गांधी की कल्पना और दीनदयाल के दर्शन पर आधारित है पुर्नजागरण अभियान: वीडी शर्मा

व्ही.एस.भुल्ले। विलेज टाईम्स, 31 अगस्त 2015। सितम्बर 2015 में उत्तरप्रदेश के मथुरा में समापन होने वाले जन जागृति अभियान पुर्न जागरण केे कार्यक्रम में सिरकत करने शिवपुरी पहुंचे नेहरु युवा केन्द्र उपाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि नेहरु युवा संगठन देश भर के लगभग 8 लाख गांवों में यह अभियान युवाओं के सहयोग से चला रहा है।
जिसका उद्देश्य महात्मा गांधी की ग्रामीण विकास की संकल्पना स्वराज को सुराज में बदलने के लिये एवं पंण्डित दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानवता के दर्शन को गांवों-गांवों पहृुंचाने के लिये रथ नुक्कड़ नाटक सभाओं के माध्ययम से प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे देश के 65 प्रतिशत कामगार युवाओं की भूमिका वह राष्ट्र निर्माण में तय कर सके। देखा जाये तो आज भी 70 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है और उन्हीं के कल्याण के लिये केन्द्र सरकार ने कई महात्वकांक्षी योजनाऐं चला रखी है। जिसमें दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री जन धन योजना, सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेन्शन योजना, प्रधानमंत्री सिचाई, ग्रीन इंण्डिया, डिजिटल इंण्डिया जैसी तमाम महात्वकांक्षी योजना चला रखी है। जिससे लेागों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा के साथ कौशल उन्न्यन के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त हो सके।

जब शर्मा से पूछा गया कि आपकी केन्द्र में सरकार के 15 वर्ष पूर्ण होने के बाबजूद भी म.प्र. में प्रचलित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, महात्मा गांधी रोजगार गारन्टी, राष्ट्रीय जल ग्रहण मिशन, अनुसूचित जनजाति येाजनाओं में पर्याप्त राशि न देने से बेरोजगारी एवं विकास अवरुद्ध हुआ है। यहां तक कि बी.आर.जी.एफ योजना सां याकी भाषाई शिक्षक योजना स ााप्त कर हजारों लेागों का रोजगार छीन उनका भविष्य चौपट किया गया है। ऐसे में केन्द्र सरकार की मंशा का क्या औचित्य रह जाता है। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार ने औचित्य हीन योजनाओं को बन्द किया है न कि किसी का रोजगार छीना है। जब उनसे पूछा गया कि आप गांधी के आदर्श ग्राम की कल्पना और पंण्डित जी की दर्शन की बात करते है ऐसे में जब परिवार चलाने कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह की जरुरत होती है और आपकी सरकारें ऐसे में 2500 रुपये से लेकर 5000 हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर शिक्षा, स्वास्थ एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ताओं से कार्य ले शोषण पर उतारु है ऐसे में गांधी की कल्पना और पंण्डित जी के दर्शन को आप कहा पाते है। उन्होंने कहा कि यह यूपीए सरकार की देन है। जब उनका ध्यान इस ओर आक्रशित कराया गया कि आपकी सरकार को इसीलिये तो देश की जनता ने सत्ता में बैठाला है। मगर शोषण आज भी जारी है। उन्होंने कहा मैंने स्वयं पहल करते हुये हमारे नेहरु युवा केन्द्र में पारस श्रमिक 2000 हजार से बढ़ाकर 5000 हजार किया है।

जब श्री शर्मा का ध्यान म.प्र. सरकार द्वारा 12 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश के अन्दर यहां तक कि म.प्र. के उघोग मंत्री के क्षेत्र में एक भी उघोग न लगाने पाने और प्रदेश का शराब उघोग सेकड़ों करोड़ बढ़कर हजारों करोड़ तक पहुुंच जाने के पीछे की मंशा को जानने चाहा तो उनका सीधा सा जबाव था कि ऐसा नहीं कि कोई उघोग म.प्र. में नहीं लगा,  कई उघोग स्थापित हुये है। मगर वह एक भी उघोग का नाम नहीं बता सके।
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