सड़को पर दौड़ती, खुलेआम मौत: कुछ तो करो माननीय, श्रीमानो

व्ही.एस.भुल्ले। दिन हो या रात सड़कों पर फर्राटे भरती मौत का, आखिर कोई तो निदान होगा। शराब पीकर या नशे में धुत वाहन चलाने वालो का कोई तो इलाज होगा, सीमित सड़कों पर बैतरजीह वाहन और बैलगाम वाहनो का कुछ तो करना होगा।


कुछ तो करिये माननीय, श्रीमानों हम बड़े ही बैहाल यात्रा करते वक्त या सड़क पर चलते वक्त हमें नहीं पता कि हमारे सुनहरे भविष्य की यात्रा कब अन्तिम यात्रा में बदल जायेगी। और रोती विलखती खुशियों भरी, हमारी ये दुनिया कब मातम में बदल जायेगी। इसलिये कि आप संवैधानिक रुप से सक्षम है। आप कानून बना सकते है उसका पालन करा सकते है। उदाहरण हमने हमारे महान संविधान को अंगीकार कर अपनी सारी शक्तियां आप मे निहित कर छोड़ी है। और आप लोगों के रहते हम अब भी क्यों हैरान परेशान है ?

कारण वाहनों को सड़क पर दौडऩे व दौड़ाने वालो को लायसन्स देने वाला परिवहन विभाग केवल लायसन्स देने व टेक्स बसूली तक अपनी जबावदेही समझता है। वहीं ढेर सारी जबावदेही ओढ़े हमारा पुलिस महकमा कुछ राशि जुर्माना कर सकता है।
जैसा कि वर्तमान में प्रचलित भी है मगर इस सबके बावजूद उत्साह या नशे में दौड़ते अनिन्त्रित वाहनों का काबिला नहीं रुक रहा है।
माननीय आपको चाहिए जिस तरह से फॉर व्हीलर्स में वेल्ट क पनी लगाकर देती वैसे ही क पनियाँ बसो, ट्रको में सीट बेल्ट क्यों नहीं लगाती है। साथ ही बसो में सीटों का डिजाइन और ट्रको में बॉडी का डिजाइन क्यों नहीं सुरक्षित बनाती है। और 2व्हीलर वाहन निर्माता क पनियाँ, बाइक या स्कूटर के साथ ही हैलमैट क्यों आवश्यक रुप से मुहैया नहीं कराती है। रहा सवाल असुरिक्षत ड्रायविंग का तो क्यों परिवहन विभाग या जिला कलेक्ट्ररों द्वारा हर कस्बा स्तर पर ड्रायविंग कक्षाये चलवाई जाती है। जिससे बेरोजगारों को रोजगार और वाहनो को चलाने वाले समझदार ड्रायवर मिल सके।
हमारी अक्षुण बुद्धि में जो भी था हमने उगल दिया अब तो माननीय, श्रीमानों आपकी बारी है कुछ तो करो हम बड़े बैहाल और सड़कों पर दौड़ती मौंतो से दहशत में है।

मध्यप्रदेश पूर्वी एशियाई देशों में इन्वेस्टमेंट डेस्क स्थापित करेगा
भोपाल : मंगलवार, जून २३, २०१५, पूर्वी एशियाई देशों में मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन डेस्क स्थापित करेगा। केन्द्र के सहयोग से प्रदेश में ड्राय पोर्ट स्थापित किया जायेगा। साथ ही देश के समुद्री पोर्ट में मध्यप्रदेश के लिये विशेष सुविधा स्थापित की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ निवेश संवर्धन समिति की बैठक में निर्देश दिये। बैठक में वाणिज्य-उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, खनिज एवं जनसंपर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और परिवहन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पूर्व एशियाई देशों से निवेश को प्रोत्साहन देने विस्तृत योजना बनायी जाये। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में किये गये कार्यों और निवेश की सिंगल डोर पॉलिसी के बारे में इन देशों के औद्योगिक संगठनों को अवगत करवाये। बैठक में पूर्व एशियाई देशों द्वारा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री हरिरंजन राव ने प्रस्तुतिकरण दिया। बताया गया कि ताईवान सहित अन्य पूर्व एशियाई देश भारत में निवेश की संभावनाएँ तलाश रहे हैं। इन देशों को भारत की इलेक्ट्रॉनिक नीति आकर्षित कर रही है। बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माण के लिये ग्वालियर में देश का पहला पी.सी.बी. क्लस्टर बनाया जायेगा। इसके लिये प्रदेश में प्रिफेन्सियल मार्केट एक्सेस नीति लागू करने का सुझाव दिया गया। साथ ही प्रदेश में चीनी भाषा सीखने की व्यवस्था, प्रदेश की औद्योगिक नीतियों की जानकारी चीनी भाषा में उपलब्ध करवाने तथा ओरिएन्टल कल्चर सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया गया। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिये मध्यप्रदेश एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना की प्रक्रिया और नीति का अनुमोदन किया गया। इस योजना में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों को पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, अधोसंरचना व्यय की पूर्ति, विभिन्न करों और शुल्क से छूट की सुविधा दी जायेगी। बैठक में मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक, भूमि एवं प्रबन्धन नियम २०१५ के तहत औद्योगिक प्रयोजन की भूमि आवंटन की प्रब्याजि की गणना भूमि के मूल्य पर दी गई छूट को प्रभावी करने के बाद करने पर विचार किया गया। बैठक में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अजयनाथ, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आर.के स्वाई, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

