मध्यप्रदेश की निर्दयी सरकार: शिवपुरी में 3420 सीटर 171 डे केयर सेन्टर बन्द

म.प्र. ग्वालियर, विलेज टाइम्स, 5 अप्रैल 2015। वर्तमान खबरों के मद्देनजर देखे तो एक निर्दयी सरकार ने नैतिकता की सभी हदे पार कर अतिकुपोषित ब...

म.प्र. ग्वालियर, विलेज टाइम्स, 5 अप्रैल 2015। वर्तमान खबरों के मद्देनजर देखे तो एक निर्दयी सरकार ने नैतिकता की सभी हदे पार कर अतिकुपोषित बच्चे ही नहीं कुपोषण के शिकार जिलों से डे केयर सेन्टर बन्द कर यह साबित कर दिया कि उसे मौत से संघर्ष करते बच्चों की जान से जरुरी था आंगनबाड़ी मर मत कार्य जहां मर मत के नाम करोड़ों खर्च दिये। वहीं पैसों के आभाव में डे केयर सेन्टर बन्द कर दिये गये। जैसा कि फिलहाल अखबारों की सुर्खियाँ बना हुआ है। अगर खबरों की माने तो विगत वर्षो से शिवपुरी जिले में संचालित लगभग 3420 सीटर 171 डे केयर सेन्टर मार्च 2015 में ही बन्द कर दिये गये।


कारण  जो भी रहा हो, मगर सरकार के इस कृत्य के चलते आज कई सवाल इन्सानियत और मानवता के आगे यक्ष बन खड़ें है। मगर जबाव एक पर भी नहीं, हद तो तब हो जाती है जब स्वयं सरकार इतने अहम मुद्दें पर बोलने के बजाये बेजुबानों की तरह उसी अखबार मेें अगले दिन पूरे एक पेज का विज्ञापन दे अपने कत्र्तव्य की इतश्री कर लेती है, वहीं दूसरी ओर श्योपुर जिले के मामले में स्वयं महिला बाल विकास मंत्री माया सिंह भी मानती है कि डे केयर सेन्टर शुरु होने के बाद बन्द हो गये है तो यह ग भीर मामला है, ऐसे सेन्टर बन्द नहीं किये जा सकते और वह अपने अधिकारियों से जानकारी ले दोषियों के खिलाफ स त कार्यवाही करेगें। चूकि उनका यह व्यान म.प्र. के ही श्योपुर जिले में 36 डे केयर सेन्टर मंजूर थे, जिसमें से 9 ही शुरु हो सके और वह भी बन्द कर दिये गये, को लेकर था।

 मगर यहां हम बात कर रहे है शिवपुरी जिले की जहां विभागीय आंकड़े अनुसार 5 हजार से अधिक अतिकुपोषित बच्चे आज भी इस जिले में मौजूद है। जहां 31 मार्च 2015 तक 171 डे केयर संचालित थे, जो अब कलेक्टर शिवपुरी के द्वारा एक दैनिक समाचार पत्र में छपे बर्जन अनुसार बन्द है। क्योंकि इस बार जिला लेवल पर महिला बाल विकास की कार्य योजना में डे केयर सेन्टर का उल्लेख नहीं है। यदि इन्हें आगे भी चालू  रखा जाता तो उनमें भुगतान स बन्धी समस्या सामने आती, क्योंकि इसके लिये अलग से किसी बजट में प्रावधान नहीं है।

यहां उल्लेखनीय तथ्य यह है कि वर्ष 2015 में ही लगभग करोड़ों की राशि से जिला प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी मर मत के नाम ग्रामीण यांत्रिकी सेवा शिवपुरी को आवंटित की गई जिससे आंगनबाड़ी भवनों की मर मत की जा सके।

अब अहम सवाल यह है कि आंगनबाड़ी मर मत जरुरी थी या मौत से संघर्षरत उन 5 हजार से अधिक अतिकुपोषित बच्चे की जान बचाना?  वहीं संयुक्त संचालक महिला बाल विकास कहते है कि हमें जानकारी मार्च के 2016 के अन्त में शिवपुरी कलेक्टर को पत्र लिखने के बाद दी गई है, हो सकता है कि डे केयर सेन्टरों को इसीलिये बन्द कर दिया हो, क्योंकि हम उनकी जांच करने की तैयारी कर रहे है। 
अब ऐसे में स पूर्ण सच क्या है यह तो सरकार और शासन ही जाने, मगर जो सवाल मानवता, इन्सानियत के नाते लोगोंं के जहन में है वह कई यक्ष सवालों और सरकार, प्रशासन में फैली अराजकता, अमानवीयता और कुपोषित बच्चों के साथ होती निर्दयीता को स्पष्ट करती है। 
ज्ञात हो कि देश में भूख और कुपोषण से मौतन हो, उस पर पूर्व में ही सर्वोच्च न्यायालय भी सरकारों को स्पष्ट व्यवस्था दे चुका है।

वहीं जिन 171 डे केयर सेन्टर को शिवपुरी जिले में जितने भी वर्ष चलाया गया, शासन की स्वीकृति पश्चात, क्या उन सेन्टरों को बन्द करने से पहले शासन से कोई बन्द करने के आदेश मिले, अगर मार्च 2015 तक 171 डे केयर सेन्टर में 3420 अतिकुपोषित या कुपोषित बच्चे थे। क्या वह सभी स्वस्थ हो चुके अगर नहीं तो उन्हें कहां उनको विस्थापित किया गया और वर्तमान में वे कहां है। ऐसे में जब स्वयं विभागीय मंत्री श्योपुर जिले के मामले में स्वीकार रही है कि डे केयर सेन्टरों का बन्द होना ग भीर मामला है और वह कार्यवाही करेंगी। 
ऐसे में शिवपुरी जिले में तो 171 चलते हुये डे केयर सेन्टर बन्द कर लगभग 5 हजार से अधिक अतिकुपोषित बच्चों को मौत के मुहाने पर बेसहारा छोडऩा कहा की नैतिकता और मानवता है। मसला संवेदनशील ही नहीं अति ग भीर है।

जो सरेयाम माननीय सुप्रीम कोर्ट की मंशा की अवहेलना तो दूसरी ओर सरकार और शासन की अमानवीय निर्दयीता  के भी संकेत है जिसे कोई भी स य समाज उचित नहीं ठहरा सकता। मगर सरकार की निर्दयीता ऐसी कि खबर बाहर आने पर कड़ी कार्यवाही करने के बजाये उसी विभाग की योजनाओं का, उसी अखबार में दूसरे ही दिन एक पेज का विज्ञापन छप जाता है। धन्य है ऐसी व्यवस्था और वह लोग और वह सरकार जिसकी नजर में नौनिहालों के जीवन का कोई मूल्य नहीं। 

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Village Times: मध्यप्रदेश की निर्दयी सरकार: शिवपुरी में 3420 सीटर 171 डे केयर सेन्टर बन्द
मध्यप्रदेश की निर्दयी सरकार: शिवपुरी में 3420 सीटर 171 डे केयर सेन्टर बन्द
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