अभागे शहर में दम तोड़ती जनाकांक्षा, लाल फीताशाही ले डूबी शहर, सियासी षडय़ंत्र में कलफते लोग

व्ही.एस.भुल्ले । इतना अत्याचार तो अंग्रेजो के समय में भी न रहा होगा है जितना जनसेवा के नाम इस शहर में हो रहा है, मगर अब शहर वासियों को इस ...

व्ही.एस.भुल्ले। इतना अत्याचार तो अंग्रेजो के समय में भी न रहा होगा है जितना जनसेवा के नाम इस शहर में हो रहा है, मगर अब शहर वासियों को इस नासूर को  विस्तार से समझने की जरुरत है। 

जनसेवा, सुविधा के नाम विगत 10 वर्षो से मचे धमाल ने सारी मर्यादायें तार-तार कर, जनाकांक्षाओं को दम तोडऩे पर मजबूर कर दिया है। नौकरशाही का नंगा नाच सरकार के संरक्षण में जो शुरु हुआ वह अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा। सियासी षडय़ंत्र में कलफते लोग मायूस ही नहीं मजबूर है। कि वह अपनी पीढ़ा सुनाने जाये तो जाये कहां, जिस तरह से नेता, अभिनेता सभी को दरकिनार कर नौकरशाही जिस बड़े पैमाने पर जनाकांक्षाओं के दमन पर उतारु है उसे देख तो यहीं लगता है कि इस लालफीताशाही को सरकार का सीधा-सीधा संरक्षण प्राप्त है। तभी तो उन्हें न तो स्थानीय मंत्री, सांसद या दलो के दल-दल में डूबे नेता भी बेअसर साबित हो रहे। फिर रोजगार विहीन निरीह गरीब जनता की क्या बिसात जो मुंह तक खोल सके। नौकरशाहों द्वारा आम नागरिकों को सरेयाम दुदकारने की जितनी घटनायें इस शहर में घटी है शायद ही म.प्र. के किसी अन्य जिलों में घटी हो। 

शहर में मचे कोहराम पर कयास तो कई हो सकते, मगर जो यक्ष प्रश्र लोगों के सामने है। उन्हें समझने की जरुरत अवश्य है। सबसे पहले शहर को तहस-नहस कर शहर वासियों को खून आंसू रुलाने वाली सीवर योजना की बात करें तो, यह तो शुरु से ही षडय़ंत्र कर शिकार हो ली। 
जिसे पहले नगरपालिका ने दोहा, फिर पीएचई के पाले में डाल दिया। पीएचई ने भी योजना का कार्य 3 भागों में बांट यह संकेत पूर्व में ही दे दिया था, कि यह येाजना पूरी होने वाली नहीं, बरना वह पहले ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का टेन्डर, फिर मैन लाइन का टेन्डर और आखरी में राइजिंग लाइन का टेन्डर लगाती, मगर पीएचई ने ऐसा न करते हुये उसे उल्टा ही कर दिया, जिससे पाइपों की खरीदी कर फिक्सिंग का कार्य बाद में किया जा सके।

दूसरा सवाल- जब डीपीआर बनी और कार्य शुरु होने से पहले अगर उसका अध्ययन कर लिया जाता तो हो सकता यह प्रोजक्ट ही शुरु नहीं हो पाता, क्योंकि सकड़ी सडक़ों गलियों में बसा यह शहर इतनी गहरी खुदाई के लिए न तो तैयार रहता और न ही यह कार्य स भव हो पाता।  
तीसरा सवाल- निर्धारित कार्य योजना न ले, मनमाने ढंग से शहर भर में खुदाई के लिये ले आउट देना भी अपराध की श्रेणी में आता है, जो विधि स बत नहीं है।  
चौथा सवाल- खुदाई के वक्त नागरिकों की सुरक्षा, सुविधाओं  की धज्जियां उड़ा मनमाने ढंग से खुदाई न्याय संगत नहीं थी। 

अन्तिम सवाल इतना सब कुछ हुआ तो विभाग का सुपरवीजन करने वाले अधिकारी और लाल फीताशाही ने जि मेदार लोगों को चिन्हित कर क्या कदम उठाया आखिर बेतरजीह उजड़ते शहर पर संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। आज जब समुचा प्रोजक्ट फैल होने के कागार पर और जनता के गाड़े पसीने की कमाई बर्बादी के कागार पर है और शहर की जनता दुष्वारियों को शिकार है तो क्या सरकार का  कत्र्तव्य नहीं बनता कि वह जनता के साथ हो रहे अत्याचार अन्याय के खिलाफ संज्ञान ले। आखिर हर मंगलवार को होने वाली सरकार की बैठक में यह मामला क्यों नहीं गूंजा? और सरकार ने उन नौकरशाहों के खिलाफ आज तक क्या कार्यवाही की। 
 लगातार भाग-1 

COMMENTS

Name

तीरंदाज,321,व्ही.एस.भुल्ले,515,
ltr
item
Village Times: अभागे शहर में दम तोड़ती जनाकांक्षा, लाल फीताशाही ले डूबी शहर, सियासी षडय़ंत्र में कलफते लोग
अभागे शहर में दम तोड़ती जनाकांक्षा, लाल फीताशाही ले डूबी शहर, सियासी षडय़ंत्र में कलफते लोग
https://2.bp.blogspot.com/-s3JBmr-dEJA/V5b7l4Uce4I/AAAAAAABcCw/l9uCWbzTm-8bE6uisele9QK1jCQbGR0zwCLcB/s1600/sadak%2Bfile.jpg
https://2.bp.blogspot.com/-s3JBmr-dEJA/V5b7l4Uce4I/AAAAAAABcCw/l9uCWbzTm-8bE6uisele9QK1jCQbGR0zwCLcB/s72-c/sadak%2Bfile.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2016/07/blog-post_25.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2016/07/blog-post_25.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy