बगैर आधार, जनाकांक्षाओं पर पलीता तय, प्रधानमंत्री जी

व्ही.एस.भुल्ले। विलेज टाईम्स, म.प्र. 10 जुलाई 2015 -
भारत सरकार की शान और जनाकांक्षाओं से जुड़ी योजनाओं की जान, आधार कार्ड योजना अगर अधर में अटक चुकी है, तो यह कहना कोई अति संयोक्ति न होगी। क्योंकि उसमें गफलत इस हद तक बढ़ चुकी है कि लाख प्रयासों के बावजूद न तो पूरे आधार कार्ड ही बन सके और जिन लेागों के आधार कार्ड अपलोड हो बन चुके है उन्हें सहज हासिल नहीं, अब ऐसे में वोटर कार्ड, समग्र आई.डी. पी.डी.एस. न बर, कैसे लिंग्ड हो, जिससे जनधन, बीमा, अटल पेन्शन या अन्य राहत कैसे नसीब होगी, यह अब म.प्र. में आज सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है, जिसका उत्तर आना स्वभाविक है। 
अगर हम म.प्र. के शिवपुरी जिले का ही उदाहरण ले तो 18 लाख की जनसं या वाले इस जिले में यूं तो लगभग 9 लाख लेागों के आधार कार्ड ऑन लाइन हो बन चुके है। अगर सूत्रो की माने तो बमुश्किल लाख, डेढ़ लाख लेागों को ही यह आधार कार्ड प्राप्त हो सके है। जिसमें अधिकांश लेागों को तो स्वयं के पैसे खर्च कर ऑन लाइन प्राप्त करना पढ़े है।
ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि आधार का लिंक वोटर आई.डी., समग्र या राशन कार्ड,  आई.डी. कैसे लिंक हो रहा होगा अन्दाजा लगाया जा सकता है। 
जबकि देखा जाये तो आधार कार्ड बनाने भारत सरकार द्वारा अलग से एक एथारिटी है जिसके द्वारा विभिन्न जगहों पर ऑन लाइन आधार कार्ड बनाने बेन्डर है जो निर्धारित डाकूमेन्ट जानकारी, फोटो, फिंगर प्रिंट ले ऑन लाइन अपलोड करते है और लगभग 1 माह में भारतीय डाक विभाग द्वारा दिल्ली से कार्ड सीधे घर के पते पर पहुंचने की बात कहते है जैसी कि व्यवस्था है कि आधार कार्ड निर्धारित वेन्डर कहीं से भी अपलोड कर सकते है। मगर आधार कार्ड दिल्ली से ही प्रिन्ट हो डाक विभाग द्वारा ही वितरित किये जायेगें। इसके अलावा 15 दिवस बाद ऑन लाइन भी कार्ड का प्रिन्ट प्राप्त कर सकते है। 
मगर म.प्र. के शिवपुरी जिले में 18 में से 9 लाख आधार कार्ड बन चुके है। तो फिर लेागों तक पहुंचे क्यों नहीं ? यह सोचनीय विषय है। जबकि म.प्र. के इस जिले में विगत 4 माह में ही लगभग 4 लाख आधार कार्ड बनाये गये है। जिनमें से अधिकांश लेागों के अप्राप्त है जैसी कि चर्चा है अगर म.प्र. के 51 जिलों में से एक जिले में ही आधार कार्ड का आधार ऐसा है तो भविष्य की कल्पना की जा सकती है। 
क्योंकि आधार न बर ही वह न बर है जिससे वोटर, समग्र, राशन, सब्सिटी, बीमा को लिंक होना है। जो भारत सरकार की जनकल्याणकारी, योजनाओं, राहत और न जाने किस-किस सुविधा में अहम रोल रखने वाला है। 
मगर डाक व्यवस्था और कार्ड में जिस तरह से लेागों के पते और पिन कोड सहित नाम के प्रिन्ट में त्रुटिया हो रही है। वह आने वाले समय में कॉफी घातक होगीं। और शासन की माहती योजनाओं को पलीता लगाने काफी होंगी।  बेहतर हो समय के रहते म.प्र. के आधार समन्वयक, कलेक्टर, वेन्डर और दिल्ली में बैठी एथारिटी ध्यान दे कि आधार कार्ड पर नाम, पिता का नाम और पता ठीक से प्रिन्ट हो, और डाक विभाग की जबावदेही तय हो, कि समय से लेागों तक उनके आधार कार्ड पहुुंच सके। तभी कुछ हो पायेगा बरना ऐसा ही चलता रहा तो सारे करे कराये पर पानी फिर जायेगा। जो शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं और आम गरीब के लिये भविष्य में काफी घातक होगा।  

