आरईएस में बड़े घोटाले की आशंका

विलेज टाईम्स, 14 अक्टूबर 2015। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गत वर्ष आर.ई.एस. विभाग को आंगनबाड़ी मर मत  के नाम मिले करोड़ों रुपये के आवंटन को 2 लाख से कम के टेन्डर लगा बड़े पैमाने पर घपले घोटाले का कार्य किया गया है।

सूत्र बताते है कि ऐसा इसलिये किया गया है जिससे ऑन लाइन टेन्डर न बुलाना पढ़े और ठेकेदारों से साठगांठ कर गुपचुप तरीके से आपस में बांटे जा सके और ऐसा ही हुआ करोड़ों रुपये की आंगनबाड़ी मर मत के कार्यो के टुकड़े कर 2 लाख से कम के टेन्डर गुपचुप तरीके से बाट लिये गये। जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की खबर है।

सूत्र बताते है कि वर्तमान में आर.ई.एस. में विगत कुछ माहों से प्रभारी कार्यपालन यंत्री जो स्वयं भी एक उपसंभाग के भी सहायक यंत्री है।

बहरहॉल सच क्या है यह तो सरकार व जिला प्रशासन के लिये जांच का विषय है मगर हकीकत यह है कि फिलहॉल आर.ई.एस. में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा जो 3 फैसो में 100 करोड़ से अधिक की मु यमंत्री सड़क बना व कुछ बना रहा है। वहीं लगभग 70 करोड़ की मु यमंत्री सड़क बनाई जाना बाकी है, का क्या होगा फिलहॉल भविष्य के गर्व में है।

पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करें अधिकारी : श्रीमती रमशिला साहू
रायपुर, १६ अक्टूबर २०१५ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू ने आज यहां नवीन विश्राम भवन में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में रायपुर संभाग के सभी पांच जिलों-रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुन्द और धमतरी में संचालित विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रीमती साहू ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए पर्यवेक्षकों और परियोजना अधिकारियों को आवश्यक रूप से मुख्यालयों में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि शासकीय कार्यों में अनियमितता और लापरवाही बरतने पर संबंधितों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री दिनेश श्रीवास्तव और संचालक श्रीमती किरण कौशल सहित रायपुर संभाग के पांचों जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक उपस्थित थे।

बैठक में श्रीमती साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा किशोरी बालिकाओं को वितरित रेडी टू ईट की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की साफ-सफाई भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षक नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें। पूरक पोषण आहार बनाने और वितरित करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को समयावधि में भुगतान किया जाए। रेडी-टू-ईट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मिश्रण के समय संबंधित पर्यवेक्षक आवश्यक रूप से वहां अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। खाद्य सामग्रियों का मिश्रण स्वच्छता का ध्यान रखते हुए साफ-सुथरे कन्टेनर में किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों से रोस्टर के अनुसार निर्धारित संख्या में रेडी टू ईट का नमूना लेकर परीक्षण हेतु खाद्य एवं पोषाहार बोर्ड एवं डॉक्टर्स एनालिटिकल लैब को भेजना भी सुनिश्चित करें। नमूने पंचनामा बनाकर लिए जाए। रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित महिला स्व-सहायता समूहों के उपर सीधे कार्रवाई की जाएगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों को निर्धारित समयावधि में आवश्यक रूप से खोलना और बन्द करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति पंजी, वितरण पंजी, लाभांश पंजी, रोकड़ बही, स्टॉक पंजी सहित सभी पंजियों को सही तरीके से संधारित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में शासकीय कार्यो में अनियमितता और लापरवाही बरतने पर सात पर्यवेक्षकों को निलंबित करने तथा सात पर्यवेक्षकों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि बलौदाबाजार जिले के सिमगा परियोजना की सुश्री लीला वर्मा, भाटापारा में मुख्यमंत्री सुपोषण दूत श्री साकेर अली, धमतरी जिले के कुरूद की परियोजना अधिकारी सुश्री संगीता पाण्डेय और कुरूद शहरी सेक्टर की पर्यवेक्षक सोमलता शुक्ला को सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कुपोषण मुक्ति अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं-नवाजतन चरण-४, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण पुनर्वास केन्द्र, फुलवारी केन्द्र और स्नेह शिविर की कार्य योजना पर जिलों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिनकी विस्तृत समीक्षा महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा की गई। आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान और कुपोषित बच्चों को गोद लेने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा कर निर्देश दिए गए। बैठक में रायपुर संभाग के सभी जिलों में आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही सेवाओं के क्रियान्वयन और गुणवत्ता की जांच करने वाले निरीक्षण अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट भी प्रस्तुत किया गया

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बीपीएल सर्वे कार्य शीघ्र प्रारंभ करें- प्रबंध निदेशक
जयपुर, 16 अक्टूबर। अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के प्रबंध निदेशक श्री हेमन्त कुमार गेरा ने अभियंताओं एवं योजनाओं की कार्यकारी एजेन्सी को निर्देशित किया है कि वे दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विद्युतीकरण योजनान्तर्गत अविद्युतीकृत बीपीएल परिवारों के सर्वे कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करें।

प्रबंध निदेशक शुक्रवार को डिस्कॉम मुख्यालय सभागार में आयोजित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विद्युतीकरण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना के प्रति काफी गंभीर हैं। अविद्युतीकृत गांवों एवं ढाणियों का विद्युतीकरण करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अनुरूप सभी इस कार्य को गंभीरता से करते हुए समय पर कार्य पूर्ण करें। उन्होंने बताया कि दसवें प्लान के तहत बकाया गांवों को अक्टूबर माह के अंत तक विद्युतीकृता करना है।उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवारों की नवीनतम सूची संबंधित जिला परिषद के मु य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती हैं। उस सूची को आधार बनाकर कार्य किया जाए। प्रबंध निदेशक ने स त निर्देश दिए कि कुल कार्य का 35 प्रतिशत कार्य मार्च 2016 तक पूर्ण किया जाना है। इसमें शिथिलता नहीं बरती जाए। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित 'ग्रामीण विद्युतीकरणÓ नाम से एक मोबाईल एप्लीकेशन भी बनी हुई है। उसे भी सभी डाउनलोड कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं। बैठक में निदेशक (तकनीकी) श्री डी. के. शर्मा, संभागीय मु य अभियंता श्री बी. एस. रत्नू (अजमेर जोन), श्री आर.पी. सुखवाल (उदयपुर), मु य अभियंता श्री बी. एम. भामू (वाणिज्य), श्री एस. एम. माथुर (एटीबी), सहित समस्त अधीक्षण अभियंता एवं कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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