माल की लूट पर, मुलाजिमों का मौन

विलेज टाइम्स, 7 सितम्बर 2015। राजस्व बढ़ाने के मद्देनजर म.प्र. में लाई गई नई आबकारी नीति 2015-16 के माध्यम से माला माल होने का मुलाजिमों ने ऐसा खाका प्रस्तुत किया जिससे बगैर कोई रिस्क लिये सरकार का खजाना भरना सुनिश्चित था। मगर आबकारी के मु य मुलाजिमों के मातहतो ने आबकारी राजस्व की ऐसी लुटिया डुबोई कि वह अब ऊपर आने का नाम ही नहीं ले रही, हालात ये है कि मुफते माल में मची लूट को देखने वाले भी दांतो तले उंगली दबा जाये। 

मगर मुलाजिम चुप और मातहत मौन साधे हुये है। वहीं सरकार माला माल होने का मुगालता पाले अंहकार डूबी है हालत ये है कि बड़े पैमाने पर डूबते आबकारी राजस्व पर अब उंगलियां उठने लगी है। 

ऐसा ही कुछ फिलहॉल म.प्र. के सबसे पिछड़े बैरोजगार उघोग विहीन जिले में घट रहा है, जहां से म.प्र. शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व की उ मीद बनी है, जो राजनीति का कुरुक्षेत्र बन धर्म युद्ध का  अखाड़ा बना हुआ है।  जहां राजनीति के बड़े-बड़े बलशाली ददीच तक खुलकर जनसुविधा, जनाकाक्षंाओं पर राजनीति कर रहे है, बैबस लेाग बैवजह कलफ परेशान हो रहे है। 

बहरहाल सूत्रों की माने तो जिस तरह से म.प्र. के शिवपुरी जिले के थाना छर्च के अन्तर्गत आने वाली मदिरा समूह की दुकाने कुछ समय से बन्द है जिसका विगत 1 माह से आबकारी को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है, न ही फिलहॉल बोली दाता का कोई अता-पता है। मगर विभाग है कि नोटिस पर नोटिस दिये जा रहा है। ऐसे में न तो दुकान ही खुल रही, न ही विभाग ही चला रहा स्वभाविक है कि लाखों रुपये का आबकारी राजस्व डूबंत खाते जा रहा है। जिसका लाभ निश्चित ही कोई न कोई तो उठा ही रहा है। अन्त में उक्त दुकान का पुर्ननिष्पादन सुनिश्चित है।  

जैसा कि पूर्व में अन्य दो पुर्ननिष्पादित समूहों का हुआ। जिन्हें स्थानीय जिला समिति की अनुसंशा पर एक ही बार में औने पौने दामों पर दूसरे शराब ठेकेदारों को टिका दिया गया, मगर कानून की माने तो निविदा प्रक्रिया का नियम अपना नियम होता है। कि निर्धारित दर से कम दर के टेन्डर प्राप्त होने पर कम-कम दो बार शॉर्ट नोटिस पर निविदा बुला निविदा स्वीकृत की जानी चाहिए। 

मगर मौन मुलाजिम और चुप्पी साधे मातहतो के आगे शायद सरकार भी नतमस्तक दिखाई पड़ती है। तभी तो मनमाने अंदाज में मातहत राजस्व को चूना लगाने में लगे है। 

बहरहाल देखना होगा डूबते राजस्व को बचाने मुलाजिम और मातहतों की टीम सरकार को क्या तर्क दे, सन्तुष्ट कर पाती है जो म.प्र. में बड़ी दुकानों से राजस्व बढऩे का सपना दिखा, नई आबकारी नीति के तहत कैसे सरकार को माला-माल बनाती है। मगर वर्तमान हालातो को देख नहीं लगता कि डूबते राजस्व को सरकार के मुलाजिम या मातहतों की मडली बचाने वाली है, क्योंकि कुछ पहले ही इस जिले को पुर्ननिष्पादन के नाम करोड़ों की चपत लग चुकी है और एक बार फिर से चपत लगने की तैयारी है।  


