आजादी के 68 बाद, शिक्षा में साहसिक कदम

व्ही.एस.भुल्ले। विलेज टाईम्स, अगस्त 2015। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों से रायसुमारी पश्चात हुये निर्णय ने साफ कर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में 68 वर्ष बाद ही सही कुछ सार्थक निर्णय तो हुये। जिसमें 5वी, 8वी की परीक्षा बोर्ड और विषय वस्तु तैयार करने तीन सब कमेटियों जिसमें राज्यों के प्रतिनिधि, शिक्षा, विद अन्य विशेषज्ञ भी शामिल होगें।

ये अलग बात है कि देश की मानव संसाधन विकास मंत्री को लेकर टीका टिप्पणणियों और सवालों की चर्चा आम रहती हो, मगर स्वयं के विभाग की गतिविधियाँ पर होने वाले सवाल या चर्चाओं के प्रति वह काफी संजीदा ही नहीं संवदेनशील भी है। देश के कई प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक के पश्चात 5-8 बोर्ड परीक्षा पुन: शुरु करने एवं विषय वस्तु हेतु सब कमेटियां बनाये जाने के निर्णय ने साफ कर दिया। कि राष्ट्रीय हित में शिक्षा की क्या एहमीयत है।

क्योंकि यह सर्वथा सत्य है कि बेहतर प्रबन्धन और विषय विशेष गाड़ी में उस दो पहिये की तरह होते है जिनसे भविष्य निर्माण कि शुरुआत होती है।  अगर त्वरित निर्णय लेने वाला बेहतर समझ, संवेदनशील चालक ऐसा गाड़ी को चलाये तो गत य तक पहुंचना सुनिश्चित हो जाता है।

अगर ऐसे में किसी भी समाज राष्ट्र की रीढ़ मानी जाने वाली शिक्षा के क्षेत्र में आजाद के 68 वर्ष बाद कोई सुधार हो रहा है, तो यह उस राष्ट्र और समाज की मजबूती के लिये शुभसंकेत है।
SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment