सुरक्षा के नाम धोखा घातक

विलेज टाइम्स, जनवरी 2016। जिस तरह पुलिस अधिकारी चाहे वह थाना प्रभारी हो या फिर जॉन प्रभारी पुलिस बल की कमी को लेकर पुलिस मु यालय को पत्र लिख रहे है और जरा सा बबाल कटने पर अधिकारी या पुलिस कर्मी सरेयाम फिट रहे। ऐसे में सुरक्षा का दम भरने वालो को शर्म आनी चाहिए।


आधे अधूरे दम तोड़ चुके हथियार संसाधन से लेश इन पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की मजबूरी यह है कि वह अन्य कर्मचारी अधिकारियों की भांति सार्वजनिक रुप से या संगठित रुप से मुंह नहीं खोल सकते, क्योंकि वह अनुशासित है। और आधे अधूरे संसाधनों से ही काम चला लुटने पिटने पर मजबूर है।

ऐसे में म.प्र. कि 6-7 करोड़ के करीब जा पहुंची आबादी तमाम रेपर बदल कोशिसों के बीच स्वयं को असुरक्षित मेहसूस करने पर मजबूर है। इतना ही नहीं वर्षो से चले आ रहे अपर्याप्त बल का ही परिणाम है कि दिन व दिन सर फिटे लेागों की धमोचौकड़ी के चलते अराजकता, असहिंष्णुता बढ़ती जा रही है। मतलब साफ है जब उपद्रवियों का शिकार हो स्वयं पुलिस ही पुलिस बल के आभाव में लहुलुहान हो रही हो, और सरफिरे लेागों के आगे गिड़ गिड़ाने पर मजबूर हो। ऐसे में सुरक्षा के नाम इससे बड़ा और कोई धोखा नहीं हो सकता।

कुछ वर्षो में सार्वजनिक या धार्मिक कार्यक्रमों की आढ़ में अविवेकपूर्ण ताकतों का बोल वाला बढ़ा है। उसने अराजकता , असहिंष्णुता को काफी बढ़ावा मिला है। क्योंकि बल के आभाव और संसाधनों की कमी केे चलते वह कड़े निर्णय नहीं लें पाते जिससे हुड़दंगियों को सबक सिखाया जा सके।

सुरक्षा के नाम हालात ऐसे है कि लेाग अब तो बगैर पुलिस की परवाह किये बगैर फैसला ऑन द स्पॉट करने लगे। कई जगह तो क्या थाने, क्या शासकीय कार्यालयों में झुण्ड के रुप में पहुंच धमकाने से न हीं चूक रहे।

सरेयाम शासकीय कर्मचारी अधिकारी कार्य के दौरान पिट ही नहीं रही, उनकी हत्या तक हो रही है और लेाग दोषियों के खिलाफ कार्यवाही न हो शासकीय कार्यलय पहुंच ज्ञापन दे रहे, जगह-जगह शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण, पानी, बिजली चोरी कर रहे है और छाती ठोक कर शासकीय अमले को धमका ही नहीं उनके कार्यालयों में तोड़ फोड़ कर रहे है।

धन्यवाद के पात्र है वह थाना प्रभारी अधिकारी के बल की कमी को रोना रो यह अनुशासित रुप से इसारा किया है कि हालात क्या है मगर लगता नहीं सतत सत्ता के नशे में चूर लेाग इन पुलिस कर्मियों का दर्द समझ पाये।

आदिवासी विभाग के उपायुक्त श्री कोट्रीवार को दी गई बिदाई
रायपुर, ३० जनवरी २०१६ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त श्री राजेश सुकुमार टोप्पो की उपस्थिति में उपायुक्त के सेवानिवृत्त होने पर बिदाई समारोह का आयोजन किया गया। नया रायपुर स्थित मुख्यालय में आयोजित समारोह में विभाग के उपायुक्त श्री सी.एस. कोट्रीवार की अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण किए जाने पर भावभीनी बिदाई दी गई। इस अवसर पर आयुक्त श्री टोप्पो द्वारा श्री कोट्रीवार के सेवाकाल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घायु की कामना की गई। श्री कोट्रीवार को शॅाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर विभाग के संचालक श्री चंद्रकांत उइके, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री रामसागर कोसले एवं श्री डी.डी. तिग्गा तथा विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

राजस्थान शिक्षा बोर्ड एवं रीट से संबंधित सेवाओं में हड़ताल पर पाबंदी
जयपुर, 29 जनवरी। राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर राजस्थान अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम के तहत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर व उसके समस्त कार्यालयों एवं राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट), 2015 से संबंधित समस्त सेवाओं को एक फरवरी से 10 फरवरी तक अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है।

अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं रीट से संबंधित सेवाओं में हड़ताल होने से इन सेवाओं के प्रदाय एवं अनुरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे और परीक्षार्थियों को भारी कठिनाई होने के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।

हर जिले में ज्ञानोदय विद्यालय खुलेंगे
भोपाल : शनिवार, जनवरी ३०, २०१६
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को १२वीं कक्षा में ७५ प्रतिशत अंक लाने पर लेपटॉप दिये जायेंगे। सभी जिलों में ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ ज्ञानोदय दिवस पर शासकीय ज्ञानोदय विद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब हर वर्ष ज्ञानोदय दिवस मनाया जायेगा। संभागीय मुख्यालयों पर स्थित सभी दस ज्ञानोदय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिये सीट्स की संख्या २८० से बढ़ाकर ६४० कर दी जायेगी। ज्ञानोदय विद्यालयों में खेल परिसर बनाये जायेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश और दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करें। बड़े सपने देखें और बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करें। राज्य सरकार उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने देगी। मध्यप्रदेश देश में स्मार्ट सिटी चयन, विकास दर और कृषि में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक विकास में योगदान दें। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिये कई योजनाएँ बनायी गई हैं। प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति विकास श्री अशोक शाह ने बताया के प्रदेश के सभी दस ज्ञानोदय विद्यालय के विद्यार्थियों का सम्मेलन कर शैक्षणिक सांस्कृतिक और खेलकूद स्पर्धाएँ आयोजित की गई मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेल परिसर का लोकार्पण भी किया। उन्होंने अनुसूचित जाति के युवा उद्यमियों की सफलताओं पर आधारित पुस्तक 'बढ़ते कदम-खुलते रास्ते' और 'ज्ञानोदय' पत्रिका का विमोचन किया। श्री चौहान ने अनुसूचित जाति विकास विभाग के विभिन्न कार्यालय को आईएसओ सर्टिफिकेट वितरित किये। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय आने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप वितरित किये।कार्यक्रम में अनुसूचित जाति विकास निगम के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र आर्य, विधायक श्री विश्वास सारंग, पार्षद श्री कांताराम पाटीदार और आयुक्त अनुसूचित जाति विकास श्री संजीव झा भी उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
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