देश का सच्चा सपूत, सुपुर्द-ए-खाक

व्ही.एस.भुल्ले। इतने महान, देश के सच्चे सूपत के बारे में लिखते वक्त में स्वयं को कुछ नरबस, तो गौरान्वित महसूस कर रहा हूं। मेरी समझ में डॉ. कलाम साहब उच्चकोठी के सफल वैज्ञानिक देश 11 वे राष्ट्रपति ही नहीं, सही मायने में वह एक दूर द्रष्टा, विचारक और संत भी थे।  जिन्होंने अपना समुचा सार्वजनिक जीवन देश और मानव कल्याण के लिये समर्पित कर दिया।

संघर्ष से शुरु हुई देश इस सच्चे सपूत की इस जीवन यात्रा में उन्होंने कई लाजबाव आयाम तय किये, वे एक इन्जीनियर, वैज्ञानिकही नहीं उन्होंने राष्ट्रपति के रुप में देश को भी गौरान्वित किया, देश और मानव कल्याण के साथ आम भारत वासी के खुशहाल जीवन के लिये क्या और कैसे किया जा सकता है। के लिये वह देश के बच्चों ही नहीं युवा छात्रों को भी प्रेरणा श्रोत बने रहे। बगैर किसी अपेक्षा के सादगी भरा जीवन, उच्च स्थापित सिद्धान्त मान्याताओं  के साथ जीने वाले इस देश के महान सपूत ने किसी से स्वयं के लिये कोई अपेक्षा नहीं की, और एक साधारण, सरल जीवन यात्रा के साथ कार्य करते हुये अन्तिम विदाई ली। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दे साबित कर दिया कि सच्चे देश भक्त हमेशा देश दुनिया को कुछ देकर जाते है न कि कुछ लेकर, शायद किसी ने सच लिखा कि देश के हर नागरिक का धर्म होना चाहिए, कि वह यह न सोचे, कि उसे देश ने क्या दिया। बल्कि यह सोचना चाहिए कि उसने देश और मानव स यता को क्या दिया ? शायद यहीं सच्ची श्रद्धाजंली होगी, देश के इस महान सपूत को।

स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत दिल्‍ली में 480 सार्वजनिक शौचालय-सीटों का निर्माण
दिल्‍ली  ३०-जुलाई, २०१५ स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत दिल्‍ली में ८० स्थानों पर ४८० सार्वजनिक शौचालय-सीटों का निर्माण किया जाएगा। यह निर्माण अगले तीन महीनों के दौरान होगा। यह निर्णय कल शाम को भारत सरकार के शहरी विकास सचिव श्री मधुसूदन प्रसाद की अध्‍यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया। इस बैठक में एनडीएमसी, दिल्‍ली नगर निगम के तीनों अंगों और दिल्‍ली शहरी आश्रय सुधार परियोजना (डीयूएसआईपी) के मुख्‍य कार्यकारियों, दिल्‍ली सरकार के विशेष सचिव, दिल्‍ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) के अध्‍यक्ष तथा अन्‍य आला अधिकारियों ने हिस्‍सा लिया। श्री मधुसूदन प्रसाद ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान के तहत तीव्र कार्रवाई की आवश्‍यकता पर बल दिया और इस बात पर चिन्‍ता व्यक्‍त की कि दिल्‍ली के धीमे विकास के कारण लोगों में नकारात्‍मक धारणाएं बन रही हैं। बैठक में सार्वजनिक शौचालयों से संबंधित तमिलनाडु के ''नम्‍मा'' मॉडल तथा दिल्‍ली शहरी आश्रय सुधार परियोजना द्वारा विकसित विभिन्‍न मॉडलों पर चर्चा की गई। सार्वजनिक शौचालय का नम्‍मा मॉडल डॉ. ए पी जे अब्‍दुल कलाम के सुझाव पर तैयार किया गया था जब वे १९९८ में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार थे। इस मॉडल को तमिलनाडु में इस्‍तेमाल किया जा रहा है। नम्‍मा शौचालयों की प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भी सराहना की थी जब उन्‍होंने पिछले महीने तीन नए शहरी अभियानों को जारी करने के दौरान आयोजित एक प्रदर्शनी में इसे देखा था। दिल्‍ली के चार शहरी निकाय ऐसे २० स्‍थानों की पहचान करेंगे जहां सार्वजनिक शौचालय परिसर बनाए जाने हैं। प्रत्‍येक शौचालय में ६ सीटें होंगी। इस तरह ८० स्थानों के आधार पर कुल ४८० शौचालय-सीटों का निर्माण किया जाएगा। इस काम के लिए नम्‍मा और डीयूएसी के मॉडलों का उपयोग किया जाएगा। कॉरपोरेट सामाजिक दायित्‍व के अंतर्गत नेशनल बिल्डिंग्‍स कांस्‍ट्रक्‍शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) लागत का कुछ हिस्‍सा वहन करेगा।
डीयूएसआईपी मलिन बस्तियों में एक हजार सामुदायिक शौचालय सीटों को लगाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करेगा। सामुदायिक शौचालय सीटों के निर्माण के लिए ४० प्रतिशत अंतराल निधि का विस्‍तार किया जाएगा, जिसे इन शौचालयों का इस्‍तेमाल करने वालों से मामूली शुल्‍क लेकर पूरा किया जाएगा।
स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत २०१९ तक १,२९,३९८ व्‍यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों, ९१५६ सार्वजनिक शौचालय सीटों और १९८२ सामुदायिक शौचालय सीटों का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा इस दौरान शत-प्रतिशत ठोस कचरा प्रबंधन को भी सुनिश्चित किया जाना है। इसकी अनुमानित लागत ३५० करोड़ रुपये है।

