मुख्यमंत्री: तैंरई, पटा, पिंण्डदान योजना...?

व्ही.एस.भुल्ले@तीरंदाज। 
भैया- गर मने भी कभी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बना तो, हाथों हाथ आवाम के लिये तैरई, पटा, पिंण्डदान, योजना चलाऊंगा, हमारे अपने ही नहीं, पुरखों को भी मोक्ष प्राप्ति का मार्ग सुगम बनाऊंगा। बैसे भी हारे प्रदेश में गर्भ से लेकर जन्म तक कई दिवस आंगनबाडिय़ों में मांगलिक रुप से मय जन्म दिन के मनाये जाते है। जननी एक्सप्रेस, लाडली लक्ष्मी, स्तन पान, छात्रवृत्ति, मुफत शिक्षा, कॉपी, किताब, ड्रेस, साइकिल सभी तो मुहैया कराये जाते है। जीवन यापन हेतु रोजगार, स्वरोजगार हेतु प्रधानमंत्री, मु यमंत्री के नाम से अभियान चलाये जाते है।

इतना ही नहीं भाया उघोग, पशुपालन, चूजा, चूजी, दुकान, मकान, सिंचाई, खेती, उद्यान के भी लॉन दिलाये जाते है। युवाओं को भारत दर्शन तो बुजुर्गो को तीर्थ दर्शन और आम गरीब को अन्तोष्टि हेतु श्रम विभाग द्वारा सन निर्माण कर्मकार मण्डल द्वारा व्यवस्था कराई जाती है। मगर हारे जाने वाले बुजुर्गों और पुरखों के लिये कोई योजना आज तक नहीं बन पाई। इसलिये मने बोल्या भाया मने अब कोई न कोई यात्रा कर अपनी सरकार प्रदेश ही नहीं देश में अवश्य बनाऊंगा और अपने पूर्वजों सहित बुजुर्गो को तेरई, पटा, पिंण्डदान योजना चला उनकी आत्म शान्ति ही नहीं पुरखों की शान्ति करा उन्हें मोक्ष दिलाऊंगा।
भैये- तने सुशासन की पूर्व संध्या पर कै अर्र-बर्र बोला रिया शै। देश में चल रहे स्वच्छता, सुरक्षा, जनधन, अटल पेन्शन सहित एक साथ 170 देशों में होने वाले 21 जून को योग दिवस को नहीं देख रिया शै, कै तने भूल गया, सबका साथ सबका विकास, लगता है समय से पहले थारे जैसे भी अब गर्रा लिये है। सो तने गली का पार्षद तो कभी बना नहीं, प्रधानमंत्री, मु यमंत्री बनने के दिन, दोपहर तपती धूप में सूरा की तरह सपने देख रहा है। कभी खुद को मिस्टर हॉल, तो कभी छेदी लाल, तो कभी सुराख अली कह रहा है। और हारे जैसे चिन्दी पन्ने वालो को तेरई, पटा, पिंण्डदान की आक्रसक योजना बता रहा है।
भैया- मने जानू थारे जैसा चिन्दी पन्ने वाला हारे जैसे महान दलो की योजनाओं से इसी तरह जलता है और वेबजह ही हारी महान योजनाओं का बेतुका विश्लेषण कर छिद्रानवेशण करता रहता है। सच बोल्यू तो भाया हारा दल बच्चे, युवा, बुजुर्ग ही नहीं मरने वालो की मोक्ष प्राप्ति तक की परवाह करता है। इसलिये आने वाले चुनावों में हारा दल तेरई, पटा, पिंण्डदान योजना भ्रष्टाचार मुक्त लागू करने की घोषणा करता है। मने तो बोल्यू आने वाले चुनावों में, अब यहीं सबसे बड़ा मुद्दा होगा, जिस पर हारे दल की जीत का स पूर्ण आधार टिका होगा।
मने तो बोल्यू इस मुद्दे पर तो काड़ू भी हारा समर्थन करेगा। सच तो यह है भाया बस यहीं अहम मुद्दा है, अब जिसके चलते हारे दल को भारी बहुमत ही नहीं पूर्ण समर्थन भी मिलेगा, क्योकि अन्तोष्टि से तो आत्मा शरीर से निकलकर फिर किसी शरीर में चली जायेगाी और शरीर की मिट्टी सस मान बिदा हो जायेगी। और ऊपर बैठे हारे पुरखों के आर्शीवाद की गंगा सात पीढ़ी का आर्शीवाद एक-साथ हाथों हाथ दे जायेगी। तेरई जहां मृत आत्मा को शान्ति, तो पटा पुरखों तक को तृप्त कर जायेगी, वहीं पिंण्डदान वह अन्तिम क्रिया होगी, जो हारेे पुरखों तक को मोक्ष दिलायेगी। जिससे हारी सरकार को जिन्दों की दुआ जमीन पर, तो पुरखोंं का आर्शीवाद आसमान से सीधा प्राप्त कर पायेगी। बोल भैया कैसी रही।
भैये- कै बावला हुआ शै, जो तू हारे लेाकतंत्र में बैसर पैर के मुद्दे उछाल हारी भावनाओं को छेड़ रिया शै, जिन्दों को तो तारने में अच्छी-अच्छी सरकार, सेवकों के पसीने छूट रहे है। और थारे को तेरई, पटा, पिंण्डदान के मशखरे सूझ रहे है।
भैया- बात हारी ग भीर ही नहीं बुजुर्ग, पुरखों तक को स मान व न्याय दिलाने की है। गर इनकी व्यवस्था थारे लेाकतंत्र में न हो सकी, तो पक्का समझ, इस मर्तवा सरकार थारे दलो की नहीं, हारे दल की बनने वाली है। तब केवल अन्तोष्टि ही नहीं, तेरई, पटा, पिंण्डदान की योजना सबसे पहले बनेगी। और हर नागरिक को हारी सरकार से तेंरई पटा, पिंण्डदान के लिये आर्थिक मदद मिलेगी, फिर हारे सुशासन अभियान में भी भ्रष्टाचार मुक्त, हारी तेरई, पटा, पिंण्डदान की योजना चलेगी। 
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