जांच को तैयार, इस्तीफे से इंकार...

व्ही.एस.भुल्ले @तीरंदाज
भैया- ये कौनसा, कैसा लोकतंत्र है कि सत्ता में बैठते ही बात-बात पर इस्तीफे की मांग शुरु हो जाती है। कै आने वाले समय में हारे जैसे, चौंगा, टी.व्ही. चिन्दी, पन्ने वाले ही देश चलायेगें। और चिल्लाने वाले इस्तीफो के लिये ऐसे ही गला फाड़ चिल्लायेगें या फिर संवैधानिक संस्थाओं में बैठे लेाग भी कभी अपना कत्र्तव्य निभायेगें। ऐसी कैसी नैतिकता भाया, कि लेाकतंत्र के नैतिक मूल्यों की तस्वीर लगा हर कोई इस्तीफा मांगेगा और मीडिया ट्रायल भी स्वयंर्भू जांच का पुलिन्दा बन इस्तीफा मांगेगा। अगर ऐसे में हारे महान नेता या नेत्री किसी के भी इस्तीफे से इंकार करे तो हर्ज ही क्या ?

कौन नहीं जानता लेाकतांत्रिक राजनीति का असली चेहरा, अब ऐसे में मने तू ही बता कि आखिर कै करुं ऐसे दल और इस महान लेाकतंत्र का। फिलहाल तो हारे महान मोदी जी ने अपने ड्रीम प्रोजक्ट गरीब का अपना घर, सहित स्मार्ट, अमृत शहर की 4 लाख करोड़ की येाजना हाथो हाथ लांच की है। जिन्हें 2022 तक मूर्त रुप लेना है। जिसमें 100 स्मार्ट 500 अमृत शहर व 2 करोड़ घर होगें। अब इसे भाई मोदी का दर्द कहे या सपना या फिर चुनावी वादे का विराम, मगर क्या ऐसे में हारे दल के नेता या नैत्रियों और नीतियों की धुलती साख के चलते आने वाले समय में हारे दल की इज्जत और गरीबों को सर छिपाने छत मिल पायेगी।

भैये- चुप कर मुये कै थारे को मालूम कोणी की 4 लाख करोड़ क्या होवे। जिससे देश में एक सेकड़ा शहर स्मार्ट तो 5 सेकड़ा शहर अमृत बनने वाले है। इतना ही नहीं मुये, थारे जैसे गरीबों को एक, दो नहीं पूरे 2 करोड़ मकान बनने वाले है।

भैया- मगर मैं विघन सन्तोषियों का कै करुं, जो बात-बात पर हारे महान नेताओं के इस्तीफे मंागने खड़े हो जाते है। कभी धरना, प्रदर्शन तो कभी रैली लेकर, पुतला दहन में जुट जाते है। मने तो बोल्यू भाया कुछ दिन और ऐसा ही चलता रहा, तो आने वाले समय में कहीं हारी सरकार की भी तो हारे मोन मेाहन सरकार की तरह तो नहीं धुल जायेगी।

भैये- तने तो बावला शै, वहां तो प्रायवेट लिमिटेड ही नहीं पूरी लिमिटेड बन कर सरकार चल रही थी। डूबता जहाज देख हर भागीदार को खुद को बचाने की पढ़ी थी। अगर स्वयं के स्वार्थो की बिना पर जहाज डूब लिया, तो इसमें हारे जैसे गरीब का कै दोष, जो भाई लेाग हम चौंगा, टी.व्ही., चिन्दी, पन्ने वालो को भी कोसने से नहीं चूकते। कै थारे को हारे कैडर वालो पर कोई शक, हारा तो नारा है, न खायेगे, न खाने देगें, अच्छे दिन आयेगें, सबका साथ, सबका विकास, अगर हारी एक साला सरकार में एक भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप हो तो बता, अब आरोप लगे या इस्तीफे हो थारे को क्या ?

भैया- मने समझ लिया थारा इसारा, सुनो सबकी, करो मन की, जिस तरह से हारे म.प्र. में हारी कैडर वेश सरकार चल रही है, और हर किसी को कुछ न कुछ रेबड़ी बट रही है, इसी फॉरमूले पर अन्य प्रदेशों में भी हम कैडर वालो की सरकारे चल जायेगी, मगर कम खोलकर कर सुनने ले भाया।
हालात जो भी रहे, मगर अब कर्नाटक जैसी स्थति अन्य किसी राज्य मेें नहीं दोहराई जायेगी, क्योंकि हम पूर्ण बहुमत है, जय,जय श्रीराम,भारत माता की जय, वन्दे मातरम।

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