भाया तीनो के तीनो बच गये...?

भैया- हारे महान मूड़धन्यों के मगज को भी मानना होगा, मौन रहकर पूरे तीनो के तीनो बचा लिये और आवाज उठाने वालो के मुंह उन्हीं के क्षेत्र में हल्ला बोल के अस्त्र से चुप करा दिये गये। क्योंकि हल्ला बोल के चलते न तो चिल्लाने वालो की कोई क्रिया आई और न ही संसद न चलने देने वालो की हल्ला बोल पर कोई प्रतिक्रिया आई। किसी को भूमाफिया तो किसी को नॉप्रोग्रेस का तमका बांटा जा रहा है।
वहीं दामाद सहित ससुरालियों के नाम प्रचलित ट्रस्ट का वह भू-भाग वापस लिया जा रहा है। कै भाया अब वाक्य  में ही कॉग्रेस खत्म हो जायेगी या फिर एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ सत्ता में आयेगी। मगर जावड़ेकर का तल्ख अन्दाज देख मने न लागे कि अगले 15 वर्ष तक कॉग्रेस सत्ता में आ पायेगी। 5 वर्ष न सही, कम से कम अगले 5 वर्ष के लिये केडर वालो की कुर्सी जरुर फिक्स हो जायेगी। क्योंकि न तो कॉग्रेस पर फिलहॉल कोई मुद्दे है न ही कॉग्रेस में जनभावनाओं से जुड़ा कोई कल्चर, सरकार जाने के एक वर्ष बाद भी उसकी वहीं भाषा बॉडी लेंग्यूज ठीक बैसी की बैसी जैसी कि सत्ता में रहते वक्त थी और आज भी वह उसी की वैशाखी पर सवार हो, घुड़ सवारी करना चाहती है,ै फिलहाल मने तो न लागे ऐसे में कॉग्रेस कोई बहुत कुछ कर पायेगी।
भैये- तने तो बावला शै, यह हमारा भारत महान है जिसमें जो भी हो जाये वह कम है। कब कौन राजा से रंक और रंक से रातों रात राजा बन जाये। कहना मुश्किल है, सो मुगालता तो भारत जैसे महान भू-भाग पर अच्छे-अच्छों का टूटा है फिर कैडर वालो का अगले 15 वर्ष तक सत्ता में बने रहने का बहम क्या चीज है ?
भैया- तो कॉग्रेस क्या पुन: सत्ता में लौट पायेगी और मशखरों की मलाई एक बार फिर से सुरक्षित हो जायेगी। 
भैये- कहावत पुरानी है मगर सो आने सच, कै खुद के मरे ही स्वर्ग दिखता है, बरना तो हर सपना सच होता है। 
भैया- तो मने कै करु, जो फिर से हारी सरकार बन जाये और एक बार फिर से सेवा के नाम हारे व्यवसायी नेताओं को मलाई लूटने की छूट मिल हारी भी, पौ बारह हो जाये। गर इतना हो सका तो हारे दल ही नहीं दिल का भी कॉरपोरेट जगत से भी बेहतर प्रबन्धन कर दिया जायेगा, इस बार नेताओं की छवि चमकाने की जगह पूरे दल का ही स्वरुप बदल दिया जायेगा और छवि चमकाने वाली एजेन्सियों को भी मोटा माल दिया जायेगा। जिससे लेागों के दिल जुड़े न जुड़े फेसबुक, टूयुटर, यूटीयूब सहित ब्लॉकर के माध्यम से जोड़ा जायेगा रोजगार की तलाश में घूमते हारे गरीब बेरोजगार भाईयों को भी काम मिल जायेगा। और हारा दल भी हाइटेक हो एजेन्सियाँ के रहमो करम पर पल मजबूत हो जायेगा। 
भैये- मगर हीलिंग टच कैसे मिलेगा, कौन फर्स बिछा, झण्डा लेकर खड़ा होगा ? 
भैया- एक बार सत्ता में तो आने दे, हीलिंग ही नहीं हम बड़ी-बड़ी एजेन्सियों को हायर कर फीलिंग भी बदल देगें। दिल ही नहीं दल में ऐसी हाइटेक प्रणाली की शुरुआत करेगें कि लेाग स्वयं की सेवा खुद करते तो, हम बगैर किसी झंझट के ही मौज करते नजर आयेगें। गरीबों को कुछ मिले न मिले मगर हारे मलाई मार जरुर हारे दल की कीमत पर मजे करते नजर आयेगें। क्योंकि हम अब हाइटेक है। बोल भैया कैसी रही।
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