नवाचार सामाजिक-आर्थिक विकास का दूतः राष्ट्रपति

नई दिल्ली नाबार्ड,सिडबी तथा राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन के सहयोग से मनाए जा रहे नवाचार उत्सव के छठे दिन आज राष्ट्रपति भवन में नवाचार के लिए वित्त पोषण पर गोलमेज चर्चा की गई। 

गोलमेज चर्चा को सड़क परिवहन तथा राजमार्ग और शिपिंग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी , रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु , सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम मंत्री श्री कलराज मिश्र और वित्त राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा ने संबोधित किया ।

चर्चा मे उभरी महत्वपूर्ण बातों के निष्कर्ष को राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रपति ने स्टार्ट अप उद्यमियों के लिए सिडबी द्वारा विकसित वेब पोर्टल ‘’ सिडबी स्टार्ट अप मित्र ‘’ लांच किया । 

इस मौके पर राष्ट्रपत श्री मुखर्जी ने कहा कि नवाचार सामाजिक- आर्थिक विकास का अग्रदूत है। इससे विकास होता है और रोजगार सृजन होता है। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में नवाचार की अहम भूमिका है । उन्होंने कहा कि एक अच्छे विचार को यदि उपयोगी उत्पाद में बदला जाए तो समाज में प्रगति होगी । लेकिन इस राह में अनेक चुनौतियां हैं । किसी भी व्यवसाय को चलाने के लिए उसमें पूंजी, कार्य बल तथा टेक्नोलॉजी के निवेश के लिए संसाधन की आवश्य़कता होती है । शुरआती चरणों में परियोजनाओं की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एंजल इंवेस्टर , उद्यम पूंजी , क्राउड फंडिंग, सीड फाइनेंस जैसे नए वित्तीय विकल्प हैं । 

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार , जनता तथा निजी संगठनों के ध्यान देने से भारत में नवाचार और उद्यमिता के प्रोत्साहन के लिए अनेक कार्यक्रम लांच किए गए हैं ।शिक्षाविदों , उद्यमियों तथा शोधकर्ताओं को शामिल करके अटल नवाचार मिशन एक मंच के रूप स्थापित जा रहा है ताकि नवाचार की संस्कृति विकसित हो और नवाचार केंद्र के नेटवर्क को प्रोत्साहन मिल सके । माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट एण्ड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक(मुद्रा बैंक) की स्थापना की गई है ताकि गैर-कारपोरेट छोटे कारोबार क्षेत्र की फंडिंग से उद्यमियों को जा सके। 

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘’ सिडबी स्टार्ट अप मित्र ‘’ स्टार्ट अप उद्यमों के लिए वित्त पोषण करेगा और शुरुआती दौर की आवश्यकताओं को पूरा करेगा । 
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