वैचाारिक राज के लिये, व्यवहारिक प्रमाणिकता अहम

विलेज टाइम्स, सितम्बर 2015। चाल चरित्र ही वह पहलू है जो प्रमाकिता प्रदर्शित करते है जिससे प्रेम का निर्माण होता है और प्रेम ही वह विषय ...

विलेज टाइम्स, सितम्बर 2015। चाल चरित्र ही वह पहलू है जो प्रमाकिता प्रदर्शित करते है जिससे प्रेम का निर्माण होता है और प्रेम ही वह विषय वस्तु है जिससे दिलो पर राज किया जा सकता है। हो सकता है यह लेखक की अपनी  व्यक्तिगत राय हो, मगर व्यवहार यहीं कहता है। आज जिस तरह की उथ पुथल ाारतीय समाज में है और  विदेशों में बैठे अन्य समाज जो टकटकी लगाये भारत को देख रहे है, हो सकता है, उन्हें भविष्य में मायूसी हाथ लगे क्योंकि भारत चल पढ़ा है।
फिर विचारधारा जो भी हो, फिलहाल यह आन्तरिक मामला है। जिसमें हर भारत वासी और मानवता के लिये कार्य करने वालों का सक्रिय योगदान अपेक्षित हो, यूं तो भारत ही नहीं विश्व में कई विचार धारायें प्रचलित है जिनके आधार पर लेाग संगठित भी हो, मगर जिस तरह का घालमेल सिद्धान्त और व्यवहार में भारत के अन्दर वैचारिक तौर पर विचार धारा के रुप में सामने है वह खण्डित स्वरुप है। वोटों की मजबूरी और सतत सत्ता के लाभ ने न तो महान विचारों को कहीं का छोड़ा न ही विचार धारा को स्वच्छ रखा।

जिसका परिणाम है कि आज देश की राजनीति में विचार और विचार धाराओं की दुहाई दे दिल पर राज करने की बात तो कही जाती है मगर उसका जीवंत प्रमाण, प्रमाणित तौर कोई देना नहीं चाहता।
कारण कि लेाग लेाकतंत्र की खातिर अब संगठित हो लेाकतंत्र की रक्षा में जुट गये है।

कहते है विचार और विचार धारायें तभी तक जीवंत रहती है जब तक कि वह मानव स यता के उत्थान में अपने व्यवहार से प्रमाणिकता साबित करती रहती है। जब प्रमाणिकता आदृश्य हो जाती है तो विचार और विचार धारायें भी ओझल होने लगती है।
बेहतर हो कि जो आज विचार धाराओं की दुहाई देते नहीं थकते वह पहले उसे व्यवहार में तो लाये क्योंकि महात्मा गांधी कहते थे कि आप जो है, बैसा लोगों को दिखना ही नहीं मेहसूस भी होना चाहिए। मगर निर्जीव स यता के आक्रमण में विचार धारायें कितनी जगह बचा पायेगी यह ाविष्य पर निर्भर करेगा, क्योंकि जमाना जो मार्केटिंग का है।

 ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने कृषि मंत्री के विचार : खेती-किसानी और उससे जुड़े काम-धंधों कोबढ़ावा देना जरूरी: श्री बृजमोहन अग्रवाल
 रायपुर २९ सितम्बर २०१५ कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने की जरूरत है। खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन, मछलीपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेती-किसानी से जुड़े उद्योग-धंधे लगाने के लिए प्रेरित करना आज की आवश्यकता है। इससे गांवों से शहरों की ओर प्रतिभा पलायन भी रूकेगा। श्री अग्रवाल आज यहां शासकीय कृषि महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभाकक्ष में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा उसके अन्तर्गत आने वाले ३१ कृषि, उद्यानिकी और कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के छात्र संघों के शपथ ग्रहण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। श्री अग्रवाल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आगामी एक वर्ष के भीतर ढाई सौ सीटों का नया छात्रावास खोलने की घोषणा की। समारोह के मुख्यवक्ता श्री दीपक विस्पुते ने अपने उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को देश और समाज के हित में कार्य करने की सीख दी। श्री विस्पुते ने नोबल पुरस्कार विजेता श्री रविन्द्रनाथ टैगोर की जापान यात्रा का उदाहरण देकर युवाओं को समझाया कि देश का गौरव ऊंचा करने से ही हर व्यक्ति को सम्मान मिलेगा। श्री अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में छात्र समूह संघों के सभी पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उनसे आग्रह करते हुए कहा कि अपने-अपने संस्थाओं में शिक्षा सुविधा को बेहतर बनाने के लिए विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान में खेती-किसानी और उससे जुड़े छोटे-बड़े काम धंधे सबसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। युवा वर्ग कृषि आधारित उद्योग धंधे लगाकर अन्य लोगों को रोजगार के अवसर दे सकते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश सरकार सभी कृषि, उद्यानिकी और कृषि अभियांत्रिकीय महाविद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने हरसंभव सहयोग दे रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले छात्र-छात्राओं को प्रदेश से बाहर पढ़ाई करने पर छात्रवृत्ति भी दी जाती है। कृषि मंत्री ने कहा कि नये राज्य छत्तीसगढ़ में विकास के लिए नये-नये कार्य करने की व्यापक संभावनाएं है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन संभावनाओं को मूर्तरूप देकर विकास के नये-नये आयाम स्थापित कर रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय कुमार पाटिल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह तोमर ने भी सम्बोधित किया। कृषि मंत्री श्री अग्रवाल ने समारोह में कई छात्र-छात्राओं को लैपटाप का वितरण किया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी छात्र संघों के पदाधिकारियों को शपथ दिलायी। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

COMMENTS

Name

तीरंदाज,321,व्ही.एस.भुल्ले,515,
ltr
item
Village Times: वैचाारिक राज के लिये, व्यवहारिक प्रमाणिकता अहम
वैचाारिक राज के लिये, व्यवहारिक प्रमाणिकता अहम
http://4.bp.blogspot.com/-PlQPSjE2XLA/VgrmUG38F6I/AAAAAAAAwTc/93h4fV4XyZg/s200/Indian-Flag-Image-Children-4.jpg
http://4.bp.blogspot.com/-PlQPSjE2XLA/VgrmUG38F6I/AAAAAAAAwTc/93h4fV4XyZg/s72-c/Indian-Flag-Image-Children-4.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2015/09/blog-post_29.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2015/09/blog-post_29.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy