दिल जीतने, दिमाग नहीं, दिल की जरुरत

व्ही.एस.भुल्ले। कहते है बगैर दिल के दिमाक शून्य और बगैर दिमाक के दिल शून्य हो जाता है। अर्थात दोनों ही एक दूसरे के पूरक है। ऐसे में राजनीति, संस्कृति, सार्वजनिक जीवन में छवि चमकाने की होड़ ने भले ही देश की 95 प्रतिशत आजादी को इस सच से अनभिज्ञ रखा होगा। मगर देश के दिल की भावनाओं ने इसे सिरे से नकार दिया। जिस तरह शिक्षा जुबान और संस्कृति का ज्ञान कराती है उसी प्रकार सफलता दिल और दिमाक की कड़ी मेहनत ही सन्तुलन के आधार पर दिलाती है।

मगर जो प्रचलन आज हमारे समाज में दिमाक को लेकर चल निकला है भले ही वह आसिंक सफलता दिलाता तो मगर स पूर्ण सफलता नहीं।
कारण साफ है कि आज भी कई राजैनतिक दलो के नौनिहाल और बड़े-बड़े दलो के नेता बाजारु एजेन्सियों का सहारा ले अपनी-अपनी छवि चमकाने की असफल कोशिस में लगे है। मगर दिल के आगे सब के सब फैल है और हो भी क्यों न, क्योंकि  दिमाक अपने स्वार्थ और दिल सर्वकल्याण की सोचता है क्योंकिे उसमें ही परमात्मा का वास होता है।
अगर ऐसे में परमात्मा को भुला लेाग, स्वयं भू परमात्माओं की आवाज पर चलना चाहते है तो फिर सफलता कैसी ?
क्योंकि आज सत्ता सर्वोपरि और साम्राज्य बनाये रखना अहम हो, तो ऐसे में विधा बांटने वालो की तो चांदी कटना तय है। जिसके पीछे बड़े-बड़े ल बरदार ओहदेदार लाखों करोड़ों लुटा रहे है। शायद इनका यहीं दुर्भाग्य है जिस देश में मिट्टी से बनी प्रतिमा के गुरु से अर्जुन से बेहतर धनुरधर एक लव्य बनते है। उस देश के लिये एक लव्य की कहानी से बेहतर क्या हो सकता है। फैसला उनको करना है जो राजनीति को व्यापार और सल्तनत को किसी सीईओ के सहारे चलाना चाहते है।

महिलाओं और बालिकाओं की आवासीय संस्थाओं में सुरक्षा के लिए साढ़े तेरह सौ महिला होमगार्ड तैनात
रायपुर, २३ जुलाई २०१५ छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित १२९३ आवासीय संस्थाओं (आश्रम-छात्रावास) में सुरक्षा की दृष्टि से साढ़े तेरह सौ महिला होमगार्डों को तैनात किया गया है। छत्तीसगढ़ नगर सेना के महानिरीक्षक ने आज यहां बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की आवासीय संस्थाओं में सुरक्षा के उद्देश्य से महिला नगर सैनिकों की भर्ती के लिए शासन द्वारा वर्ष २०१३ में एक हजार महिला होमगार्ड पद सृजन की मंजूरी दी गई थी। इसी कड़ी में चयनित ७८१ महिला होमगार्डों को अगस्त २०१४ में प्रशिक्षित किया गया और इन्हें मिलाकर कुल १३५४ महिला नगर सैनिकों को १२९३ महिला आश्रम और छात्रावासों में तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि महिला नगर सैनिक इन आश्रमों और छात्रावासों में चौबीस घण्टे तैनात रह कर अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन कर रही है।

यपुर में पी.पी.पी. मॉडल पर नया ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट विकसित किया जाये- सांसद श्री राम चरण बोहरा
जयपुर, 23 जुलाई। जयपुर के सासंद श्री राम चरण बोहरा ने केन्द्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री डॉं. महेश शर्मा से भेंट कर वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ एवं सुविधाओं के अभाव से अवगत करवाते हुए जयपुर में एक नये ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट बनाने की मांग की है। श्री बोहरा ने भेंट के दौरान कहा कि जयपुर में भी हैदराबाद, बंगलौर, पुणे एवं नवी मु बई की तर्ज पर एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पब्लिक प्राईवेट-पार्टनरशिप मॉडल के तहत् विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के माध्यम से जयपुर के नजदीक एयरपोर्ट हेतु 3000-4000 एकड़ भूमि चिन्हित करके उस पर नवीन सुविधाओं पर आधारित उक्त एयरपोर्ट विकसित किया जाना चाहिए। श्री बोहरा ने बताया कि वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट पर किसी भी प्रकार की कोई विस्तार योजनाओं का क्रियान्वयन संभव नहीं है क्योंकि जयपुर एयरपोर्ट चारों तरफ से घनी आबादी से कवर हो चुका है। इसलिए यहां पर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका भविष्य में विस्तार संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त जयपुर एयरपोर्ट के यात्री आंकड़ों के अनुसार यहां पर यात्रियों की सं या में प्रतिवर्ष लगभग 8-10 प्रतिशत की वृद्घि हो रही है। साथ ही वर्तमान मेंं एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 से इसकी क्षमता से अधिक यात्रियों का इस टर्मिनल भवन से आवागमन हो रहा है। उन्होंने बताया कि जयपुर शहर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है एवं यहां पर दिन-प्रतिदिन पर्यटकों की सं या मेंं बहुत अधिक बढोत्तरी हो रही है। जयपुर एयरपोर्ट दिल्ली के सबसे नजदीक होने के कारण दिल्ली का वैकल्पिक हवाई अड्डा भी है एवं यहां पर राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक संवृद्घि को बढ़ाने हेतु किए जा रहे प्रयासों से यहां भविष्य में औद्योगिक संवृद्घि बहुत अधिक पैमाने में वृद्घि होने की संभावना है। इनको ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि लगभग 15-20 वर्ष में जयपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों एवं यात्रियों की सं या में हो रही वृद्घि को देखते हुए जयपुर में एक नए ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जाये। केन्द्रीय मंत्री से भेंट के बाद श्री बोहरा ने बताया कि मंत्रालय ने उक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए सैद्घांतिक सहमति व्यक्त की है तथा इसके कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।

जैसलमेर एयरपोर्ट को पुन: चालू किया जाये
श्री बोहरा ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री ए.गजपति राजू पूसापति को पत्र लिखकर मांग की है कि जैसलमेर एयरपोर्ट को पुन: चालू कराकर इंडियन एयर लाइंस व निजी एयर लाइंस की विमान सेवाओं को विशेष प्रोत्साहन देकर चालू कराई जाए। जिससे पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और प्रदेश को राजस्व का लाभ होगा। एक अन्य पत्र में नागर विमानन मंत्रालय से मांग करते हुए श्री बोहरा ने कहा कि जयपुर को खुजराहो-दिल्ली, आगरा-खुजराहो, जोधपुर-जैसलमेर, जोधपुर-अहमदाबाद-मु बई के साथ ही जयपुर को ज मू से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाये क्योंकि उक्त स्थान पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
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