जल आन्दोलन: अब ठीक है, हमको कुछ नहीं पता

धमैन्द्र गुर्जर/विलेज टाईम्स,मप्र शिवपुरी। शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि सबसे मशहूर फिल्म शोले का डायलॉक शिवपुरी में चल रहे जल आन्दोलन, जल क्रान्ति को लेकर कभी सटीक बैठेगा। जिसमें गब्बर अपने तीन साथियो को गांव के भोले भाले निर्बल लेागों के हाथ, अपमानित हो लौटने पर उन्हें सजा देते वक्त कहता है अब ठीक है, तीन आदमी तीन गोली, किस खाने में जिन्दगी, किस खाने में मौत, हमको कुछ नहीं पता, कुछ नहीं पता ,, ऐसा ही शिवपुरी में विगत दिनों से सिन्ध के पानी को लेकर चल रहे आन्दोलनो को देखकर लगता है। शान्ति पूर्ण चल रहे जल आन्दोलन, जलक्रान्ति में फिलहाल धरना ज्ञापन, और अनिनिश्चत कालीन धरना 100 फीसदी स्वेच्छता से बाजार बन्द एवं हर रविवार जल आन्दोलनों की बैठको का दौर चल रहा है।


मगर कोई नहीं कह सकता कि सिन्ध शिवपुरी कब तक आयेगी ? या फिर आयेगी भी, या फिर कभी नहीं आयेगी। मगर जिस अन्दाज में शिवपुरी में जल आन्दोलन, जल क्रान्ति का आगाज हुआ है। उसे देखकर लगता है बात बहुत दूर तलक जायेगी, शिवपुरी वासियों को सिन्ध का पेयजल हालिया मिले न मिले अगर ऐसा ही कुछ और दिनों तक चला तो इतना तो तय है। कि कुछ दलो ही नहीं, कई राजनेताओं की राजनीति अवश्य खत्म हो जायेगी। जैसी कि स भावनाऐं चर्चाओं में सुनाई देती है।

जल क्रान्ति के आव्हन पर स्वेच्छा से लगभग 100 फीसदी बन्द इस बात के स्पष्ट संकेत है कि पानी को लेकर शिवपुरी की जनता किस हद तक लाल पीली बैठी है। भले ही कुछ लेागों को आज भी यहीं मुगालता है कि ये तो शिवपुरी शहर है इसका क्या जब यह 30 साल तक कुछ न कर सकी तो अब क्या कर लेगा।

ऐसा सोचने वालो को समझ लेना चाहिए कि शिवपुरी का उपचुनाव में समुची सरकार की करारी हार, और गत लेाकसभा चुनाव में शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से जीतने वाले सांसद की हार ने साबित कर दिया है। कि जनता का आक्रोश क्या कुछ नहीं कर सकता। जबकि शिवपुरी के लिये योजनाओं की झड़ी लगाने स्थानीय सांसद ने कोई कोर कसर शिवपुरी के विकास में नहीं छोड़ी, मगर परिणामों के आभाव में जनाक्रोश की दिशा कैसी होती है, इसका अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। बहरहॉल जो भी हो सिन्ध के जल को लेकर आन्दोलन की शुरुआत भले ही कलेक्ट्रट पर धरना, ज्ञापन के रुप में शुरु कर विलेज टाई स संपादक वीरेन्द्र शर्मा ने लेाकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बैनर तले सिन्ध को लेकर एकता परिषद के श्री रामप्रकाश शर्मा के साथ राष्ट्रपति के नाम 3 मर्तवा धरना, ज्ञापन सौंप शुरु की हो, मगर अगली कड़ी के रुप में शहर के हित में अब उसके परिणाम जल आन्दोलन, जल क्रान्ति के रुप में सामने आने लगे है। यह शिवपुरी शहर ही नहीं शहर वासियों सहित जल आन्दोलन एवं जल क्रान्ति से जुड़े लेागों के लिये शुभसंकेत है जिसमें हर जागरुक नागरिक अपनी अहम समस्या के लिये आन्दोलित होने पर मजबूर है।

योग को जीवन का अंग बनाये
भोपाल : रविवार, जून २१, २०१५,मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि योग को जीवन का अंग बनाये। योग के माध्यम से उपयोगी तथा विलक्षण व्यक्तित्व बने तथा देश, प्रदेश और दुनिया को बेहतर बनाने में योगदान करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ लाल परेड मैदान पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य-स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थियों और नागरिकों के साथ योग किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जीवन में सक्षमता के साथ काम करने के लिये योग करना जरूरी है। योग को दिनचर्या से जोड़े और प्रतिदिन योग प्राणायाम करें। योग सारी दुनिया को जोड़ता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर आज भारत की प्राचीन विधा योग पूरी दुनिया की विधा बन गयी है। जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिये स्वस्थ शरीर आवश्यक है और शरीर को स्वस्थ रखने के लिये योग जरूरी है। योग और प्राणायाम से शरीर में स्वाभाविक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो शरीर को स्वस्थ रखती है। योग ऐसी वैज्ञानिक पद्धति है जिससे मन प्रसन्न रहता है और मस्तिष्क पूर्ण क्षमता से कार्य करता है। योग सबके कल्याण की विधा है। योग परमात्मा से जुड़ने का माध्यम है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उदबोधन सुना गया। कार्यक्रम में प्रार्थना, विभिन्न योग आसन, प्राणायाम, ध्यान और संकल्प किया गया। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में एन सी सी केडेट्स, अधिकारी-कर्मचारी, पुलिसकर्मी, नागरिक और योग प्रशिक्षक शामिल हुए।

एनटीपीसी की विदेशी उधारदाताओं मिलो
एनटीपीसी लिमिटेड ने हाल ही में मुंबई में अपनी १३ विदेशी उधारदाताओं मिलो का आयोजन किया। मिलो विदेशी बैंकों और कंपनी 'के बारे में वित्तीय संस्थानों का मूल्यांकन करने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन, विकास योजनाओं और धन की आवश्यकता। मिलो इसकी बड़े पैमाने पर विकास योजनाओं को ध्यान में रखते एक इष्टतम कीमत पर संसाधन जुटाने के लिए अपने हितधारकों के साथ संलग्न करने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और कोरिया के निर्यात आयात बैंक के लिए केएफडब्ल्यू, जर्मनी, जापान बैंक सहित भारत से प्रतिभागियों को देश और विदेश में प्रतिनिधित्व करने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों, घटना में भाग लिया। प्रस्तुतियाँ भारत की आर्थिक वातावरण और इस अवसर पर प्रभु रेटिंग्स की पृष्ठभूमि में कंपनी की ऋण की गुणवत्ता पर, अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों स्टैंडर्ड एंड पूअर्स और फिच रेटिंग द्वारा किए गए थे। श्री ्य.क्चद्बह्य2ड्डद्य, निदेशक (वित्त), एनटीपीसी प्रतिभागियों को संबोधित किया। श्री जी जे देशपांडे, लाल (पश्चिम-मैं), एनटीपीसी लिमिटेड, श्री सुधीर आर्य, कार्यकारी निदेशक (वित्त) और श्री के स्ह्म्द्गद्गद्मड्डठ्ठह्ल, महाप्रबंधक (वित्त) उपस्थित थे।

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