राज्य महिला आयोग ने दी डॉ.कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि
रायपुर, ३० जुलाई २०१५ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय में कल शाम आयोजित शोक सभा में देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती हर्षिता पाण्डेय ने डॉ.कलाम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सपना बंद आखों से नहीं, बल्कि खुली आंखों से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम स्वप्न दृष्टा युग पुरूष थे। उनकी मृत्यु देश के लिए अपूरणीय क्षति है। शोक सभा में आयोग के कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन में सांसदों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी-केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री
जयपुर, 30 जुलाई। केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही अपने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आधारित समीक्षा एवं निगरानी समिति गठन किया जाएगा। कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव प्रताप रूडी ने बिहार, झारखंड, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के सांसदों से मुलाकात के दौरान समिति के गठन के बारे में बताया जिसमें स्थानीय सांसदों को अध्यक्ष तथा जिला कलेक्टरों को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। समिति के सदस्यों को अपने संसदीय क्षेत्र में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेेरित करने की जि मेदारी दी जाएगी। साथ ही समिति के सदस्य प्रशिक्षण की निगरानी, आकलन एवं प्रमाणीकरण, प्रभावी प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ लगातार कार्य एवं साझेदारों से समन्वय स्थापित करेंगे जिससे सभी अपने कर्तव्य का निर्वहन सही ढंग से करें। इसके अतिरिक्त समिति के सदस्य प्रशिक्षणार्थियों की प्रत्येक शिकायतों को दूर करने का भी प्रयास करेंगे। इस अवसर पर सांसदों ने समिति के जमीनी स्तर पर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अनेक सुझाव भी दिए। श्री हुकुमदेव नारायण यादव ने जिला आधारित मांग पर जोर दिया ताकि लोगों को जरूरी कौशल का प्रशिक्षण दिया जा सके।  गोंडा से सांसद श्री निशांत दुबे ने कहा कि स्थानीय सांसदों को विश्वनीय प्रशिक्षकों को चयन करने की जि मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार तथा झारखंड जैसे राज्यों में बड़ी सं या में अकुशल श्रमिकों की सं या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर कौशल विकास की आवश्यकता पर विशेष महत्व देना चाहिए। कोटा के सांसद श्री ओम बिरला ने कहा भविष्य के मानव संसाधन की आवश्यकताओं का आकलन अत्यधिक जरूरी है तथा उसे प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप भी बनाया जाना चाहिए। बिहार से सांसद श्री जर्नादन सिंह सिगरीवाल ने कहा कि योजना में आए प्रत्येक व्यक्ति को अकुशल, अद्र्वकुशल तथा कुशल श्रमिकों के तौर पर वर्गीकृत करना चाहिए जिससे कौशल व्यापार की शुरूआत की जा सके। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के संरक्षण में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा 15 जुलाई 2015 को विश्व युवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के द्वारा इस वर्ष 24 लाख युवाओं को प्रशिक्षण करने का लक्ष्य है।

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