सुविधाओं के मोहताज वन ग्राम

विलेज टाईम्स, म.प्र.। ग्राम मिलनपुरा, ग्राम पंचायत ठाटी जनपद नरवर जिला शिवपुरी में न स्कूल, सड़क, पानी, राशन है यहां तक पेयजल, चिकित्सा सेवा के लिये भी किलोमीटरों पैदल जाना पढ़ता है। 100 के लगभग शहरिया जाति के परिवार घास-फू स की झोपड़ी बना निवास करते है जिनके आय का साधन भी मात्र मजदूरी है जिसे करने के लिये भी उन्हें उ.प्र. के झांसी शहर जाना पड़ता है।

हमारे संवाददाता श्री रामप्रकाश शर्मा एकता परिषद ने बताया कि मिलनपुरा ही ऐसा वन ग्राम नहीं ऐसे ही हालात एक और ग्राम पंचायत विची नरवर के है। जहां वन भूमि पर लगभग 43 परिवार खेती तो शेष मजदूरी कर अपने परिवारों का भरण पोषण करते है। जहां बच्चों की शिक्षा के हालात यह है कि 5 दिन में एक मर्तवा मास्टर पढ़ाने आते है।
300 लेागों की जनसं या वाले इस गांव में भी न बिजली, राशन चिकित्सा सुविधा है। पेयजल हेतु यहां एक मात्र हेन्डप प  मगर लेागों की शिकायत है कि उनकी खेती की जमीन पर प्लान्टेशन लगाये जा रहे है। जिसके चलते आने वाले समय में रोजगार का संकट होने वाला है। वहीं ग्रामीणों ने शौचालयों की शुरुआत करते हुये कहा कि अगर सरकार की मदद मिली तो वह पूरे गांव को इस अभियान से जोड़ स्वच्छ गांव बना लेगें।

समय-सीमा में सत्यापन और प्रविष्टि पर पुरस्कार, लापरवाही पर सजा
रायसेन 7 १७-सितम्बर-२०१५ समग्र पोर्टल पर शौचालय सहित परिवारों का ब्यौरा दर्ज करने के काम में बरती जा रही लापरवाही पर राज्य शासन ने नाराजगी जताई है। इसके साथ ही जनपद स्तर पर शौचालय सहित परिवारों के विवरण की मॉनीटरिंग का काम गंभीरता से किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में जिन परिवारों के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध है उनके सत्यापन के बाद संपूर्ण ब्यौरा समग्र पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। ब्यौरा गत १ सितंबर २०१४ के समग्र डाटा बेस के आधार पर तैयार किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरूणा शर्मा ने सभी जिला कलेक्टर को स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर बेस लाइन सर्वे २०१२ में दर्ज शौचालययुक्त परिवार तथा वर्ष २०१३-१४ से अगस्त २०१५ तक बने शौचालय की संख्या को शामिल करते हुए शौचालय सुविधा वाले परिवारों की प्रविष्टि समग्र पोर्टल में पंचायतवार दर्ज करवाया जाना सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिये २६ सितंबर २०१५ की समय-सीमा निर्धारित की गई है। समय-सीमा में प्रविष्टि और सत्यापन कार्य करने वाले ग्राम रोजगार सहायक तथा प्रविष्टिकर्ता को प्रति पंचायत ५०० रुपये के मान से पुरस्कृत किया जायेगा। इसी तरह जो ग्राम पंचायत समय-सीमा में प्रविष्टि एवं सत्यापन कार्य पूरा नहीं करेगी उनके जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों को दंडित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। इस काम में लापरवाही बरतने वाले जनपद स्तर के अधिकारी और कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित करने को भी कहा गया है।

सहरिया जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार को रोजगार हेतु ३० सितम्बर तक आवेदन करे
शिवपुरी -सितम्बर-२०१५ आदिम जाति कल्याण विभाग के माध्यम से विशेष पिछड़ी सहरिया जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु म.प्र.शासन द्वारा ३० हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी। स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु इस जनजाति वर्ग के ऐसे शिक्षित बेरोजगार जिन्होंने लघु व्यवसाय एवं स्वयं का रोजगार स्थापित करने के संबंध में लघु उद्योग निगम अथवा शासन मान्यता प्राप्त किसी संस्था व उपक्रम से व्यवसाय विशेष के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो, अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए सहायता राशि प्राप्त करने हेतु अपना फोटोयुक्त आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाणपत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा पहचान पत्र सहित आवेदन जिला संयोजक एवं सचिव सहरिया विकास अभिकरण जिला शिवपुरी के कार्यालय में ३० सितम्बर २०१५ तक जमा करे। विस्तृत जानकारी सहरिया विकास अभिकरण शिवपुरी के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

