प्रधानमंत्री का उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को उपहार

06-जुलाई, 2015 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 13वीं सदी के महान सूफी कवि अमीर खुसरो द्वारा रचित खमस-ए-खुसरो की एक विशेष तौर पर तैयार की गई प्रति राष्ट्रपति इस्लाम कारीमोव को भेंट की। अमीर खुसरो का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था और उनके पिता उज्बेकिस्तान से आए थे। फारसी में लिखी गई और विशिष्ट तौर पर सजाई गई तथा स्वर्ण और विशेष तत्वों सहित अनेक रंगों में चित्रित यह प्रति राष्ट्रीय संग्राहलय, दिल्ली द्वारा पांडुलिपियों के संग्रह का एक हिस्सा है।


छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को मिली घर बैठे ऑनलाईन आवेदन की सुविधा
रायपुर. 06 जुलाई  2015  छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ता अब नये बिजली कनेक्शन के लिए घर बैठे ऑनलाईन आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां डिजिटल इंडिया सप्ताह के अन्तर्गत पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में इस सुविधा का लोकार्पण किया। ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाईन सुविधा का लाभ लेने के लिए इच्छुक उपभोक्ता को वितरण कम्पनी की वेबसाईट (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटसीएसपीडीसीएलडॉटकोडॉटइन) www.cspdcl.co.in पर उपलब्ध ऑनलाईन न्यू कनेक्शन लिंक की सहायता से अपना यूजर एकाउंट बना होगा। इस एकाउंट में लॉग इन कर आवेदक को ऑनलाईन आवेदन भरना होगा और आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कापी अपलोड करनी होगी। ऑनलाईन आवेदन में उपलब्ध सबमिट बटन क्लिक करने पर आवेदन स्वतः विद्युत कार्यालय में जमा हो जाएगा। आवेदक को संदर्भ के लिए अस्थायी पंजीयन संख्या प्राप्त होगी। यदि स्कैन कॉपी अपलोड नहीं हो पाती है, तो आवेदक को सात दिन के अन्दर दस्तावेजों की स्व सत्यापित प्रति संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। यदि औद्योगिक श्रेणी हेतु आवेदन किया जाता है, तो सात दिन के अन्दर स्व सत्यापित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। संबंधित विद्युत कार्यालय ऑनलाईन आवेदन में भरी जानकारी के सत्यापन के बाद आवेदक को स्थायी पंजीयन संख्या (बीपीक्रमांक) जारी करेगा। सर्र्वे के आधार पर कार्य का आवश्यक प्राक्कलन स्वीकृत कर प्राक्कलन की राशि के लिए मांग पत्र आवेदक के बीपी क्रमांक में दर्ज हो जाएगा। इसकी जानकारी एसएमएस और ई-मेल से आवेदक को दी जाएगी। आवेदक मांग पत्र की राशि का भुगतान वितरण कम्पनी की वेबसाईट पर बीपी क्रमांक के आधार पर, संबंधित विद्युत कार्यालय के कैश काउंटर पर, क्षेत्र की एटीपी मशीन, पे पाइंट पर या सीएससी केन्द्र पर कर सकते हैं। राशि भुगतान के बाद शहरी क्षेत्र में दस किलोवॉट भार तक का कनेक्शन तीन दिन में और ग्रामीण क्षेत्र में पांच किलोवॉट भार तक कनेक्शन सात दिन के अन्दर प्रदान किया जाएगा। यदि आवेदक ने ऑनलाईन आवेदन भरते समय दस्तावेजों की स्कैन कापी अपलोड की है, तो मीटर स्थापना के समय आवश्यक दस्तावेजों की स्व हस्ताक्षरित छायाप्रति संबंधित लाईनमेन को देनी होगी। घरेलू या गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों के विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन सह अनुबंध पत्र, किराए के परिसर में कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर परिसर स्वामी का अनापत्ति प्रमाण-पत्र, आवेदक का पहचान संबंधी फोटोयुक्त परिचय पत्र (आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्रायविंग लाईसेंस, सर्विस पहचान पत्र, वोटर आईडी कार्ड, पेनकार्ड, फोटोयुक्त पासबुक, मनरेगा रोजगार कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज और स्वास्थ्य बीमा कार्ड में से कोई एक) दस्तावेज जमा करने होंगे। गैर घरेलू प्रयोजन, खेती तथा औद्योगिक और सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने संबंधी जानकारी विभागीय वेबसाईट पर देखी जा सकती है। इस वेबसाईट की मदद से उपभोक्ता वर्तमान बिजली कनेक्शन में भार, टेरिफ और नाम परिवर्तन के लिए ऑनलाईन आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कर सकते हैं।

39 स्थानों पर की बिजली चोरी की जांच  20 लाख 30 हजार का राजस्व निर्धारण
जयपुर, 6 जुलाई। अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के सतर्कता दलों द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए की गई प्रभावी कार्यवाही के तह  सोमवार को विभिन्न वृत्तों के 39 स्थानोंं पर छापामार कार्यवाही की जाकर कुल 24 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ कर कुल 20 लाख 30 हजार रूपए का राजस्व वसूली का निर्धारण किया गया। निगम द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए 6 जुलाई को की गई कार्यवाही के तहत बिजली चोरी के सामने आए मामलों में अजमेर वृत्त में 9 स्थानों पर जांच कर 2 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़कर 3 लाख रूपए का राजस्व निर्धारण किया गया। भीलवाड़ा वृत्त में 4 स्थानों पर जांच कर 3 स्थानों पर चोरी पकड़कर एक लाख 20 हजार रूपए का राजस्व निर्धारण किया गया। नागौर वृत्त में 15 स्थानों पर जांच कर 8 स्थानों पर चोरी पकड़कर 5 लाख 10 हजार रूपए का राजस्व निर्धारण किया गया तथा झुंझुनूं वृत्त में 11 स्थानों पर जांच कर सभी स्थानों पर चोरी पकड़कर एक लाख रूपए का राजस्व निर्धारण किया गया।

मध्यप्रदेश में प्रगतिशील औद्योगिक नीति
भोपाल : सोमवार, जुलाई 6, 2015, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में प्रगतिशील औद्योगिक नीति लागू है। मध्यप्रदेश में आने वाले सभी निवेशकों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ निवेशकों से मिलने के नियमित क्रम में दो निवेशक से मुलाकात की। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज उजास इनर्जी के संचालक श्री विकल्प मूंदड़ा और गीतांजलि समूह के चेयरमेन श्री मेहलु चौकसी ने मुलाकात की। उजास इनर्जी प्रदेश में सोलर सेल और माड्यूल्स की निर्माण इकाई स्थापित करना चाहता है। इकाई में करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसी तरह गीतांजलि जेम्स प्रदेश में भोपाल, इन्दौर या खजुराहो के पास जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क स्थापित करना चाहती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवेशकों से मुलाकात के बाद पूर्व में दिये निर्देशों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निवेश से जुड़े निर्देशों का पालन समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा, नगरीय विकास एवं पर्यावरण और वाणिज्यिक कर विभाग से संबंधित निर्देशों की समीक्षा की गयी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस. के. मिश्रा, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक एवं उद्योग श्री मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री विनोद सेमवाल, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं पर्यावरण श्री मलय श्रीवास्तव और ट्रायफेक के प्रबंध संचालक श्री डी.पी. आहूजा भी उपस्थित थे।

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