बेटे को बचाने शेरनी की तरह मगरमच्छ से भिड़ी मां और जिन्दा बचा लाई

विलेज टाइम्स/मप्र/शिवपुरी। कहते है अगर दुनिया में कोई सत्य है तो वह सिर्फ मां बेटे का रिस्ता। जन्म देने वाली मां अपने बच्चे की जान बचाने...


विलेज टाइम्स/मप्र/शिवपुरी। कहते है अगर दुनिया में कोई सत्य है तो वह सिर्फ मां बेटे का रिस्ता। जन्म देने वाली मां अपने बच्चे की जान बचाने की खातिर अपनी जान दे भी सकती है और किसी की जान ले भी सकती है।  ऐसा ही एक मामला मायापुर के गांव महुआखेड़ा में सामने आया है। जब एक मां अपनी जान की परवाह किये बगैर अपने बच्चे की जान बचाने मगरमच्छ से भिड़ गई। और करीब 10 मिनिट के संघर्ष के बाद मौत के मुंह में जा रहे अपने बेटे को बचा लाई। 

बच्चों के लिये कभी मां चंडी तो कभी शेरनी के रुप में दिखने के  किस्से,कहानी, कहावत, किताबों में अब तक रही है मगर यह न तो कोई किस्सा, कहानी, किताब, कहावत है बल्कि एक मां और बेटे के साथ घटी जघन्य घटना की हकीकत है। जिसमें एक मां ने निहत्थे होने के बावजूद बेटे की जान बचाने मगरमच्छ से सीधा मुकाबला किया और मगरमच्छ के जबड़े से जिन्दा छुड़ा उसकी जान बचा ली।  मामला म.प्र. के शिवपुरी जिले के अनुभाग पिछोर मायापुर क्षेत्र के ग्राम महुआखेड़ा की है जहां जानवर चराने गये मां, बेटे का है। भीषण गर्मी के दौरान जब बच्चा पास ही पानी लेने पास बह रही ऐर नदी के पास पहुंचा और प्यास बुझाने जैसे ही उसने पानी में हाथ डाला उसी दौरान विशालकाय मगरमच्छ ने कमलेश का हाथ अपने मजबूत जबड़ों से जकड़ लिया। जब कमलेश ने चींखना शुरु किया तो पास ही मौजूद मां ने आकर देखा कि उसके बेटे के हाथ मगरमच्छ के मुंह में है और वह उसे पानी की ओर लिये जा रहा है अपने जिगर के टुकड़े की जान हलक में देख चीत पुकार सुन वह जान बचाने पानी में कूद गई और पास ही पड़े पत्थरों के सहारे वह अपनी जान की परवाह किये बगैर मगरमच्छ से भिड़ गई। 

इस बीच एक मां का अपने बेटे की जान बचाने के संघर्ष के दौरान उसे कई मर्तवा हाथों में चोटे भी आई मगर उसने अपनी चोटो की परवाह किये बगैर वह लगातार मगरमच्छ से संघर्ष करती रही।  

अन्त: मगरमच्छ ने उसके बेटे को छोड़ खुद  की जान बचाना उचित समझा और वह खुद की जान बचाने नदी के गहरे पानी में समा गया। इसे कहते है मां की ममता जो खुद की जान की परवाह किये बगैर मगरमच्छ से सीधा लोहा लेने निहत्थी नदी के पानी में कूद पड़ी और अपने बेटे को जिन्दा बचा लाई। कमलेश की मां गीता बाई और कमलेश का फिलहाल शिवपुरी जिला चिकित्सालय में ईलाज चल रहा है। 

COMMENTS

Name

तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
ltr
item
Village Times: बेटे को बचाने शेरनी की तरह मगरमच्छ से भिड़ी मां और जिन्दा बचा लाई
बेटे को बचाने शेरनी की तरह मगरमच्छ से भिड़ी मां और जिन्दा बचा लाई
https://4.bp.blogspot.com/-f7S6Uu9k8Zw/V0vbLXQKjQI/AAAAAAABSf8/cIexKed1cdEVwHxEbDwxQ53zQQGQoXPNACLcB/s320/child.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-f7S6Uu9k8Zw/V0vbLXQKjQI/AAAAAAABSf8/cIexKed1cdEVwHxEbDwxQ53zQQGQoXPNACLcB/s72-c/child.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2016/05/blog-post_29.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2016/05/blog-post_29.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy