कर्तव्यों के साथ, लोकतांत्रिक हक वाजिब: संयोजक स्वराज

विलेज टाईम्स, अक्टूबर 2015- कर्तव्य निर्वहन के साथ, अगर लेाकतांत्रिक हको की मांग उठती है ऐसे में उसका दमन किया जाना कतई उचित नहीं माना जा सकता, वशर्ते वह अनुशासित और अहिंसक हो, मगर व्यवस्था के नाम जिस तरह से दमन का क्रम चल निकला है यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हैं। जिसके परिणाम न तो व्यवस्था न ही आम नागरिकों के हक में कहे जा सकता है। 


जिस पर विधायिका और कार्यपालिका को ग भीरता से विचार करना चाहिए क्योंकि यह दोनों ही लेाकतांत्रिक प्रक्रिया की अहम धुरी होती है। जो सीधे तौर व आम नागरिक को प्रभावित करती है। आज लेागों के बीच जो आक्रोश पनप रहा है सरकारों की लाख मेहनत के बावजूद, तो उसका सीधा सा कारण है। कार्य व्यवहार में बड़ा अन्तर अगर ऐेसे ही सब कुछ चलत रहा तो वह दिन दूर नहीं जब सभी ओर से हकों को लेकर आवाजे उठने लगेगी और लेाग लोकतांत्रिक आजादी के लिये सवाल करने लगेंगे, तब क्या ऐसे में जनसेवा का कार्य आगे बढ़ पायेगा। इसलिये आज जिस तरह से आमा नागरिक अपने हकों के प्रति जागरुक हो रहा है उसी तरह उसे उसके कत्र्तव्य और स्वयं विधायिका, कार्यपालिका को अपने कत्र्तव्य और अधिकारों का ध्यान रखना होगा। क्योंकि हमारा महान संविधान दोनो ही संस्थाओं में पदस्थ लेागों को असीमित अधिकार और अलग-अलग संरक्षण प्रदान करता है।

बेहतर हो कि कार्यपालिका व विधायिका चलाने वाले भी अब आम नागरिकों की तरह जाग्रति ला, इस लोकतंत्र को और मजबूत बनाने का कार्य करे। 

बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाये
भोपाल : बुधवार, नवम्बर 4, 2015, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्युत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने जले एवं खराब ट्रांसफार्मर को सप्ताहभर में बदलने एवं किसानों को स्थाई पंप कनेक्शन देने की कार्य-योजना बनाने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के सीएमडी से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेकर उन्हें व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिये, ताकि जनता को कोई परेशानी न हो। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिये सिंचाई पंपों के फीडर भी अलग किये गये हैं। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत की बजाय मात्र 10 प्रतिशत राशि जमा करने पर तत्काल खराब ट्रांसफार्मर बदले जाये। इच्छुक किसानों को अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए मात्र दो माह की राशि जमा करवाई जाये। इसके साथ ही किसानों को स्थाई पम्प कनेक्शन देने की दीर्घकालीन योजना बनायी जाये। इसमें अन्य योजनाओं का कन्वर्जेंस भी किया जाये। इससे सभी किसानों को स्थाई पम्प कनेक्शन मिल सके। उन्होंने सोलर पम्प को भी प्रोत्साहित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान बताया गया कि चार माह के बजाय दो माह के लिए अस्थाई पम्प कनेक्शन दिये जा रहे हैं। इससे किसानों को कम राशि जमा करना पड़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष 84 हजार अस्थाई पम्प कनेक्शन दिये जा चुके हैं, जबकि 20 लाख स्थाई पम्प कनेक्शन है। इसी तरह मात्र 10 प्रतिशत राशि जमा करवाकर 1547 खराब ट्रांसफार्मर बदले गये हैं।

पैक्ड मिठाईयां खरीदते समय पैकिंग एवं एक्सपाईरी तिथि का ध्यान रखें
कवर्धा, 3 नवंबर 2015 उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन कबीरधाम द्वारा त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नगर के सभी होटलों एवं संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है एवं मिलावट की शंका होने पर नियमानुसार नमूना लेकर राज्य खाद्य एवं औषधी प्रयोगशाला भेजे जा रहे है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के द्वारा न्यू कल्पना रेस्टारेंट बस स्टैण्ड कवर्धा का निरीक्षण किया गया साथ ही खोवा का नमूना लेकर लिया गया है।
    खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे विभिन्न प्रकार की मिठाईयां बाजारों में बेची जाने वाली पैक्ड मिठाईयां खरीदते समय पैकिंग एवं एक्सपाईरी तिथि का ध्यान रखने के लिये जनसामान्य से अपील किया गया है। इन अवसरों पर मिठाईयां खरीदते समय ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार का फंगस, फफूंद न हो, बदबू तो नहीं आ रही है और ज्यादा रंगीन या रंगयुक्त न हो। पैक्ड मिठाईयां खरीदते समय पैकिंग तिथि एक्सपाईरी तिथि देख कर लें। ड्राई फ्रूट्स खरीदते समय भी उपरोक्त बातों का ध्यान रखें।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 की धारा 26, 27 का पालन करना खाद्य कारोबारकर्ता सुनिश्चित करें। असुरक्षित, अवमानक, मिथ्या छाप खाद्य वस्तुओं की विक्रय पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 विनिमस 2011 की धारा 50, 51, 59 के तहत दंड का प्रावधान है। समस्त खाद्य करोबारकर्ता जिसका वार्षिक टर्न ओवर 12 लाख से अधिक है, उन्हें खाद्य अनुज्ञप्ति तथा उससे कम टर्न ओवर वाले खाद्य कारोबारकर्ता को खाद्य पंजीयन कराना अनिवार्य है। बिना अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के खाद्य कारोबार करने पर धारा 63 के अनुसार 6 माह कारावास एवं एक लाख जुर्माने का प्रावधान है।
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