जन सत्याग्रह के गुर सीखने शिवपुरी पहुंचा विदेशी दल

व्ही.एस.भुल्ले। महात्मा गांधी के विचारों से ओत-प्रोत एकता परिषद के राष्ट्रीय संस्थापक संरक्षक सदस्य पी.व्ही.वी. राजगोपाल के नेतृत्व में किये गये 2007 व 2012 के जन सत्याग्रह की सफलता को लेकर विश्व समुदाय में अहिंसा और सत्याग्रह का संदेश इतना घेरा गया कि गत दिनों गांधी जयन्ती के अवसर पर एकता परिषद की राष्ट्रीश् महिला विंग द्वारा महाराष्ट्र के जल गांव में आयोजित स मेलन में विश्व के 40 देशों की लगभग 250 महिलाओं ने भाग लिया। साथ ही अहिंसात्मक रुप से किये गये जन सत्याग्रह की सच्चाई और सत्याग्रह के गुर सीखने समझने देश भर के दौरे पर निकल पड़ी। उसी तारत य में दो दलो ने श्योपुर व शिवपुरी जिले के ग्रामों में पहुंच सत्याग्रह के तरीकों को जाना व एकता परिषद द्वारा जल, जंगल, जमीन के लिये किये जाने वाले अहिंसात्मक आन्दोलन के सहारे कैसे समस्याओं का निदान सरकार से समन्वय स्थापित कर किया जाता है, जानने का प्रयास किया। 

शिवपुरी में एकता परिषद द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेन्स में विदेशों से आये प्रतिनिधि मण्डल में अजरबेजान (जार्जिया) की जमीरा, केन्या की पामेला, क बोडिया की सोथरी, स्वजरलैन्ड मरियम, कनाडा की एनीप्रिअरसन, नेपाल से र्निमला, राजू केवी एवं एकता परिषद की राष्ट्रीय कनवीनर श्रद्धा एवं बैंगलूर की सुधा रेडी इत्यादि मौजूद थी। जो अपने-अपने देश की जमीन से या महिला एवं मानव अधिकार से जुड़ी समस्याओं के लिये संघर्षरत है। ने अपने-अपने देश की अहम समस्याओं को गिनाया। 

उन्होंने कहा कि वह पी.व्ही.वी. राजगोपाल जी द्वारा भारत के आदिवासी, गरीबों के लिये किये गये 2007 व 2012 के जन सत्याग्रह से प्र ाावित है और उनकी यह कोशिस है कि वह अहिंसा के माध्ययम से सत्याग्रह जैसे आन्दोलन के माध्ययम से उनके देशों में मौजूद समस्याओं का समाधान चाहती। अन्त में उन्होंने कहा कि वह विभिन्न ग्रामों के भ्रमण पश्चात एकता परिषद किये जा रहे कार्यो को देख काफी उत्साहित है। 
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