अपराधों के सायलेन्स किलर साबित हुये एम.एल.छारी

20 मई 2015 म.प्र. शिवपुरी विलेज टाईम्स। कुल 180 दिन, 4722 हैलमेट चालान, 6 लाख 8 हजार 800 के जुर्माना, 1043 आबाकरी अपराध, 171 जुआ, 68 स_ा, 3 अवैध रेत ड फर 39 दिन 106 गांवों में डाटी पिटवा जनसंवाद, कई लूट अपहरण सहित अन्धी हत्याओं का पर्दाफास, और फिर ईनाम स्वरुप मात्र 6 माह अर्थात 180 दिन में ट्रान्सफर, शायद यहीं सच है शिव सरकार के सुशासन का। 

ऐसाा नहीं कि इस बदकिस्मत शिवपुरी के साथ, सुशासन के नाम ऐसा पहली मर्तवा हुआ है इससे पूर्व भी कई मर्तवा ऐसे ही यह जिला सुरक्षा के नाम शिकार होता रहा है। चाहे पूर्व पुलिस अधीक्षक रमन सिंह सिकरवार रहे हो, जो मात्र 3 माह ही रहे, चाहे महेन्द्र सिंह सिकरवार जिन्हें बीच पंचायती चुनावों में ही स्थानान्तरित होना पढ़ा। 

बहरहॉल शिव सरकार के सुशासन में जो हो जाये सो कम, सो एक और पुलिस अधीक्षक एम.एल.छारी के  रुप में मात्र छ: माह में बेहतर परफॉरमेन्स के बावजूद शिवपुरी से बिदा होना पढ़ा, तो यह आम व्यक्ति के लिये कोई अतिसंयोक्ति नहीं होना चाहिए। जनसंवाद, महिला सशक्तिकरण  के तौर पर शिवपुरी जिले में पहला मौका था जब अपराध और अपराधियों ही नहीं शराब, खनन माफियाओं से लोहा लेने 5 थाना चौकियों पर महिला अधिकारी तैनात है। जिसमें रेत माफिया का गढ़ माने जाने वाले अमोलपठा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन पर अंकुश और मात्र 6 माह में शराब माफियाओं के खिलाफ 1043 प्रकरणों में अपराध पंजीबद्ध, इतना ही नहीं 181 जुआ 68 स_ा और अपहरण में बच्चे की सकुशल वापसी बस, डकैती का खुलासा तथा हैलमेट न पहनने वालो के खिलाफ पूरी निष्पक्षता के साथ 4722 चालान के साथ 608800 रुपये के जुर्माना इस बात के गबाह है जिनका प्रचार-प्रसार न हो सका। कि पुलिस अधीक्षक के रुप में अपराध अपराधियों के लिये एम.एल.छारी कितने बड़े सायलेन्स किलर साबित हुये। 

जिसका पुरुस्कार भी इस भले अधिकारी को स्थानान्तरण के रुप में मात्र छ: महिने में ही मिल गया। और ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि सरकार का यह विशेष अधिकार जो है। 
मगर यहां यक्ष प्रश्र यह है कि आखिर वो कौन है जो शिवपुरी और शिवपुरी वासियों के साथ प्रतिशोध की राजनीति करना चाहते है। 
अभी तो शिवपुरी वासियों को विधुत, सड़क, सीवर लाइन, और शुद्ध पेयजल के हो लाले थे। मगर अब तो बात सुरक्षा पर आ गई है। 

सोचना होगा, शहर वासियों को, समझना होगा, उननेतृत्व करने वालो को, कि आखिर किसकी सह पर शिवपुरी वासियों से ऐसा प्रतिशोध लिया जा रहा है ? क्या गुनाह है, शिवपुरी वासियों का, कि 3-3 मर्तवा सी.एम.के कहने के बावजूद भी शिवपुरी वासियों को सिन्ध का शुद्ध पेयजल नसीब नहीं, जबकि सिन्ध जलावर्धन योजना बन्द हो, आज भी वहीं की वहीं खड़ी है। जहां वह आज से 7 वर्ष पूर्व खड़ी थी। क्यों शिवपुरी में स्वीकृत योजनाऐं सरेयाम लूट-पाट का केन्द्र या फिर अधूरी पढ़ी है। मगर अब तो सीधे-सीधे आम नागरिकों की सुरक्षा पर ही आन पढ़ी है। 

सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम अधिनियम, १९८४ में प्रस्‍तावित संशोधन के लिए सुझाव आमंत्रित 
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम, १९८४ में प्रस्‍तावित संशोधनों के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। प्रस्‍तावित संशोधनों के पीछे मुख्‍य उद्देश्‍य आंदोलन एवं अन्‍य तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक/निजी संपत्‍ति को नष्‍ट करने से संभावित उल्‍लंघन करने वालों को रोकना है। प्रस्‍तावित संशोधन इन संगठनों के पदाधिकारियों पर भी लगाम लगाएंगे।
उच्‍चतम न्‍यायालय ने न्‍यायमूर्ति के.टी. थॉमस की अध्‍यक्षता में एक समिति गठित की थी। उच्‍चतम न्‍यायालय के पूर्व न्‍यायाधीश के.टी. थॉमस की अध्‍यक्षता वाली इस समिति को उन तौर-तरीकों पर गौर करने का जिम्‍मा सौंपा गया था जिन्‍हें अपनाकर सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम, १९८४ को और ज्‍यादा कारगर बनाया जा सकता है। इस समिति को कुछ उपयुक्‍त बदलाव सुझाने का भी जिम्‍मा सौंपा गया था, जिससे कि इस अधिनियम को और ज्‍यादा सार्थक बनाया जा सके। समिति ने अपने निष्‍कर्ष में कहा था कि वर्तमान कानून सार्वजनिक संपत्‍ति को होने वाली क्षति के बढ़ते मामलों से निपटने के लिहाज से अपर्याप्‍त एवं अप्रभावी है। समिति ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम, १९८४ में संशोधन के लिए कुछ सिफारिशें की थीं। गृह मंत्रालय ने न्‍यायमूर्ति के.टी. थॉमस की अध्‍यक्षता वाली समिति की सिफारिशें स्‍वीकार करने का फैसला किया था। सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम, १९८४ के वर्तमान प्रावधान के साथ-साथ प्रस्‍तावित सार्वजनिक संपत्ति को क्षति की रोकथाम (पीडीपीपी) अधिनियम का मसौदा भी गृह मंत्रालय की वेबसाइट 222.द्वद्धड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ. पर उपलब्‍ध है। पीडीपीपी अधिनियम (संशोधन) विधेयक, २०१५ के प्रस्‍तावित मसौदे पर आम जनता और अन्‍य हितधारकों की ओर से २० जुलाई, २०१५ को अथवा उससे पहले सुझाव आमंत्रित हैं। ये सुझाव गृह मंत्रालय के सीएस प्रभाग, ५वीं मंजिल, एनडीसीसी बिल्‍डिंग, जय सिंह रोड, नई दिल्‍ली-११०००१ को भेजे जा सकते हैं। ये सुझाव ईमेल स्रद्बह्म्ष्ह्य१-द्वद्धड्डञ्चद्वद्धड्ड.द्दश1.द्बठ्ठ पर भी भेजे जा सकते हैं। 

मुख्यमंत्री ने किया मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र का लोकार्पण
रायपुर, २० मई २०१५ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामनुजगंज जिले के ग्राम सरनाडीह (ग्राम पंचायत दहेजवार) में चार लाख रूपए की लागत से निर्मित मॉडल आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों से मुलाकात कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। डॉ. रमन सिंह आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों से गिनती, दोहे और अंग्रेजी वर्णमाला सुनकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बच्चों को शाबाशी दी। डॉ. सिंह ने वहां आठ बच्चों का अन्न प्राशन्न संस्कार भी कराया। इस मौके पर गृहमंत्री श्री रामसेवक पैकरा, लोक सभा सांसद श्री कमलभान सिंह, पूर्व मंत्री श्री रामविचार नेताम और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि तथा मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा की घड़ी में  पूरी तरह पीडि़त परिवारों के साथ-ऊर्जा राज्य मंत्री
जयपुर, 20 मई। मंगलवार को आए तेज अंधड़ में धौलपुर में पांच लोगों की मृत्यु होने के बाद ऊर्जा राज्य मंत्री श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने बुधवार को पीडि़त परिवारों के घर जाकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी, प्रभावित गंावों में अंधड़ से हुए नुकसान का जायजा लिया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक आपदा की घड़ी में  पूरी तरह पीडि़त परिवारों के साथ है। प्रभावितों को अपने घर का पुनर्निमाण करने में नियमानुसार मदद की जाएगी। सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 सहायता राशि के चेक जारी किए गए हंै।ऊर्जा राज्य मंत्री ने जिला चिकित्सालय में भर्ती घायल मरीजों के हालचाल जाने। उन्होंने चिकित्सकों और परिजनों से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि घायलों को जल्द से जल्द स्वस्थ करने के लिए हर स भव प्रयास करें। उन्होंने जिला चिकित्सालय में ही कासिमपुरा तहसील धौलपुर निवासी लोकेन्द्र पुत्र गिर्राज को 4 लाख रुपये का सहायता चेक दिया। उन्होंने बण्डपुरा में मृतका रामकली के  परिजनों को भी 4 लाख रुपये का चेक दिया। ऊर्जा राज्य मंत्री ने सिजरौली में मृतका रामभोली पत्नी निरंजनसिंह, बण्डपुरा में मृतका राजाबेटी पत्नी बनबारीलाल, बण्डपुरा में ं ही मृतका रामकली पत्नी दलेलसिंह,  किलोलपुर में मृतक प्यारे पुत्र मंगला के घर पर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। सिजरौली में मृतक रामभरोसी के पुत्र शैलेन्द्र को भी चोट लगी थी। राज्य मंत्री ने शैलेन्द्र के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment