गड़रिया गैंग से मुठभेड़, अपहत मुक्त, अधिया सहित एक डकैत जिन्दा गिरफ़्तार, 6 फरार

विलेज टाइम्स, म.प्र. शिवपुरी 21 दिसम्बर 2015.  कई वर्षो तक डकैतों के आतंक के साये में रहे शिवपुरी जिले को राहत तब मिली, जब कुछ वर्ष पहले रामबाबू, दयाराम गड़रिया गैंग केे खात्मे के साथ राहत मिली। इस बीच छोटे-मोटे गैंग भी सर उठाते रहे और उनके खात्मे भी होते रहे। मगर एक ल बी शान्ति के बाद सीताराम जाट के अपहरण के रुप में जो हलचल एक बार फिर से शिवपुरी के जंगलों में दिखी। उसे पूर्ण विराम तो नहीं एक डकैत की जिन्दा गिरफतारी और अपहत की सकुशल बरामदगी के रुप में अर्दविराम अवश्य लग गया। तीन दिन से ठिठुरन भरी सर्दी में जंगल की खाक छानती पुलिस ने फिलहाल तो राहत की सांस ली है। मगर डकैत समस्या के रुप में शुरु हुआ सर दर्द अभी खत्म नहीं हुआ है। क्योंकि गैंग लीडर चन्दन गड़रिया सहित अन्य 6 डकैत अभी भी फरार है।


आज जब कड़ाके की सर्दी के बीच बलारपुर के घनघौर जंगल में सुबह की पौ फटने के साथ जब पक्षी चेह-चाहट कर रहे थे तभी समुचा जंगल गोलियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। और कुछ देर बाद अचानक गोलियों की आवाज बन्द होने के साथ आवाज आई कि गोलियाँ चलाना बन्द करो, मैं अपहत सीताराम जाट हूं। और देखते ही देखते गोलियों की गडग़ड़ाहट एक शान्ति में तब्दील हो गई। 18 दिस बर को खैरोना के जंगल से सीताराम जाट का अपहरण करने वाला नवोदित गड़रिया गैंग अपने मुखिया चन्दन गड़रिया के साथ पुलिस की गोलियों से बचने ताबड़ तोड़ फायरिंग करता हुआ जंगल में समा चुका था। तीन दिनों से अपने कप्तान के निर्देशन में जंगलों की खाक छान रही शिवपुरी पुलिस राहत तब मिली जब उसने आमने सामने की मुठभेड़ मे अपहत सीताराम को सकुशल छुड़ा लिया।

कन्ट्रौल रुम पर आयोजित प्रेंस कॉन्फ्रेंस को स बोधित करते हुये  पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री मो.यूसुफ ने बताया कि उन्हें जरिए मुखबिर सूचना मिली कि कु यात इनामी डकैत चन्दन गड़रिया अपनी 7 सदस्यी हथियारबंद  गैंग के साथ अपहत सीताराम जाट को लेकर बलारपुर के जंगल में छिपा है। मुखबिर की सूचना को ग भीरता से लेते हुये अपहत की डकैती के चंगुल से सकुशल रिहाई व डकैतों की घेराबंदी हेतु पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्काल तीन पार्टियां क्रमश: पार्टी नं. 1 ए.डी. टीम प्रभारी बृजमोहन रावत पार्टी नं. 2 देवेन्द्र सिंह कुशवाह था.प्र. अमोला व पार्टी नं. 3 विकास यादव था.प्र. सुरवाया के  नेतृत्व में गठित कर मुखबिर के बताये स्थान बलारपुर के जंगल गतवाया के पास की तलैया तरफ आवश्यक दिशा निर्देश देकर रवाना किया गया। तीनों पुलिस पार्टियां योजना के मुताबिक मुखबिर के बताये स्थान पर अपनी-अपनी जगह पोजीशन लेकर ए बुश करने लगी थी कि तभी सुबह करीब साढ़े 6 बजे उजाला होने पर गतवाया तरफ के जंगल में तलैया की ऊपर वाली पहाड़ी की तरफ से हथियारबंद बदमाश बाते करते हुये तलैया तरफ पार्टी नं. 1 की ओर आते दिखे जिन्हें ए.डी. प्रभारी बृजमेाहन रावत ने टोकते हुये कहा रुक जाओं तु हें पुलिस ने घेर लिया है अपहत को छोड़कर आत्मसमर्पण कर दो। इतने पर गैंग लीडर चन्दन गड़रिया नेे अपने साथी डकैतों के साथ अपनी अपनी बदूकों से पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरु कर दिया। तब आत्मक्षार्थ पुलिस पार्टी द्वारा भी कड़ी जबावी फायरिंग की गई। जिससे डकैतों में अफरा तफरी मच गई और उनके पैर उखडऩे लगे व भगदड़ मच गई। इसी दौरान एक डकैत राजाराम गड़रिया अपहत सीताराम जाट को झाड़ी के पीछे से हाथ पकड़कर खींचकर ले जाने लगा, तब ए.डी. प्रभारी बृजमेाहन रावत ने अपनी टीम की मदद से दौड़कर डकैत राजाराम गड़रिया नि.गुर्जा थाना मायापुर को को एक 315 बोर की अघिया व 5 जिन्दा राउडों व 1 दैनिक उपयोग से भरे बैग सहित पकड़कर काबू में कर अपहत सीताराम जाट नि.खाकडकी जिला नागौर राजस्थान को डकैतों के चंगुल सकुशल मुक्त कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की एवं गैंग लीडर चन्दन गड़रिया अपनी गैंग की महिला डकैत चंदा गड़रिया नि. मामौनी, भोजा गड़रिया नि. सुनाज, कल्लू गड़रिया नि. बडेरा, बलवीर गड़रिया नि. लोटना, मोहन लोधी नि.मामोनी के साथ घने जंगल का लाभ उठाकर भाग कर नजरों से ओझल हो गया। 
उल्लेखनीय है कि डकैत चंदन गड़रिया गैंग ने 18 दिस बर 2015 को थाना कोलारस के खेरोना सुनाज के जंगल से राजस्थान के भेड़ ऊंट पालन करने वाले सीताराम का अपहरण कर क्षेत्र में ससनी फैला दी थी। 

भूमिका- अपहत की सकुशल रिहाई व डकैत राजाराम गड़रिया की गिर. में ए.डी. टीम प्रभारी बृजमेाहन रावत, देवेन्द्र सिंह कुशवाह थाना प्रभारी अमोला, उ.नि. रविन्द्र सिंह सिकरवार, विकास यादव थाना प्रभारी सुरवाया, व ए.डी. टीम के प्र.आर.गण वासुदेव रावत, देवेन्द्र सिंह, उस्मान खान, प्रवीण त्रिवेदी आर.गण चंदनभान सिंह, उदल सिंह गुर्जर, प्रवीण सेंथिया के अलावा आर.गण बजृेश दांगी, मृत्युंजय सिंह, बीरबल आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  

फिलहाल पुलिस अधीक्षक द्वारा चन्दन गड़रिया 10 हजार का ईनाम घोषित किया गया है तथा ईनाम बढ़ाने के लिये पुलिस महा निरीक्षक को भी लिखा गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभी पुलिस की सर्चिंग जारी है जिससे फरार डकैतों की घेरा बन्दी कर उन्हें पकड़ा जा सके। 
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