 छत्तीसगढ़ राजपत्रों में छपाई संबंधी समाधान अब दूरभाष पर
 रायपुर, १० जुलाई  २०१५ राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार शासकीय मुद्रणालय में राजपत्रों के प्रकाशन के पश्चात राजपत्रों को सबंधित वेबसाइट सीजीडॉटएनआईसीडॉटइन/ईजीएजेडईटीटीई (ष्द्द.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/द्गद्दड्ड5द्गह्लह्लद्ग) पर अपलोड किया जा रहा है, ताकि आम जनता को राजपत्र की प्रति सहजता से उपलब्ध हो सकें । निर्णय के अनुसार राजपत्रों का ई-गजट के माध्यम से प्रकाशन होने के कारण अब राजपत्र की हॉर्ड-कॉपी (मुद्रित प्रति ) उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। राजपत्रों के मुद्रण के संबंध में कोई विभाग समाधान चाहता है तो वे दूरभाष नम्बर पर साधारण राजपत्र हेतु (राजनांदगाव मुद्रणालय) के फोन नम्बर ९०९८८-९४९९७ एवं ७८७९२-६०४७३ और असाधारण राजपत्र हेतु (नया रायपुर मुद्रणालय) के दूरभाष ९४०६१-४४६७१ पर  सम्पर्क कर मुद्रण संबंधी समाधान की जानकारी प्राप्त  कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राजपत्रों में साधारण राजपत्र एवं असाधारण राजपत्र में छपाई संबंधी समाधान के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के समस्त विभाग, विभागाध्यक्षों को परिपत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए है । विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राजपत्रों का जनवरी २०१५ से ई-गजट के माध्यम से प्रकाशन किए जाने तथा सबंधित साईट से किस प्रकार राजपत्र की प्रति का प्रिन्ट आऊट प्राप्त किया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत एवं स्पष्ट अनुदेश दिए गए

आधार कार्ड न बर को मतदाता फोटो पहचान पत्र से जोडऩे के लिए 12 जुलाई विशेष शिविर
जयपुर, 10 जुलाई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य में 3 मार्च से 31 जुलाई, 2015 तक मतदाता सूचियों के शुद्घिकरण एवं प्रमाणीकरण के लिए राष्ट्रीय अभियान के दौरान राज्य में लगभग 1.50 करोड़ मतदाताओं के आधार न बर, ई-मेल आई.डी. एवं मोबाइल न बर की सूचना का संकलन कर लिया गया है। आधार कार्ड न बर को मतदाना फोटो पहचान पत्र से जोडऩे के लिए 12 जुलाई को राज्य के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्र पर विशेष शिविर आयोजित किया जायेगा। मु य निर्वाचन अधिकारी डॉ. गोविन्द शर्मा ने बताया कि इस अभियान के दौरान अभी तक एकत्रित किए गए   1.50 करोड़ मतदाताओं की सूचना में से लगभग 98 लाख मतदाताओं के आधार कार्ड न बर की एन्ट्री आयोग के हृङ्कस्क्क  पोर्टल पर कर दी गयी है। डॉ. शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 जुलाई, 2015 को राज्य के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बूथ लेवल अधिकारी प्रात: 9.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक उपस्थित रहकर मतदाता सूचियों में पंजीकृत मतदाताओं के आधार कार्ड न बर, उनके ई-मेल आई.डी. एवं मोबाइल न बर की सूचना निर्धारित प्रपत्र में भरवाकर प्राप्त करेंगे। इसके साथ-साथ यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में जुडऩे से रह गया है तो उनसे भी प्रपत्र 6 में आवेदन पत्र भरवाकर प्राप्त किए जायेंगे। इसी प्रकार से मतदाता सूची की प्रविष्टि में शुद्घि हेतु एवं मृत, स्थानान्तरित मतदाताओं के नाम विलोपित करने हेतु निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र भी प्राप्त किए जाएंगे। मु य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान आयोग द्वारा ऐसे मतदाता जिनके पास एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र है अथवा जिनके नाम एक से अधिक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में है उनसे भी एक स्थान की मतदाता सूची में नाम रखने हेतु घोषणा पत्र भरवाया जाएगा। उनके द्वारा इस प्रकार की घोषणा करने पर उनके विरुद्घ दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि इस अभियान का अंतिम शिविर 12 जुलाई, रविवार को लगाया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक सं या में मतदान केन्द्र पर जाकर आधार कार्ड का मतदाता सूची में पंजीयन करवाएं। इसके लिए आधार कार्ड की फोटो प्रति साथ ले जायें। मु य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोई भी मतदाता स्वयं भी आधार कार्ड न बर को मतदाता सूची के डेटाबेस से लिंक कर सकते हैं। इस हेतु आयोग द्वारा दो प्रकार की सुविधाएं प्रदान की गयी हैं। यदि किसी मतदाता के पास इन्टरनेट की सुविधा है तो भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल 222.द्गष्द्ब.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/222.ठ्ठ1ह्यश्च.द्बठ्ठ पर जाकर अपने आधार कार्ड न बर को मतदाता सूची के साथ जोड़ सकते है। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि मतदाता इन्टरनेट सुविधा के अभाव में अपने मोबाइल फोन से टेलीफोन न बर 51969 या 166 या 199 पर श्वष्टढ्ढरुढ्ढहृ्य ह्यश्चड्डष्द्ग<श्वक्कढ्ढष्ट हृह्वद्वड्ढद्गह्म्>स्क्क्रष्टश्व<्रड्डस्रद्धड्डड्डह्म् ठ्ठह्वद्वड्ढद्गह्म्>  अंकित कर एसएमएस कर सकते हंै।  मु य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि  इस अभियान के दौरान मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलक्टर), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हंै।
डॉ. शर्मा ने मतदाताओं से आह्वान किया कि यदि पंजीकृत मतदाता जिनके पास आधार न बर उपलब्ध है वे अपने आधार न बर को मतदाता सूची के डेटाबेस से लिंक करवाएं जिससे समय-समय पर निर्वाचन संबंधी सभी जानकारी उन्हें घर बैठे मिल सके।
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