साइबर अपराधों से निपटना वास्‍तविक चुनौती : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली 8 सितम्बर 2015  केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीआईएसएफ अधिकारियों का आह्वान किया है कि वे नए तरह के आतंकवाद, विद्रोही गतिविधियों जैसी उभरती चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए खुद को तैयार रखें। उन्‍होंने वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सरकारी इमारतों की सुरक्षा और विमानन सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सीआईएसएफ की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। हैदराबाद में आज राष्‍ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी पर 29वें बेच के सहायक कमांडेंट/ सीधे नियुक्‍त, 9वें बेच के सहायक कमांडेंट/विभागीय प्रविष्टि और 41वें बेच के सब इंस्‍पेक्‍टरों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि साइबर अपराध जैसे अपराध के नए क्षेत्रों से निपटने के लिए बल को अपनी क्षमता में सुधार करना होगा क्‍योंकि दुनिया डिजीटल हो गई है। उन्‍होंने कहा कि बल की संख्‍या वर्तमान 1.36 लाख से करीब 2 लाख करने के लिए पहल की गई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि राष्‍ट्र विरोधी ताकतें देश की अर्थव्‍यवस्‍था को अस्थिर करने का लगातार प्रयास कर रही हैं जिसके वर्तमान २ खरब रुपये से ७ खरब रुपये तक पहुंचने की संभावना थी। इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को जाता है। उन्‍होंने कहा कि बल की एक तिहाई ताकत के रूप में महिल जवानों की संख्‍या बढ़ाने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि सीआईएसएफ वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाकों की विकास गतिविधियों में सक्रियता से शामिल है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा बलों के उचित और अधिकतम इस्‍तेमाल के लिए विशेष सुरक्षा ऑडिट की जरूरत है। वर्तमान में बल में महिलाओं का हिस्‍सा केवल ५.०४ प्रतिशत है। उन्‍होंने कहा कि संघशासित प्रदेशों की तरह सभी अर्द्धसैनिक बलों में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण प्रदान करके उनकी नियुक्ति की जाएगी। सीआईएसएफ के महानिदेशक श्री सुरेन्‍द्र सिंह का कहना था कि अधिकारियों को विभिन्‍न प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। 


पुलिस के मोबाइल एप्प से जनता में मजबूत होगी सुरक्षा की भावना: डॉ. रमन सिंह

 रायपुर, ०८ सितम्बर २०१५ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां अग्रसेन कॉलेज के सभागार में जन सुरक्षा पर केन्द्रित और सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित पुलिस के मोबाईल एप्प च्सिटीजन कॉपज् का शुभारंभ किया। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस एप्प से आम जनता में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी। आपातकालीन परिस्थितियों में यह जनता के हाथ में एक प्रभावी शस्त्र के रुप में मददगार होगा। 
गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कृषि एवं जलसंसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना और नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे विशेष अतिथि के रुप में समारोह में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में जब अपराधी भी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, यह एप्प सुरक्षा की दृष्टि से उनसे आगे रहने में पुलिस और आम जनता का सहायक होगा। लोग एक क्लिक के जरिए अपनी समस्या पुलिस कंट्रोल रुम में पहुंचा सकेंगे और पुलिस की त्वरित मदद उन्हें मिल सकेगी।  छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग द्वारा सिटीजन कॉप फाउण्डेशन के सहयोग से विकसित यह एप्प रायपुर पुलिस रेंज के पांच जिलों में प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मोबाईल एप्प की जानकारी, फीचर्स और उपयोग की विधि पर केन्द्रित ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने समारोह में सिटीजन फाउण्डेशन के संचालक श्री राकेश जैन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। फाउण्डेशन द्वारा यह एप्प छत्तीसगढ़ पुलिस को निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है। इस एप्प के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने पर एक यूनिक आईडी आवेदनकर्ता के मोबाइल पर एस.एम.एस. से प्राप्त होगा। दर्ज शिकायत की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी। शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी आवेदक को दी जाएगी। इस एप्प को मोबाईल पर गूगल प्ले स्टोर और एप्प स्टोर से निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित कालोनियों में एप्प की मदद से बेहतर सुरक्षा की जा सकेगी। यह एप्प अकेले यात्रा करने वाली माताओं और बहनों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि इससे अहसास होगा कि पुलिस मदद के लिए आसपास है और लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा ने पुलिस विभाग को इस अच्छी पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए यह विश्वास जताया कि एप्प के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर पुलिस अधिकारी सजगता और सक्रियता के साथ त्वरित कार्रवाई करेंगे। पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय ने कहा कि जनसुरक्षा, पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद, त्वरित सेवा की मंशा और आम जनता के सशक्तिकरण जैसे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह मोबाइल एप्प तैयार किया गया है, जो लोगों के लिए काफी उपयोगी होगा। रायपुर पुलिस रेंज के महानिरीक्षक श्री जी.पी. सिंह ने मोबाइल एप्प के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एप्प से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर पुलिस त्वरित प्रतिक्रिया कर कार्रवाई करेगी। मोबाइल एप्प में घटना की सूचना, पुलिस निर्देशिका, वाहन खोज, मेरी मदद करो, प्रशासनिक निर्देशिका, ताजा जानकारी, खोए चोरी की शिकायत, आपतकालीन निर्देशिका और स्वयं का सुरक्षा घेरा जैसे फीचर दिए गए हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह श्री बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यिम, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री अशोक अग्रवाल सहित पुलिस और प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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