मोदी को लेकर गंभीर नहीं है मप्र सरकार

भले ही मोदी सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने वाले हो और उसके कार्यकाल की उपलब्धि अनउपलब्धि को लेकर सॉशल मीडिया पर समर्थन विरोधियों के बीच संग्राम छिड़ा हो, मगर लगता नहीं कि मे मोदी सरकार की महात्वकांक्षी योजनाओं को लेकर म.प्र. सरकार कुछ ग ाीर है। जितनी भी योजनाये मोदी सरकार द्वारा विगत दो वर्षो के दौरान शुरु की वह म.प्र. में हवा में झूलती नजर आ रही है कारण फिलहाल जो भी रहे हो। मगर म.प्र. सरकार फिलहाल कागजी घोड़े दौड़ा खाना पूर्ति में जुटी है। 


मोदी सरकार इन दो वर्षो में राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत के बल भले अपना लोहा मनमाने की ओर अग्रसर हो, मगर चाकचौबन्द आन्तरिक सुरक्षा कार्यपालिका में पसरी अलाली और राज्यों में फैली व्यवस्था गत अराजकता के सुधार के क्षेत्र में कुछ खास नहीं कर सकी। 
जिसका असर अब मोदी सरकार की उन महात्वकांक्षी योजनाओं पर स्पष्ट दिखने लगा है जो धरातल पर आने से पूर्व ही दम तोड़ती नजर आ रही है। 

इसमें कोई संदेह नहीं कि केन्द्र की मोदी सरकार इन महात्वकांक्षी योजनाओंं का अपना भविष्य और प्रमाणिकता है जिसके दूर गामी परिणाम भी सुखद हो सकते। मगर जिस तरह की फक्का फजीहत इन योजनाओं की राज्य सरकारों की अरुचि के चलते हो रही है वह किसी से छिपी नहीं। 

अब हम म.प्र. को ही ले तो हर योजनाओं को लोजिंग के वक्त तो अफरा तफरी नजर आती है मगर लांचिग के बाद ही कभी न टूटने वाली शान्ति छा जाती है। अब कारण जो भी हो या तो केन्द्र की मोदी सरकार जबानी जमा खर्च के सहारे देश का विकास करना चाहती है, या फिर धन, संसाधन अभावों में जूझती प्रदेश सरकारे काम नहीं करना चाहती अब सच जो भी हो। 
फिलहाल कम से कम म.प्र. में तो ऐसा माहौल नहीं कि मोदी सरकार की महात्वकांक्षी योजनाओं को लेकर म.प्र. सरकार ग भीर हो। 

 फिलहाल जो हालत, स्वच्छता अभियान, जनधन, जीवन सुरक्षा, अटल पेन्शन, ग्रीन इंण्डिया, प्रधानमंत्री कृषि विकास एवं सिंचाई योजना, स्केल डब्लब मेन्ट, मेक इन इण्डिया, मुद्रा कोस, गांव उदय से भारत उदय की हो रही है ऐसी न होती। जो मोदी सरकार की दो वर्ष की उपलब्धि के लिये ग भीर विषय हो सकते है। मगर मोदी सरकार द्वारा लाई गई येाजनाओं को देखकर लगता है कि वह भारत के ही नहीं गांव के सर्वागीण विकास को लेकर अतिग भीर है।

अगर इन योजनाओं पर म.प्र. सरकार ही नहीं अन्य सरकारे भी ग भीरता पूर्वक विचार कर जनहित राष्ट्रहित में उत्साह जनक ढंग से लागू करती है अपने संसाधन समय परिस्थिति अनुसार तो यह आने वाले समय में देश व जनहित में रीढ़ की हड्डी साबित होगी। 
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