कामयाबी की ओर बढ़ता रिपोर्ट कार्ड का कांरबा

व्ही.एस.भुल्ले। आतंक अराजकता के नाम मचे खून खराबे से विगत 20-25 वर्षो से जूझते भारत महान को राहत जब मिली तब सत्ता में आने के बाद लेाकतंत्र के मन्दिर में मत्था टेक 2018 में रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत होने की बात हुई और कांरबा चल पढ़ा। 


कांरबा क्या चला कि आरोप प्रत्यारोप, मशखरी की बड़ी बड़ी कहानियांं शुरु हो गई। इस बीच बिन मांगे मीडिया सॉशल मीडिया पर भी विभिन्न प्रकार की उपाधियां भी बटने लगी मूक प्रदर्शन भी हुये। पहचान बनाने मिटाने की होड़ भी शुरु  हुई। मगर रिपोर्ट कार्ड आगे बढ़ता रहा और बगैर खून खराबे के भारत को रिपोर्ट कार्ड के कांरबा को कामयाबी की ओर बढ़ता एक ऐसा कबच मिला जिसके चलते आज देश हम भारत वासी बाह असुरक्षा से सुरक्षित महसूस कर सकते है। वहीं आये दिन आतंकियों की गोलियों और बम धमाकों से होते नरसंहारों से राहत महसूस कर सकते है दूसरी ओर अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हम अपने आपको आर्थिक स्तर पर भी मजबूत बनाने की दिशा में भी कुछ कदम आगे बढ सके। विश्व में भारत की बढ़ती ब्राडिंग के नफा नुकसान जो भी हो फिलहाल विगत वर्षो में भारत की एक अलग छवि विश्व मान पटल पर बनकर उभरी है।   

रही बात देश की रीढ़ खेती किसानी,  आर्थिक सुरक्षा की तो स्वच्छता अभियान ग्रीन इंडिया, सिंचाई, प्रधानमंत्री जनधन, बीमा पेन्शन के रास्ते आम गरीब, मजदूर, किसान, खेती के रास्ते भारत मजबूती का कारबां चल रहा है। वहीं डिजीटल, मेडिन इंडिया सहित की सोच युवाओं को रोजगार के मुहाने पर दस्तक देने लगी है संचार क्रान्ति के दौर में जिस तरह से तेजी के साथ नई-नई तकनीक, विधाओं, आध्यात्म का समागम युवाओं में देखने मिल रहा है। यह सब उस रिपोर्ट कार्ड के अंश है जिसे 2018 में प्रस्तुत होना है। 

बहरहाल जो भी हो आलोचको की आलोचनायें हो सकती है और होना भी चाहिए क्योंकि हम लेाकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर है। और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का आभूषण, देश भक्ती या जनसेवा या फिर स्वार्थ में डूबे विपक्ष का विरोध जो भी हो, मगर देश को अपेक्षा होती है सकारात्मक सहयोग में विश्वास की, मगर जो लेाग राष्ट्र को छोड़ स्वार्थ को सर्वोपरि मानते है, उन्हें खुले दिमाग से देखना होगा कि आखिर परिणाम इस तेजी से चलते कांरबा के क्या रहने वाले है, जब बहुमत कांरबा चलाने वालो को 5 वर्ष का हो तो इस बीच 2018 में प्रस्तुत होने वाले रिपोर्ट कार्ड का इन्तजार लाजमी होना चाहिए। 
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