किसानों को मदद देने के लिए बजट में 15 प्रतिशत की कटौती होगी

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को संकट से उबारने और उन्हें मदद देने के लिये सभी विभागों के बजट में 15 प्रतिशत की कटौती की जायेगी। श्री चौहान आज शाजापुर जिले के ग्राम अरनियाकला में किसान चौपाल को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं स्वयं किसान हूँ और किसानों का दर्द समझता हूँ।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को राहत पहुँचाने के लिये हरसंभव कदम उठायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभागों के बजट में 15 प्रतिशत की कटौती की है। एक वर्ष पुल-पुलिया या सड़क नहीं बने तो कोई बात नहीं, पर किसानों को कोई परेशानी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा ‍‍कि किसानों को वास्तविक रूप से कितना नुकसान हुआ है इसके आकलन के लिये प्रभावित ग्रामों में युद्ध स्तर पर फसल कटाई प्रयोग करवाये गये हैं, इसके आधार पर फसल बीमा क्लेम दिलवाया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि किसानों का हाल जानने और क्षतिग्रस्त फसल का मौके पर मुआयना करने के लिये प्रदेश मंत्रीमंडल के सभी सदस्य और वरिष्ठ आईएएस,आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को तीन दिन के लिये गाँवों में भेजा गया है। अधिकारियों से जो रिपोर्ट सरकार को मिलेगी उसके आधार पर निर्णय लिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों को भारी नुकसान हुआ है उनके कर्ज की वसूली स्थगित करने के आदेश दिये गये हैं। अल्पकालीन ऋण को मध्यकालीन में बदला गया है। किसानों द्वारा लिये गये ऋण पर साल भर का ब्याज सरकार चुकायेगी। उन्होंने बताया कि रबी फसल के लिये 10 प्रतिशत राशि जमा करने पर ट्रांसफार्मर लगाया जायेगा और किसानों को दो माह के लिये अस्थाई कनेक्शन देने के आदेश शीघ्र जारी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सोयाबीन की फसल के नुकसान पर 3000 करोड़ रूपये, फसल बीमा की राशि 3000 करोड़ रूपये तथा एक साल का ब्याज 1000 करोड़ इस प्रकार 7000 करोड़ की राशि किसानों को बाँटी जायेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा व्यापक पैमाने पर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रोजगार देने के काम शुरू किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों के लिये शाजापुर जिले द्वारा मांगी गई राशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।

सूखाग्रस्त क्षेत्रो में 50 के स्थान पर 10 प्रतिशत की राशि जमा करने पर ट्रांसफार्मर बदलेगा
भोपाल : सोमवार, अक्टूबर 26, 2015 ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, खनिज साधन एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सूखा संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों को हर संभव मदद दी जायेगी। किसानों को संकट से उबारने के लिए समुचित कदम उठाये गये हैं। श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों में अब ट्रांसफार्मर बदलने के लिये 50 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत की राशि जमा हो जाने पर तत्काल ट्रांसफार्मर बदला जायेगा। श्री शुक्ल ने आज सिंगरौली जिले के सूखा प्रभावित ग्राम ओडगडी, कसर, हर्रा चन्देल और सोलंग और सतना जिले की मैहर तहसील के ग्राम खम्हरिया, गुगडी, यदुवीरनगर, नादन, अमरपाटन तहसील के ग्राम करही और उमरी शिवराजी आदि का सघन भ्रमण कर नष्ट हुई फसलों का अवलोकन कर किसानों से सीधा संवाद किया। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की संवेदनशीलता के चलते मंत्रिपरिषद के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी सूखे से प्रभावित गाँवों का दौरा कर नष्ट फसलों का आकलन भी कर रहे हैं। राज्य सरकार ने पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन द्वारा खेतों में हुई हानि का आकलन किया जा रहा है। सर्वे का कार्य पूरा होते ही राहत राशि का वितरण किया जायेगा। इसके साथ ही ऐसे किसानों को, जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड है और उन्होंने सहकारी बैंक से ऋण लिया है और ऋण की राशि भी अदा है, को फसल बीमा में राहत राशि दी जायेगी।

जनंसपर्क मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा पूर्व से ही प्रभावित ग्रामों में मनरेगा में 5000 कार्य शुरू करने पर कहा कि इससे हर जरूरतमंद को काम मिलेगा और पलायन की संभावनाएँ रुकेंगी। उन्होंने प्रभावित ग्रामों में जाकर फसल हानि का जायजा लेते हुए कहा कि ऐसे किसान जिन्होंने अपनी फसल काट ली है और खेत की जुताई कर दी है, उन्हें गिरदावरी के आधार पर राहत राशि मिलेगी।

श्री शुक्ल ने सिंगरौली और सतना जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि किसानों के हित में उदारता से सर्वे करें। कोई भी किसान राहत राशि से वंचित नहीं होना चाहिए। श्री शुक्ल ने कहा कि राजस्व अमला धान की फसल का सर्वे करने के साथ ही मकाई, दलहन तथा तिलहन फसलों का भी सर्वे कर राहत राशि का प्रकरण बनाये। श्री शुक्ल ने कहा कि 33 प्रतिशत से कम के फसल नुकसान को 50 प्रतिशत हानि मानकर राहत के प्रकरण बनाये जाये। उन्होंने 33 प्रतिशत से ऊपर की हानि पर शत-प्रतिशत फसल हानि के प्रकरण बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि ऐसे किसान जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है उनके अल्पकालीन ऋण को मध्यकालीन में बदलने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा एसे किसानों का एक साल का ब्याज भी भरा जायेगा।
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