ऊर्जा से पनपती अराजकता, रोशनी से अंधेरे की ओर बढ़ती अटल ज्योति

विलेज टाई स, अक्टूबर 2015- म.प्र. विधुत प्रदाय का समय भले ही शहरी क्षेत्रों में बड़ा हो मगर, बिजली बसूली का तरीका विधुत वितरण क पनियों ने जो इ तयार किया है वह बड़ा ही चौकाने वाला है जिसे देखकर तो यहीं कहा जा सकता है कि रोशनी से अंधेरे की ओर बढ़ती अटल ज्योति भले ही शहरी क्षेत्रों में भरपूर विधुत सप्लाई हो रही हो मगर जिस मनमाने तरीके से लाइट के बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं पर लादे जा रहे है वह चौकाने वाले है।
कहने का तात्पर्य यह है कि एक तो बिल सप्लाई नहीं होते, दूसरा डुब्लीकेट बिलो को बड़ा चढ़ा कर उपभोक्ताओं को थमाये जा रहे है।
क्योंकि विधुत वितरण क पनियों को पूरा कानूनी संरक्षण जेल भिजवा पैसा बसूली का है। वहीं उपभोक्ता को कोई संरक्षण प्राप्त नहीं है जिसका लाभ जमकर क पनियाँ  उठा रही है।
पहले मनमाना बिल, फिर लेट फीस बिल इक_ा होने पर कोर्ट केस फिर जेल से बचने बसूली।
दूसरा पक्ष यह भी है कि जिन क्षेत्रों में वितरण क पनी के मातहत मिल अवैध बिजली का धन्धा चमका जैबे भरने में लगे है वहीं अब गरीब उपभोक्ता अनाप सनाप बिल न ारने को लेकर मरने मारने पर उतारु हैं और बगैर कनेक्शन लिये बिजली जला रहे है उपभोक्ता मजे उड़ा रहे है जिन पर क पनियों का कोई अंकुश नहीं।
यह तमाशा देख अब ईमानदार उपभोक्ता कलफ रहा है जो स य समाज के लिये शुभ संकेत नहीं, बहरहाल सरकार ने इस समस्या को अगर ग भीरता से नहीं लिया और कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई तो वो दिन दूर नहीं जब बिल चुकाने वाले भी बिजली चोरी करने वालो की तरह अराजकता पर उतारु हो जायेंगे।
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