यात्राओं के साथ, जीवट संवाद भी जरुरी

विलेज टाईम्स। यूं तो देश भर में राहुल की यात्राऐं विगत 5-6 वर्ष से चल रही है और वह कॉग्रेस में जान फूकने कड़ा संघर्ष भी कर रहे है मगर जिस भारत भ्रमण जीवट संवाद की उ मीद देश को चापलूस, चाटूकार, बौद्धिक चोरों से इतर थी। शायद उसकी पूर्ति करने में वह कामयाब नहीं हो पा रहे।

जब देश की जनता व्यवस्था को लेकर दु:खी हैरान परेशान है तब वह राहुल से सीधा संवाद चाहती है ऐसे में निर्धारित एजेसिंयों और ऑफिस स्टाफ द्वारा स्वयं का नाम न बताने की संस्कृति बताती है।

कि राहुल के ऑफिस में सब कुछ ठीक नहीं, जबकि देश आज भी स्व.राजीव जी के रुप में राहुल को चाहता है। मगर न जाने क्यों उन्हें स्व.राजीव जी की कार्य प्रणाली और उनके सोच से भाई लेाग दूर रखना चाहते है। देश जानता है कि वह भी स्व.राजीव जी की तरह एक नेक दिल और भले इन्सान है। और वह अपने देश के लिये कुछ करना चाहते है अपने परिवार की तरह आम गरीब, मजदूर, किसानों की लड़ाई लडऩा चाहते है। और विगत वर्षो से लड़ भी रहे है। फिर क्या कारण है जो आज भी उन्हें देश या गांधी परिवार के सदस्य के रुप में फ्री हेन्ड नहीं, दिया जा रहा।

जो लोग यह मानते है, कि राहुल में वो क्षमतायें नहीं, जो इस देश के लिये निर्णायक हो, शायद वह गलत फहमी में है। सच तो यह है कि राहुल के पास वो क्षमतायें और वो जज्वां भी अपने पिता स्वर्गीय राजीव जी की तरह युवा साथी एवं  अनुभवी नेताओं की ल बी चौड़ी फौज और कॉग्रेस का भरा पूरा इहिास है, जिसकी अपेक्षा देश व देश वासियों को राहुल से है।
मगर कॉग्रेस का दुर्भाग्य कि एक संघर्षशील, मेहनत कश युवा नेता, किन्तु, परन्तु के काकस में उलझ मजबूर नजर आता है, आखिर क्यों ?

क्या व्यापम पर सफाई, जन भावनाओं के विरुद्ध....?
विलेज टाई स, म.प्र. जिस तरह से भाजपा आलाकमान ने म.प्र. की पवित्र भूमि पर आकर जनभावनाओं के विरुद्ध सफाई देने का अघोषित निर्देश दिया है यह किसी भी नेक दिल इन्सान के विरुद्ध अन्याय ही है। क्योंकि स पूर्ण सच जनता के सामने लाने का जि मा देश की महान संस्था सीबीआई के हाथो है। जो देश के सर्वोच्च न्यायलय के निर्देश पर काम कर रही है। अब जबकि समुचा मामला देश के सर्वोच्च न्यायलय के संज्ञान में है। ऐसे में सच को बताने की पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सत्ताधारी दल, विपक्ष के साथ जनभावना के विरुद्ध दो-दो हाथ करना चाहता है। यह भी एक कड़वा सच कि म.प्र. की जनता ने स पन्न, खुशहाल जीवन के लिये भाजपा सरकार को प्रचण्ड बहुमत दिया था मगर उसे क्या पता था कि वह जिस इन्सान को प्रचण्ड बहुमत दे रही है वह भले ही नेक दिल इन्सान हो, मगर क्या वह किसी और का मुखौटा हो सकता है। जिसके चेहरे की आड़ में प्रदेश की प्रतिभा तार-तार हो रही है। इतना ही नहीं, वह नस्ल भी बर्बाद हो रही है। जो धन, बल, सत्ता बल का उपयोग कर अपना बेहतर भविष्य गढऩे का सपना देख रही है।
मगर व्यापम के भूत ने सभी को तबाह कर दिया। अब व्यापम का सच जनता तक पहुंचाने की बात हो रही है। जिसमें बाकायदा भोपाल, इन्दौर, उज्जैन, ग्वालियर में पी.सी. करने वरिष्ठ नेता ही , नहीं केन्द्रीय मंत्री की भी तैनाती हुई है।
परिणाम जो भी हो, मगर व्यापम में किसी न किसी नेक दिल इन्सान की राजनैतिक कुर्बानी अवश्य तय है।


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