस रहती है। मगर इस सबका दारोमदार उनकी मानसिकता, प्रशिक्षण, दक्षता: और कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है और कुछ लोग सेवा के दौरान नये-नये नवाचार कर व्यवस्था एवं समाज को नई दिशा देने में कामयाब भी रहते है जो भविष्य में चलकर उनकी पहचान बनते है।

ऐसा ही कुछ उ.प्र. में एक आई.ए.एस अफसर के रुप में देखने मिलता है। सॉशल मीडिया खासकर फेसबुक पर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सक्रिय मेरठ डी.एम.बी चन्द्रकला इससे पूर्व  उ.प्र. के दो अन्य जिलों में भी रह अपनी सेवायें दे सॉशल मीडिया में काफी लोकप्रिय हुई है, बड़ी तादाद में उनकी कार्यप्रणाली को लाइक करने वाले भी है। 

कारण यह नहीं कि वह एक आई.ए.एस अफसर या किसी जिले की डी.एम. है कारण यह है कि उन्होंने अपनी कार्य प्रणाली के माध्ययम से सॉशल मीडिया जैसे माध्ययम का लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यरत अधिकारी के रुप में एक ऐसा नवाचार किया है जो देश के अन्य अधिकारियों के लिये भी सीख बन सकता है। जो  पहचान उन्होंने संवैधानिक संरक्षण प्राप्त अधिकारी के रुप में देश की नौकरशाही को अपनी कार्य प्रणाली के रुप में दी है। उससे नौकरशाही से हलाक लोगों में तो नौकरशाही को लेकर सटीक संदेश जाता ही है, साथ ही यह विश्वास भी आम नागरिक के बीच स्पष्ट हो जाता है। कि शासकीय सेवा में रहकर जिस तरह अपने कत्र्तव्यों का पालन करते हुये जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यो को कर अपना सामाजिक दायित्व भी निभाता है, वह आज की बिगड़ी नौकरशाही की छवि को सुधारने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। 
बहरहाल उ.प्र. की इस युवा आई.ए.एस का फेसबुक पर बिल्कुल नये नवाचार का क्रम उ.प्र. की सीमायें तोड़ अब अन्य प्रदेशों में भी नौकरशाही को सार्थक संदेश देने में जुटा है।  
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