खरीफ फसलों के ३.४६ लाख क्विंटल बीज वितरित : कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा खाद-बीज के भण्डारण और वितरण की समीक्षा
रायपुर, २३ जून २०१५ अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अजय सिंह ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में खरीफ २०१५ के लिए विभिन्न फसलों के बीजों और उर्वरक भण्डारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की जरूरत के मुताबिक खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं से भी खाद-बीज की कमी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को खाद-बीज वितरण की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि खरीफ २०१५ के लिए धान सहित विभिन्न फसलों की तीन लाख ४६ हजार ८९३ क्विंटल बीजों का वितरण हो चुका है। सहकारी समितियों में अब तक पांच लाख ४७ हजार ४४५ क्विंटल बीजों का भण्डारण किया गया है। इनमें से तीन लाख २० हजार २१६ क्विंटल धान के बीज वितरित किए गए हैं। अरहर दो हजार ०१८ क्विंटल, उड़द ८३४ क्विंटल, मूंग ४७६ क्विंटल और सोयाबीन १८ हजार ५७३ क्विंटल, वितरित किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को खरीफ वर्ष २०१५ में दो लाख ४० हजार ७४० मीटरिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है। जिसमें से एक लाख ७७ हजार ७५७ मीटरिक टन उर्वरकों का वितरण हो चुका है।  वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ६५ हजार ९८४ मीटरिक टन उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में उद्यानिकी संचालक श्री भुवनेश यादव, कृषि संचालक श्री प्रताप राव कृदत्त, छत्तीसगढ़ राज्य कृषि एवं बीज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमृत खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बिजली चोरी रोकने की छापामार कार्यवाही 5 लाख 99 हजार का राजस्व निर्धारण
जयपुर, 23 जून। अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के सतर्कता दलों द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए की गई प्रभावी कार्यवाही के तहत मंगलवार को विभिन्न वृत्तों के 54 स्थानोंं पर छापामार कार्यवाही की जाकर कुल 45 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ कर कुल 5 लाख 99 हजार रुपए का राजस्व वसूली का निर्धारण किया गया। निगम के कार्यवाहक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) श्री सुरेन्द्र कुमार भाटी ने बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए 23 जून को की गई कार्यवाही के तहत बिजली चोरी के सामने आए मामलों में अजमेर वृत्त में 7 स्थानों पर जांच कर 6 स्थानों पर चोरी पकड़कर 82 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया। भीलवाड़ा वृत्त में 12 स्थानों पर जांच कर 9 स्थानों पर चोरी पकड़कर एक लाख 15 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया। नागौर वृत्त में 6 स्थानों पर जांच कर 5 स्थानों पर चोरी पकड़कर 65 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया। इसी प्रकार सीकर वृत्त में 12 स्थानों पर जांच कर सभी स्थानों पर चोरी पकड़कर एक लाख 97 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया। प्रतापगढ़ वृत्त में 6 स्थानों पर जांच कर 3 स्थानों पर चोरी पकड़कर 20 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया तथा उदयपुर वृत्त में 11 स्थानों पर जांच कर 10 स्थानों पर चोरी पकड़कर एक लाख 20 हजार रुपए का राजस्व निर्धारण किया गया।

विद्युत थानों द्वारा की गई कार्यवाही
कार्यवाहक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) श्री सुरेन्द्र कुमार भाटी ने बताया कि मंगलवार को विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थानों में विद्युत चोरों के खिलाफ कार्यवाही कर 22 प्रकरण दर्ज कर कुल 14 प्रकरणों का निस्तारण कर एक लाख 51 हजार 278 रुपए की वसूली की गई। उन्होंने बताया कि अजमेर में एक प्रकरण का निस्तारण कर 5 हजार 565 रुपए की वसूली की गई जबकि किशनगढ़ में 2 प्रकरणों का निस्तारण कर 25 हजार 234 रुपए की वसूली की गई। इसी प्रकार भीलवाड़ा में एक प्रकरण में 6 हजार 517 रुपए, नागौर में 2 प्रकरणों में 26 हजार 294 रुपए, मकराना में एक प्रकरण में 16 हजार 860 रुपए, झुंझुनूं  में एक प्रकरण में 24 हजार 750 रुपए, सीकर में एक प्रकरण में 5 हजार 305 रुपए, रींगस में एक प्रकरण में 3 हजार 746 रुपए, बड़ी सादड़ी में एक प्रकरण में 5 हजार 422 रुपए, उदयपुर में 2 प्रकरणों में 25 हजार 169 रुपए तथा सलू बर में एक प्रकरण में 6 हजार 416 रुपए की राशि वसूल की गई। साथ ही किशनगढ़ में एक व्यक्ति को गिर तार भी किया गया।

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