आंकड़ों की बाजीगरी से बिलखते लोग

विलेज टाइम्स। म.प्र. के मुख्यमंत्री सहित नवनियुक्त मुख्य सचिव और कुछ ईमानदार आला अफसर मैदानी अमले में जबावदेही, कत्र्तव्यनिष्ठ व्यवस्था बनाने कितनी ही कवायत क्यों न कर लें, मगर म.प्र. में जर्रेरे-जर्रेरे तक फैली मसीहरों की फौज सुधरने वाली नहीं। अखण्ड भ्रष्टाचार की आग झेलता प्रदेश में लगता नहीं कि  भ्रष्ट कत्र्तव्य विमुख अधिकारियों पर कोई असर पढऩे वाला है।

फिलहाल तो मु यमंत्री सहित नये मु य सचिव और म.प्र. मौजूद कुछ ईमानदार कत्र्तव्यनिष्ठ अफसरों की मंशा है कि पीढि़त लोगों को राहत एवं विकास जनकल्याण के कार्य म.प्र. में पूरी पारदर्शिता के साथ तेजी से हो। मगर आंकड़ों की बाजीगरी और जैबे भरने में माहिर म.प्र. में मौजूद कत्र्तव्य विमुख मण्डली इसी को अपना मु य कत्र्तव्य मान चुकी है। लगता नहीं कि ऐसे लोगों में कोई सुधार अब जांच, विभागीय जांच, निल बन, छापा, एफ.आई.आर. से होने वाला है। बल्कि ऐसे लोगों को दोषी पाये जाने पर सीधे बर्खास्त कर सेवा से अलग कर देने की व्यवस्था कानूनन होना चाहिए। और माननीय न्यायालय में पहले ही कैबीनेट लगा ऐसे लोगों को न्यायालय से दोष मुक्त होने के पश्चात ही पुन: सेवा में वापिस लेना चाहिए। त ाी सिस्टम में कुछ सुधार हो सकेगा क्योंकि संवैधानिक संरक्षण और सेवा शर्त कानून का माखौल उड़ा जनता को खून के आंसू रुलाने वालो की आज व्यवस्था में कोई कमी नहीं है, जो अब कोर्ट, हाईकोर्ट ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने से भी नहीं चूक रहे। 

हालिया कई प्रकरण सरकार ही नहीं आम जन के सामने आय दिन आते रहते है, चाहे वह नागरिकों की सेवा सुविधाओं को लेकर हो या फिर जनकल्याण से जुड़े  मामले हो। मगर यहां यक्ष प्रश्र यह भी है कि अपनी कत्र्तव्य विमुखता में मशगूल ये मैदानी अमलो की ये मण्डलिया आती तो आ िार उस समाज से ही है और सेवा निव्रती के पश्चात उन्हें फिर उन्हीं नागरिकों और समाज के बीच रहना होता है। मगर पद पर आते ही या रहते हुये आखिर उनका कार्य व्यवहार उस समाज या अपने ही बीच के व्यक्तियों के साथ ऐसा क्यों हो जाता है, जिसका कुरुप चेहरा देख कोई भी सहम जाये। 

बहरहाल मु यमंत्री व नये मु य सचिव को अपनी नई मंशा अवतरित करने से पूर्व मंथन पश्चात जहर, अमृत, देव, राक्षसों में अन्तर कर दण्ड का प्रावधान करना होगा तभी कोई बदलाब इस प्रदेश में स भव हो सकेगा। देखना होगा कि सरकार और शासन कितना कुछ इस दिशा में कर पाती है।  
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