सूखे से निपटने के लिए बूंद-बूंद पानी को सहेजना होगा: राजगोपाल पी.व्ही.

8 जून 2016 शिवपुरी। जलवायु परिवर्तन और अल्प वर्षा से उत्पन्न सूखा के संकट की भयावहता से निपटने के लिए बूंद-बूंद पानी को सहेजना होगा और इसमें जनता और सरकार अपने धर्म का निर्वाह करे। स्वराज्य अभियान के द्वारा दाखिल सूखे को लेकर याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सरकार पालन करे। उक्त उद्गार एकता परिषद के संस्थापक, प्रख्यात गांधीवादी और जल चेतना संवाद यात्रा के नेतृत्वकर्ता डा.राजगोपाल पी.व्ही. ने यात्रा के शिवपुरी पड़ाव में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।


जल चेतना संवाद यात्रा के तीसरे दिन शिवपुरी के सूंढ पंचायत के तिघरा गांव में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि हमारे पानी को सूरज भगवान चुरा लें इसके पहले हमें ऐसा उपाय करना होगा कि गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में धरती मॉं की गोद में छुपा दें। इसके लिए सभी वर्गो को मिलजुलकर प्रयास करना होगा। तभी सूखे की संकट से निपटा जा सकता है। ग्रामीणों से सर्वोच्च न्यायालय के सूखा राहत को लेकर आदेश की जमीनी हकीकत की पड़ताल करने पर हुई निराशा से खिन्न राजगेपाल जी ने सरकार की संवेदना पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए कहा कि सरकार अदालत के आदेश की अवमानना कर रही है। ज्ञात हो ग्रामीणों से वार्तालाप के दौरान जब उन्होने अदालत के आदेशानुसार बच्चों को मीड डे मिल की उपलब्धता, मनरेगा के अंतर्गत चल रहे मजूदरी, पिछली मजूदरी के भुगतान एवं फसल मुआवजा, प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज उपलब्ध होने, किसानों से बैंक ऋण की वूसली पर रोक, और खेती किसानी के लिए नये ऋण दिये जाने की जमीनी हकीकत पूछा तो ग्रामीणों ने इसको खारिज कर दिया। 

तिघरा गांव में श्रमदान के अंतर्गत चिरैयाताल पर टूटे बांध के निर्माण कार्य को एकता परिषद संगठन के द्वारा कराया जा रहा है। इस बांध के निर्माण से होने वाले लाभों के बारे में राजू आदिवासी ने बताया कि गहलोनी, तिघरा, खुर्द, हिनौतियां इत्यादि 11 गावों के लगभग 50 हजार जानवरों को पीने के लिए पानी उपलब्ध होगा और जल स्तर में वृद्वि से आस पास के हेण्डपम्प चालू हो सकेंगे। ज्ञात हो कि शिवपुरी के इस क्षेत्र में सभी गांवों के हैण्डपम्प सूख गये और ग्रामीणों को दूर दराज से बैलगाड़ी से पानी लाना पडता है। बडे पैमाने पर पशुधन की क्षति भी हुई है। सीताराम यादव ने बताया कि आस पास के लगभग 16 गावें में 10 हजार से भी अधिक संख्या में जानवर मरे हैं। विगत पॉंच वर्षो से बांध टूटा हुआ है किंतु उसके मरम्मत के लिए कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

जल चेतना यात्रा में एकता परिषद के राष्टीय अध्यक्ष डा.रनसिंह परमार, संयोजक श्री रमेश शर्मा, संतोष सिंह, जलाधिकार अभियान के अनिल कुमार गुप्ता, मीडिया सेंटर फार डेवलपमेंट कम्यूनिकेशन के कुलदीप तिवारी, मनीष राजपूत छत्तीसगढ के सीताराम सोनवानी और मुम्बई के युवा साथी दानिश भाग ले रहे हैं। यात्रा आज शिवपुरी से गुना जिले के लिए प्रस्थान करेगी और 13 जून को अशोकनगर, ललितपुर, झासीं, टीकमगढ़ होते हुए दमोह जाएगी।
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