गेल इण्डिया की गैस पाइप लाइन के पास खनन एवं निर्माण कार्य करना हो सकता है खतरनाक
झाबुआ १७-सितम्बर-२०१५ झाबुआ अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत गेल पाइप लाइन एवं प्रतिष्ठान की सुरक्षा और इसके संबंध में सुरक्षा प्रबंधन समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन विगत १६ सितम्बर को गेल झाबुआ में डीजीएम गेल श्री असीम प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फायर ऑफीसर झाबुआ, प्रभारी डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड, जनसंपर्क अधिकारी, एसपी.रेड्डी वरिष्ठ प्रबंधक गेल सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में पूर्व बैठक में लिये गये निर्णयों पर हुई कार्यवाही के संबंध में चर्चा की गई। इमरजेन्सी के समय की जानी वाली कार्यवाही एवं सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी दी गई। बैठक में गेल इण्डिया द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में लगाये गये अवेयरनेस कैम्पों की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि कैम्पो के माध्यम से ग्रामीणो को बताया गया कि गेल इण्डिया की गैस पाइप लाइन के पास किसी भी प्रकार का खनन एवं निर्माण कार्य करना खतरनाक हो सकता है। ग्रामीण जन पाइप लाइन के आसपास बिल्डिंग अथवा किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य, नहीं करे। किसी भी प्रकार के टैंक, कुआ, कुण्ड अथवा डैम के लिए खुदाई ना करे। कुंए अथवा ट्यूबवेल में ब्लास्टिंग ना करे। किसी भी प्रकार के पौधे ना लगाये। इससे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है, परिणाम स्वरूप खतरे की संभावना बढ जाएगी।

गैस रिसाव की संभावना हो तो तुरंत गेल कार्यालय अथवा पुलिस को सूचित करे
किसी भी प्रकार की असामान्य परिस्थिति जैसे कि पाइप लाइन में गैस रिसाव आदि की स्थिति में गेल अधिकारियों अथवा पुलिस स्टेशन नियंत्रण कक्ष गेल झाबुआ को दूरभाष क्रमांक ०७३९२-२४३३५८, २४३५५९ एवं सुरक्षा कक्ष गेल झाबुआ ०७३९२-२४३५५२ तथा रेडियो कक्ष गेल झाबुआ ०७३९२-२४४५८२ को तुरंत सूचित करे। ऐसा कुछ भी न करे जिससे गैंस में आग पकडने की संभावना हो, गैस रिसाव वाले क्षेत्र के आसपास ध्रुम्रपान न करे, किसी भी प्रकार का स्पार्क ना करे, किसी भी वाहन को चालू न करे। कोई भी ऐसा कार्य ना करे जिससे चिंनगारी उत्पन्न होने की संभावना हो, यदि हवा की दिशा आपकी ओर हो, तो गैस रिसाव की विपरित दिशा में भागे।

नुकसान पहुंचाया तो होगी १० साल की सजा
प्राकृतिक गैस से शरीर को कोई हानि नहीं पहुंचती है लेकिन इसमें सावधानी बरतना चाहिए ताकि आग न लगे, गैस पाइप लाइन को क्षति पहुंचाने के गंभीर परिणाम हो सकते है। यदि कोई व्यक्ति पाइप लाइन को क्षति पहुंचाते पाया जाता है, तो इसकी अनदेखी न करे। तुरंत गेल और स्थानीय पुलिस को सूचित करे। आपात कालीन स्थिति में धैर्य से काम ले। गैस पाइप लाइन को यदि कोई क्षति पंहुचाता है अथवा क्षति पहुंचाने की कोशिश करता है,तो १० साल के कठोर कारावास तथा आर्थिक दण्ड की सजा हो सकती है।
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