सरकार असहष्णुता पैदा कर अपनी असफलताओं से ध्यान बांटना चाहती है: सिंधिया

विलेज टाइम्स। मूल्य सिद्धान्त विमुख, संस्कार विहीन राजनीति अराजकता का कारण बनती है और सरकार अपनी असफलता छिपाने इसको बढ़ावा देने में लगी है हर मोर्चे पर फैल होने के बाद अब उसके पास जनता को बताने कुछ भी शेष नहीं, मसला चाहे आन्तरिक, वाह सुरक्षा का हो या फिर रोजगार का। कोई सरकार इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है कि एक ओर उसकी विदेश नीति सवालो के घेरे में तो दूसरी ओर इस सरकार के मंत्री सदन को सच बताने में अपनी तौहीन मेहसूस करते हो। फिर वह मामले चाहे चीन-पाकिस्तान की दुशहासी रणीति के या फिर आसमान छूती मंहगाई को और बढ़ती बेरोजगारी  के आंकड़ों को लेकर हो। झूठ बोलना मानो भाजपा की फितरत में शामिल हो।

सरकार आने से पूर्व इनके नेता कहते थे कि हर वर्ष 2 करोड़ बेरोजागर हाथों को यह रोजगार देंगें, कालाधन वापिस लायेगें, खायेगें न खाने देगेें, मगर इसके उलट 2 वर्ष में 1 करोड़ हाथों को भी रोजगार यह नहीं दे सके, न ही एक छदम तक काले धन की ये लोग वापिस ला सके, इतना ही नहीं इन्होंने सत्ता के लिये काश्मीर में वेमेल गठबन्धन कर वहां की स्थिति आज ाराब कर र ाी है। 

इन्होंने तो कहा था कि यह सरकार आने के बाद हमारे स मानीय सैनिकों के लिए वन रैंक, वन पेन्शन देगें। मगर इनका झूठ वहां भी पकड़ा गया, जो आज समुचे देश के सामने है। रहा सवाल म.प्र. में मौजूद भाजपा सरकार का तो उसने तो अगर पूर्व मु यमंत्री का आरोप स्वयं की सरकार पर सही है तो म.प्र. की सरकार को सदन ही नहीं प्रदेश की जनता को भी बताना चाहिए कि लिया गया 1 लाख 40 हजार करोड़  के कर्ज को किन कार्यो पर खर्च किया गया जैसा कि आपने आंकड़ा मुझे बताया है इसमें सरकार को संकोच नहीं होना चाहिए कि सरकार द्वारा किये जाना वाला खर्च अन्तोगत्वा जनता का ही धन होता है, फिर बताने में हर्ज कैसा। 

अपने संसदीय क्षेत्र में 4 हजार करोड़ के अधिक के कार्यो उजाड़ और सरकार द्वारा शहर के लोगों से लिये जा रहे प्रति शोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी चुने हुये जनप्रतिनिधि या सरकार का कार्य ही नहीं उसका धर्म भी होता है। कि वह जनता के पूरी निष्ठा ईमानदारी निस्वार्थ भाव से सेवा करे। न कि जिस तरह से आप लोग बता रहे है। और हम आप उन जनकल्याणकारी योजनाओं की र्दुगति देख रहे है, ऐसा हाल करने वाले नेता एवं सरकार को निश्चित ही आने वाले समय में जनता अवश्य दण्डित करेगी। रहा मेरा सवाल तो मैं आप लोगों से अलग नहीं हूं, न ही मैं आपकी समस्याओं  से अलग हूं, आपकी समस्याऐं मेरी समस्याऐं है क्योंकि मैं अपने क्षेत्र को परिवार की तरह देखता हूं और आप लोगों के साथ मैं हर संघर्ष के लिये तैयार हूं, 2018 दूर नहीं, कॉग्रेस की सरकार बनी तो यहीं कार्य आप और हम भूमि पूजन भी करेगें और समय पर उन्हें पूर्ण कर जनता के लिये समर्पित भी करेगेें यह विश्वास में आपकों दिलाता हूं। रहा सवाल मेरा तो जब मेरा परिवार मेरी क्षेत्र की प्रिय जनता जब तक मेरे साथ है तब तक कोई षडय़ंत्र काम नहीं कर सकता। 

ज्ञात हो कि उक्त बात पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेन्स पत्रकारों के सवालों के जबाव में कहीं। 
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