जब पलटा चंबल का शेर

विलेज टाइम्स। अगर व्हाटसेप्प पर वायरल वीडियो किलिपिंग की माने तो मामला था पूर्व सैनिक की आत्महत्या पर उसे अस्पताल देखने जाने का, मगर देश की सत्ता को लगा कि अगर देश के चुने हुये जनप्रतिनिधि उस सैनिक से मिल लेगें, तो हो सकता है कि कोई बड़ा खतरा देश की सुरक्षा को पैदा हो जाये सो पुलिस मुस्तैद हुई और मु यमंत्री सहित विपक्षी दल के लीडर सहित लोकसभा में विपक्षी दल के सचेतक सांसद पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीच रास्ते में ही धर दबोचा और पुलिसिया स्टायल में कुछ पुलिस वाले जब उन्हें जबरदस्ती ले जाने लगे तो उन्होंने पुलिस की गुन्डई के विरुद्ध पलट कर प्रतिरोध किया। 

फिर क्या था उन्हें पकड़ कर ले जाने वाले पुलिस कर्मी उनसे उलझते नजर आये। मगर तत्काल ही पुलिस को एहसास हुआ कि उसका तरीका गलत है। एक चुने हुये ऐसे जनप्रतिनिधि के साथ जो लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर लोकसभा का स मानित माननीय सदस्य है। उस सदन का जिसमें प्रथम प्रवेश के दौरान देश के प्रधानमंत्री ने उसकी सीढिय़ों पर अपना मत्था टेक उस लोकतंत्र के मन्दिर की पवित्रता को नमन किया था उसी लोकसभा के सदस्य विपक्षी दल के सचेतक को पुलिस ने अमर्यादित व्यवहार कर अपमानित करने का दुसाहस किया। मगर च बल के शेर ने पलटवार कर यह जता दिया कि वह मर्यादित ही नहीं संस्कारवान होने के साथ, दबंग भी है। देश की करोड़ों करोड़ जनता और इस लोकतंत्र की रक्षा केलिये।  
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