खुशहाल जीवन के लिये परोपकार अहम: कांची जैन

विलेज टाइम्स/सनी कुशवाह/मप्र शिवपुरी 23 अगस्त 2016। स्वराज द्वारा शा. स्नातकोतर कन्या महाविद्यालय में आयोजित खुशहाल जीवन पर परिचर्चा के दौरान कन्या महाविद्यालय की छात्रा कांची जैन ने कहा सर्वाधिक खुशी का अनुभव अपने कार्यो के अलावा दूसरों के काम आने में है। परोपकार के माध्ययम से जो खुशी की अनुभूति होती है वह किसी भी व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बना सकती है। वहीं कन्या महाविद्यालय की ही छात्रा शिवानी राठौर ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विधाओं में भी ऐसी पद्धतियाँ मौजूद है जो हमारे जीवन में खुशहाली लाती है। 

वहीं स्वराज के संयोजक वीरेन्द्र शर्मा ने कहा आज के प्रतिस्पधी भरे जीवन में खुशहाली लाने हमारे इतिहास, पर परा, संस्कृति और संस्कारों में बहुत कुछ है बस अपनी दिनचर्या से बचे समय से बचे समय में इनसे सीखने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि हम भारत वासी सौभाग्यशाली है क्योंकि हम उस महान जननी की संताने है जहां विलक्षण प्रतिभायें जन्म लेती है। जहां प्रकृति की छत्र-छाया में स्थापित मूल्य सिद्धान्तों का पालन करते हुये लोग खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते है। 

छात्राओं द्वारा किये सवालों और मंच पर मौजूद विद्ववान, प्रोफेसर डॉ. एन.के जैन के सवाल पर संयोजक स्वराज ने कहा कि प्रकृति सन्तुलन आधारित है। यहां गर्व से तात्पर्य उस ऊर्जा से है जो व्यक्ति के अन्दर सकारात्मक भाग पैदा करती है। 

इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मंजुला शर्मा, डॉ.श्रीमती ज्योत्सना सक्सेना, डॉ. एन.के. जैन, श्रीमती भारत सिंह जयन्त, प्रेस क्लब महासचिव मुकेश जैन, स्वराज के धर्मेन्द्र सिंह एवं नई बैकिंग प्रणाली के बारे में जानकारी देने कार्यक्रम में मौजूद एस.बी.आई के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योत्सना सक्सैना ने किया। 
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